स्थान: नई दिल्ली
दिनांक: 17 जुलाई, 2026
देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून का मिजाज एक बार फिर बिगड़ गया है। जहां उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में अगले 7 दिनों तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है [1.3.1, 1.3.2], वहीं जम्मू-कश्मीर में पिछले 15 दिनों के भीतर बादल फटने की घटनाओं ने व्यापक तबाही मचाई है [1.2.1, 1.2.2]।
यूपी-बिहार में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के राज्यों के लिए नई चेतावनी जारी की है [1.3.2, 1.3.3]।
- पूर्वानुमान: मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले 7 दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी [1.3.1, 1.3.2]।
- चेतावनी: इन राज्यों के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है [1.3.1, 1.3.2]। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का भी अलर्ट है [1.1.1, 1.3.1]। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है [1.1.2, 1.1.7]।
जम्मू-कश्मीर में 15 दिनों में 16 बार बादल फटे
पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है [1.2.1, 1.2.2]।
- गंभीर स्थिति: मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मानसून के आगमन के बाद से पिछले 15 दिनों में घाटी में कम से कम 15 से 16 बार बादल फटने (Cloudburst) की घटनाएं दर्ज की गई हैं [1.2.1, 1.2.2, 1.2.3]।
- भारी नुकसान: इन घटनाओं ने डोडा, अनंतनाग (पहलगाम), गंदेरबल और कुपवाड़ा जैसे जिलों में भारी तबाही मचाई है [1.2.1, 1.2.2, 1.2.3]। अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और मलबे के कारण कई घर, दुकानें, पुल और सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं [1.2.1, 1.2.3, 1.2.4]।
- विशेषज्ञों की चिंता: मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और तापमान में हो रही वृद्धि के कारण इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जो स्थानीय स्तर पर काफी विनाशकारी साबित हो रही हैं [1.2.1, 1.2.2]।
देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है, जिससे आने वाले कुछ दिनों में जनजीवन पर असर पड़ने की संभावना है [1.1.2, 1.3.3]।
