5 मैच में 0 विकेट, बल्ले से सिर्फ 25 रन… फिर भी टीम इंडिया में क्यों बने हुए हैं वॉशिंगटन सुंदर?

नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026। भारतीय क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर की जगह को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए सुंदर को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। हालांकि, उनके हालिया टी20 इंटरनेशनल प्रदर्शन पर नजर डालें तो आंकड़े बहुत ज्यादा प्रभावशाली नजर नहीं आते। पिछले पांच टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में सुंदर को एक भी विकेट नहीं मिला और गेंदबाजी में उन्होंने 12 ओवर में 121 रन खर्च किए हैं। वहीं इन पांच मैचों में बल्ले से उनके खाते में कुल 25 रन आए हैं।

पिछले पांच मैचों में विकेट का सूखा

वॉशिंगटन सुंदर के हालिया टी20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड की सबसे बड़ी चिंता उनकी गेंदबाजी को लेकर है। पिछले पांच मुकाबलों में उन्होंने कुल 12 ओवर गेंदबाजी की, लेकिन एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके।

इस दौरान उनके खिलाफ 121 रन बने। यानी उनकी इकॉनमी 10 रन प्रति ओवर से भी ज्यादा रही। टी20 जैसे छोटे प्रारूप में यह आंकड़ा किसी भी स्पिन गेंदबाज के लिए चिंता बढ़ाने वाला माना जा सकता है।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी सुंदर को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौका मिला था। उस मुकाबले में उन्होंने दो ओवर गेंदबाजी की और 17 रन दिए, जबकि बल्लेबाजी में 11 गेंद पर 11 रन बनाए।

इसके बाद नीदरलैंड्स के खिलाफ उन्होंने चार ओवर का पूरा स्पेल डाला, लेकिन विकेट हासिल नहीं कर सके। इस मैच में उन्होंने 36 रन दिए।

इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ भी नहीं चला प्रदर्शन

सुंदर का संघर्ष यहीं खत्म नहीं हुआ। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मुकाबले में उन्हें सिर्फ एक ओवर गेंदबाजी करने का मौका मिला और उस ओवर में उन्होंने 19 रन खर्च कर दिए।

आयरलैंड के खिलाफ भी स्थिति कुछ अलग नहीं रही। वहां भी एक ओवर में 19 रन दिए और विकेट उनके हाथ नहीं आया।

बल्लेबाजी में भी उनका प्रदर्शन बहुत खास नहीं रहा। आयरलैंड के खिलाफ उन्होंने 12 गेंदों पर 9 रन बनाए, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ आठ गेंदों पर सिर्फ 5 रन ही बना सके।

पांच मैचों का पूरा आंकड़ा क्या कहता है?

अगर सुंदर के पिछले पांच टी20 इंटरनेशनल मैचों को एक साथ देखें तो तस्वीर काफी साफ नजर आती है।

  • गेंदबाजी: 12 ओवर
  • रन: 121
  • विकेट: 0
  • इकॉनमी: 10 से ज्यादा रन प्रति ओवर
  • बल्लेबाजी: 25 रन

यानी गेंदबाजी में उन्हें विकेट नहीं मिला और बल्लेबाजी में भी वह बड़ी पारी खेलने में कामयाब नहीं रहे। यही वजह है कि अफगानिस्तान सीरीज के लिए उनके चयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

कप्तान का भरोसा भी आंकड़ों से अलग नजर आता है

सुंदर के हालिया टी20 रिकॉर्ड में एक और बात ध्यान खींचती है। उन्हें कई मुकाबलों में पूरा चार ओवर का स्पेल करने का मौका नहीं मिला।

पिछली 10 टी20 पारियों की गेंदबाजी पर नजर डालने पर केवल दो मौकों पर उन्होंने चार-चार ओवर पूरे किए। छह पारियों में उन्हें सिर्फ एक-एक ओवर गेंदबाजी करने का अवसर मिला, जबकि एक मैच में उन्होंने दो ओवर किए।

इससे यह सवाल भी उठता है कि क्या टीम प्रबंधन उन्हें नियमित गेंदबाजी विकल्प के रूप में देख रहा है या फिर मुख्य रूप से एक अतिरिक्त ऑलराउंडर के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है?

