स्थान: अटलांटा (जॉर्जिया), अमेरिका
दिनांक: 16 जुलाई, 2026
स्पोर्ट्स डेस्क:
अमेरिकी सरजमीं पर खेले जा रहे फीफा विश्व कप 2026 में अर्जेंटीना ने एक बार फिर अपनी जादुई वापसी का परिचय देते हुए फाइनल का टिकट कटा लिया है। बुधवार रात अटलांटा स्टेडियम में खेले गए बेहद रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना अब रविवार को न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी में होने वाले खिताबी मुकाबले में स्पेन के खिलाफ उतरेगी।
अंतिम क्षणों में मेसी का ‘मास्टरक्लास’
मैच का अधिकांश समय इंग्लैंड के नाम रहा। एंथोनी गॉर्डन ने 55वें मिनट में गोल दागकर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी थी। ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड पहली बार फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को साकार कर लेगा, लेकिन लियोनेल मेसी ने मैच के आखिरी सात मिनटों में पूरा खेल पलट दिया।
- 85वां मिनट: मेसी ने शानदार पास दिया, जिस पर एंज़ो फर्नांडीज़ ने गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
- 90+2वां मिनट (स्टॉपेज टाइम): जब मैच एक्स्ट्रा टाइम की ओर बढ़ता दिख रहा था, तब मेसी ने एक सटीक क्रॉस दिया, जिसे लौटारो मार्टिनेज़ ने हेडर से गोल में बदलकर अर्जेंटीना को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिला दी।
इतिहास रचने की दहलीज पर अर्जेंटीना
अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप के फाइनल में पहुंची है। यदि वे रविवार को स्पेन को हरा देते हैं, तो अर्जेंटीना 1958 और 1962 में ब्राजील के बाद लगातार दो विश्व कप जीतने वाला पहला देश बन जाएगा।
“यह टीम कभी हार नहीं मानती। हम जानते थे कि यह कठिन होगा, लेकिन हमारा भरोसा और एकजुटता हमें यहां तक ले आई है।” — लियोनेल मेसी, कप्तान, अर्जेंटीना
मैच के मुख्य बिंदु
- अटलांटा स्टेडियम में रोमांच: 14 जुलाई की रात का यह मैच फीफा विश्व कप 2026 के सबसे यादगार मुकाबलों में गिना जाएगा।
- इंग्लैंड का दिल टूटा: हैरी केन की कप्तानी वाली इंग्लिश टीम 85वें मिनट तक मैच में आगे थी, लेकिन अंत में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड की टीम अब तीसरे स्थान के लिए फ्रांस के खिलाफ खेलेगी।
- फाइनल का मुकाबला: 19 जुलाई (स्थानीय समय) को न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी स्टेडियम में होने वाला फाइनल मुकाबला अब स्पेन बनाम अर्जेंटीना होगा।
अर्जेंटीना की इस ऐतिहासिक जीत के बाद दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमी मेसी के करिश्मे की चर्चा कर रहे हैं, जो 39 साल की उम्र में भी अपनी टीम के लिए ‘बीटिंग हार्ट’ (धड़कन) बने हुए हैं।
इस विश्व कप के फाइनल से जुड़ी हर अपडेट, मैच का विश्लेषण और खिलाड़ियों के इंटरव्यू
