इंदौर, 12 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कार्यक्रम के लिए पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का इस्तेमाल करने की तैयारी थी, लेकिन वहां अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने आयोजन का स्थान बदल दिया है। अब यह कार्यक्रम 19 सितंबर 2026 को रीजनल पार्क के सामने स्थित मैदान में आयोजित किया जाएगा।
नेहरू स्टेडियम में नहीं मिली अनुमति
कांग्रेस ने राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजन की अनुमति मांगी थी। शुरुआत में कार्यक्रम की तारीख 12 सितंबर रखी गई थी, लेकिन स्टेडियम में अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम को एक सप्ताह आगे बढ़ाकर 19 सितंबर कर दिया गया।
स्थानीय प्रशासन की ओर से स्टेडियम के इस्तेमाल को लेकर नियमों और पुराने न्यायिक निर्देशों का हवाला दिया गया। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव के अनुसार, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पुराने आदेश के तहत नेहरू स्टेडियम का इस्तेमाल खेल गतिविधियों या राज्य स्तरीय सरकारी आयोजनों के लिए किया जा सकता है।
कांग्रेस ने तलाशा नया मैदान
स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने वैकल्पिक जगह की तलाश शुरू की। आखिरकार रीजनल पार्क के सामने स्थित करीब 12,000 वर्ग मीटर जमीन को कार्यक्रम के लिए अस्थायी तौर पर लेने का फैसला हुआ।
इंदौर विकास प्राधिकरण की ओर से यह जमीन 17 सितंबर से 19 सितंबर तक तीन दिनों के लिए उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए सरकारी निर्धारित दर के अनुसार कांग्रेस को 10 लाख 8 हजार 175 रुपये, जीएसटी समेत, जमा करने पड़े। राशि जमा होने के बाद आयोजन के लिए अनुमति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
कार्यक्रम का नाम रखा गया ‘भारत जोड़ो मैदान’
नए आयोजन स्थल को शहर कांग्रेस की ओर से ‘भारत जोड़ो मैदान’ नाम दिया गया है। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। मैदान को आयोजन के लिए तैयार करने और आवश्यक व्यवस्थाएं करने का काम किया जा रहा है।
आयोजकों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कार्यक्रम में आने वाले लोगों की भीड़ के लिए पर्याप्त व्यवस्था करना है। कांग्रेस की ओर से दावा किया गया है कि कार्यक्रम के लिए करीब 1.50 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। हालांकि यह पार्टी की ओर से किया गया दावा है।
कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने स्टेडियम की अनुमति नहीं मिलने को लेकर प्रशासन और प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर जानबूझकर अड़चनें पैदा की गईं और इसी वजह से पहले तय कार्यक्रम स्थल को बदलना पड़ा।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि पार्टी को नए आयोजन स्थल के लिए भी कई दिनों तक प्रशासनिक प्रक्रिया में उलझना पड़ा। उनका कहना है कि शुरुआत में 12 सितंबर को नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण तारीख बदलकर 19 सितंबर करनी पड़ी।
भाजपा ने आरोपों को बताया राजनीति
दूसरी ओर, भाजपा की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि नेहरू स्टेडियम को लेकर फैसला किसी राजनीतिक दबाव की वजह से नहीं, बल्कि वहां के इस्तेमाल से जुड़े नियमों और न्यायालय के पुराने निर्देशों के आधार पर हुआ है।
महापौर की ओर से भी यही तर्क दिया गया है कि स्टेडियम के उपयोग की अनुमति निर्धारित नियमों के अनुसार ही दी जा सकती है। ऐसे में दोनों दलों के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
अब 19 सितंबर को होगा राहुल गांधी का कार्यक्रम
नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम नहीं होने के बाद अब कांग्रेस ने अपना पूरा फोकस नए स्थल पर कर दिया है। राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 19 सितंबर को रीजनल पार्क के सामने आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और छात्रों से संवाद करना तथा शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना बताया जा रहा है। कांग्रेस इसे छात्रों के बीच अपनी बात रखने और युवाओं से सीधे संवाद का महत्वपूर्ण कार्यक्रम मान रही है।
सुरक्षा और NOC की जिम्मेदारी आयोजकों की
रीजनल पार्क के सामने जिस जमीन को कार्यक्रम के लिए अस्थायी तौर पर उपलब्ध कराया गया है, उसके इस्तेमाल के साथ कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। आयोजन स्थल पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और संबंधित विभागों से जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) प्राप्त करने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।
इस तरह राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम को लेकर एक तरफ आयोजन स्थल का विवाद खत्म होता दिखाई दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अब निगाहें 19 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम पर हैं, जहां बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने का कांग्रेस दावा कर रही है।
