मुंबई/नई दिल्ली, 17 जून 2026।
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कुछ सांसदों के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sanjay Raut ने बागी नेताओं को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ सांसदों ने पार्टी और नेतृत्व के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी, लेकिन यदि वे इसके बावजूद दल बदलते हैं तो जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
राउत ने दावा किया कि कई सांसदों ने साईं बाबा और मां भवानी की शपथ लेकर पार्टी के साथ बने रहने का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा कि अगर कोई नेता ऐसी शपथ लेने के बाद भी पार्टी छोड़ता है, तो यह केवल राजनीतिक नहीं बल्कि नैतिक विश्वासघात भी माना जाएगा।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की चर्चाएं चल रही हैं। खबरें हैं कि कुछ सांसद अलग गुट बनाने या सत्ता पक्ष के करीब जाने की कोशिश कर सकते हैं। इन अटकलों के बीच राउत दिल्ली पहुंचे और पार्टी सांसदों से लगातार संपर्क बनाए रखा। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी एकजुट है और टूट की खबरें फैलाने की कोशिश की जा रही है।
इस बीच, Uddhav Thackeray ने भी संभावित बागियों को संदेश देते हुए कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे जा सकते हैं, लेकिन भविष्य में उन्हें अपने फैसले पर पछताना पड़ सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महाराष्ट्र में चल रहे कथित “ऑपरेशन टाइगर” और सांसदों की नाराजगी की खबरों ने राज्य की सियासत को फिर गर्म कर दिया है। ऐसे में संजय राउत का यह बयान पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने और संभावित बगावत को रोकने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
