चेन्नई, 7 सितंबर 2026: भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी का क्रेज एक बार फिर देखने को मिला। चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम स्टेडियम यानी चेपॉक में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में वैभव बल्ले से बड़ी पारी भले नहीं खेल पाए, लेकिन मैदान पर मौजूद हजारों क्रिकेट प्रेमियों के बीच उनकी लोकप्रियता ने सभी का ध्यान खींच लिया।
ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेले जा रहे फाइनल मुकाबले के पहले दिन वैभव ने ईस्ट जोन की तरफ से बल्लेबाजी करते हुए 44 रन बनाए। लेकिन असली दिल जीतने वाला नजारा दिन का खेल खत्म होने के बाद देखने को मिला, जब युवा बल्लेबाज सीधे उन दर्शकों के पास पहुंचे जो पूरे दिन स्टैंड से उनका नाम पुकारते रहे थे।
वैभव को देखने चेपॉक पहुंचे बड़ी संख्या में फैन्स
दलीप ट्रॉफी जैसे घरेलू प्रथम श्रेणी मुकाबले में दर्शकों की इतनी दिलचस्पी आम तौर पर कम देखने को मिलती है, लेकिन वैभव सूर्यवंशी के आकर्षण ने इस फाइनल को खास बना दिया।
रविवार को चेपॉक के स्टैंड में बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। इनमें बहुत से क्रिकेट प्रेमी खास तौर पर वैभव को बल्लेबाजी करते देखने पहुंचे थे। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पहले दिन करीब 12 हजार दर्शक मैदान पहुंचे। स्टेडियम में उनकी बल्लेबाजी के दौरान लगातार उनके नाम की आवाज सुनाई देती रही।
बल्ले से बनाए 44 रन
ईस्ट जोन की ओर से बल्लेबाजी करने उतरे वैभव ने शुरुआत में अपने अंदाज में रन बनाए। साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने युवा बल्लेबाज के खिलाफ खास रणनीति अपनाई और फील्ड को इस तरह लगाया कि उन्हें लेग साइड में बड़ा शॉट खेलने के लिए मजबूर किया जा सके।
आखिरकार चामा मिलिंद की शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट लगाने की कोशिश में वैभव अपना विकेट गंवा बैठे। डीप मिडविकेट पर सब्स्टीट्यूट फील्डर तनय त्यागराजन ने उनका कैच पकड़ा। वैभव की पारी 44 रन पर समाप्त हुई।
आउट हुए तो स्टेडियम से निकलने लगे कुछ दर्शक
वैभव के आउट होते ही उनकी लोकप्रियता का एक और दिलचस्प नजारा देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक उनके आउट होने के बाद स्टेडियम में मौजूद कुछ दर्शक बाहर निकलने लगे।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता था कि बड़ी संख्या में लोग खास तौर पर इस युवा बल्लेबाज को देखने के लिए चेपॉक पहुंचे थे।
लेकिन जो फैन्स मैदान में रुके रहे, उनके लिए दिन खत्म होने पर वैभव ने एक यादगार पल बना दिया।
खेल खत्म हुआ तो सीधे फैन्स के पास पहुंचे
दिन का खेल खत्म होने के बाद जब खिलाड़ी पवेलियन की ओर लौट रहे थे, तब वैभव कुछ समय के लिए मैदान पर रुक गए।
इसके बाद वह उस स्टैंड की तरफ बढ़े जहां से दिनभर फैन्स उनका नाम पुकार रहे थे। युवा बल्लेबाज को अपनी तरफ आते देखकर दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया।
स्टैंड के पास पहुंचते ही फैन्स ने ऑटोग्राफ लेने के लिए अपनी कैप, जर्सी, नोटबुक और कागज आगे बढ़ाने शुरू कर दिए।
बिना जल्दबाजी दिए ऑटोग्राफ
इतनी भीड़ के बावजूद वैभव ने फैन्स को निराश नहीं किया। उन्होंने वहां रुककर कई दर्शकों को ऑटोग्राफ दिए।
किसी ने अपनी कैप आगे बढ़ाई तो किसी ने नोटबुक और जर्सी। युवा खिलाड़ी ने कई फैन्स की चीजों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान स्टैंड से लगातार उनका नाम सुनाई देता रहा।
चेपॉक में दिखा ‘वैभव फीवर’
वैभव सूर्यवंशी की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि घरेलू क्रिकेट के दलीप ट्रॉफी फाइनल को देखने के लिए चेपॉक में हजारों लोग पहुंचे।
इंडियन एक्सप्रेस ने भी रिपोर्ट किया कि पहले दिन वैभव की बल्लेबाजी देखने और बाद में उनका ऑटोग्राफ लेने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक मौजूद थे।
छोटी उम्र में बड़ी फैन फॉलोइंग
वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनका नाम तेजी से बड़ा होता जा रहा है। कम उम्र में आक्रामक बल्लेबाजी और कई चर्चित प्रदर्शनों ने उन्हें क्रिकेट प्रशंसकों के बीच लोकप्रिय बनाया है।
चेपॉक में दिखाई दी भीड़ इसी बढ़ती लोकप्रियता का उदाहरण थी। फाइनल जैसे बड़े घरेलू मुकाबले में दर्शकों का किसी एक युवा खिलाड़ी के लिए इस तरह उत्साहित होना अपने आप में खास रहा।
बल्ले से बड़ी पारी नहीं, फिर भी दिन वैभव के नाम
वैभव से चेपॉक में एक बड़ी पारी की उम्मीद थी। 44 रन बनाने के बाद वह आउट हो गए, लेकिन इसके बावजूद दिनभर उनकी चर्चा बनी रही।
उनके आउट होने पर दर्शकों की प्रतिक्रिया और खेल खत्म होने के बाद ऑटोग्राफ के लिए उमड़ी भीड़ ने साफ कर दिया कि इस युवा बल्लेबाज के प्रति क्रिकेट प्रशंसकों की दिलचस्पी सिर्फ उनके स्कोर तक सीमित नहीं है।
घरेलू क्रिकेट के लिए भी अच्छी तस्वीर
दलीप ट्रॉफी भारत के प्रमुख घरेलू प्रथम श्रेणी टूर्नामेंटों में से एक है। ऐसे मुकाबलों में स्टेडियम में बड़ी संख्या में दर्शकों का पहुंचना भारतीय घरेलू क्रिकेट के लिहाज से भी सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
वैभव जैसे युवा खिलाड़ियों की लोकप्रियता घरेलू क्रिकेट के मुकाबलों को भी ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने में मदद कर सकती है।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
मैच के बाद वैभव के फैन्स के बीच जाकर ऑटोग्राफ देने के वीडियो और तस्वीरें भी चर्चा में आए। स्टैंड के पास प्रशंसकों की भीड़ और वैभव के ऑटोग्राफ देते हुए दृश्य ने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान खींचा।
फैन कनेक्शन ने जीता दिल
खेल में किसी खिलाड़ी की पहचान उसके प्रदर्शन से बनती है, लेकिन मैदान के बाहर प्रशंसकों के प्रति उसका व्यवहार भी उसकी लोकप्रियता में बड़ी भूमिका निभाता है।
वैभव ने दिन का खेल खत्म होने के बाद जिस तरह समय निकालकर फैन्स को ऑटोग्राफ दिए, उसने वहां मौजूद लोगों के लिए इस मुकाबले को और यादगार बना दिया।
