भोपाल, 23 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक अधिवक्ता के साथ जहांगीराबाद थाना परिसर में कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद देर रात बड़ी संख्या में वकील थाने पहुंच गए। वकीलों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी और प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच का आश्वासन दिया।
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान शुरू हुआ विवाद
मामला मंगलवार रात का बताया जा रहा है। बैरागढ़ कलां निवासी 45 वर्षीय अधिवक्ता राकेश रावल खटलापुरा क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान गणेश प्रतिमा विसर्जन के चलते मार्ग पर यातायात व्यवस्था बदली गई थी।
इसी डायवर्जन को लेकर अधिवक्ता और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के बीच बहस होने की बात सामने आई है। इसके बाद राकेश रावल को जहांगीराबाद थाना परिसर ले जाया गया।
थाने में मारपीट का लगाया आरोप
अधिवक्ता राकेश रावल ने आरोप लगाया कि जहांगीराबाद थाने में थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उनके अनुसार, विवाद के बाद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया और मारपीट की।
वहीं, इस मामले में पुलिस की ओर से आरोपों की जांच की जा रही है। अभी तक जांच पूरी होने से पहले आरोपों को अंतिम रूप से साबित नहीं माना गया है।
साथी वकील को घटना की जानकारी मिली तो थाने पहुंचे
घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता जहांगीराबाद थाने पहुंच गए। वकीलों ने थाने के बाहर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और मामले में संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान देर रात तक थाने के बाहर वकीलों की मौजूदगी बनी रही। स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा।
21 साल से कर रहे हैं वकालत
राकेश रावल करीब 21 वर्षों से वकालत कर रहे हैं। घटना के बाद उनके साथी अधिवक्ताओं ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।
वकीलों का कहना था कि यदि किसी अधिवक्ता के साथ थाने के अंदर मारपीट हुई है तो इसकी स्वतंत्र जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच का दिया आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और पूरे घटनाक्रम को निष्पक्ष तरीके से देखा जाएगा।
जांच के दौरान घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जाएगा। इसके बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच बढ़ा तनाव
घटना के बाद जहांगीराबाद थाना परिसर के बाहर देर रात तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बड़ी संख्या में वकीलों के एकत्र होने के कारण पुलिस को स्थिति संभालने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करनी पड़ी।
फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों की ओर से निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होने की बात कही गई है।