फिर टीम में क्यों मिल रही जगह?

हालांकि हालिया आंकड़े सुंदर के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन उनके चयन के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे बड़ा कारण उनका ऑलराउंड प्रोफाइल है।

सुंदर दाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के साथ-साथ ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हैं। ऐसे खिलाड़ी टी20 टीम में संतुलन बनाने में मदद करते हैं। टीम प्रबंधन को जरूरत पड़ने पर उनसे कुछ ओवर गेंदबाजी कराने और निचले क्रम में बल्लेबाजी कराने का विकल्प मिलता है।

इसके अलावा सुंदर का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी उनके पक्ष में जाता है। वह लंबे समय से भारतीय टीम के साथ जुड़े हुए हैं और अलग-अलग परिस्थितियों में खेल चुके हैं।

फिटनेस क्लीयरेंस के बाद हुई वापसी

सुंदर हाल में फिटनेस से जुड़ी परेशानी के कारण भी टीम से बाहर रहे थे। वह हैमस्ट्रिंग चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज नहीं खेल सके थे।

अब उन्हें फिटनेस क्लीयरेंस मिल चुका है और वह अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए उपलब्ध हैं।

यानी उनका चयन केवल मौजूदा प्रदर्शन के आधार पर नहीं देखा जा सकता। टीम प्रबंधन उनके फिट होने, ऑलराउंड क्षमता और भविष्य की योजनाओं को भी ध्यान में रख रहा होगा।

आईपीएल में बल्ले से दिखाया था दम

दिलचस्प बात यह है कि 2026 के आईपीएल में सुंदर का बल्ले से प्रदर्शन काफी बेहतर रहा था। उन्होंने 2026 आईपीएल में 377 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट करीब 150 रहा। उन्होंने इस दौरान कई उपयोगी पारियां खेलीं।

यही प्रदर्शन शायद उनके पक्ष में सबसे मजबूत तर्क है। हालांकि आईपीएल और इंटरनेशनल टी20 क्रिकेट में परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन आईपीएल में उनकी बल्लेबाजी क्षमता ने यह जरूर दिखाया कि वह निचले क्रम में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।

गेंदबाजी में भी वापसी की उम्मीद

सुंदर की गेंदबाजी को लेकर भले ही हालिया टी20 आंकड़े खराब हैं, लेकिन उन्हें केवल पिछले पांच मैचों के आधार पर आंकना भी पूरी तस्वीर नहीं बताता।

वह लंबे समय से भारतीय टीम में स्पिन ऑलराउंडर की भूमिका निभा रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट में भी वह गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दे चुके हैं। इसलिए टीम प्रबंधन उनसे उम्मीद कर रहा होगा कि फिट होकर वापसी के बाद वह अपनी गेंदबाजी में सुधार करेंगे।

अफगानिस्तान सीरीज होगी बड़ा मौका

अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज सुंदर के लिए खुद को साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी। टीम में स्पिन गेंदबाजी के कई विकल्प मौजूद हैं, ऐसे में प्लेइंग इलेवन में जगह पक्की करने के लिए उन्हें अपने प्रदर्शन से जवाब देना होगा।

खासकर मध्य ओवरों में विकेट निकालना और रन रोकना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। वहीं अगर बल्लेबाजी का मौका मिलता है तो निचले क्रम में तेज रन बनाकर वह टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

चयन पर बहस का असली मुद्दा

वॉशिंगटन सुंदर का मामला केवल यह सवाल नहीं है कि उन्होंने पिछले पांच मैचों में कितने रन या विकेट बनाए। असली सवाल यह है कि भारतीय टीम को उनसे किस भूमिका की उम्मीद है।

अगर टीम उन्हें मुख्य स्पिन गेंदबाज के रूप में देखती है तो हालिया 0 विकेट और 10 से ज्यादा की इकॉनमी चिंता बढ़ाती है। लेकिन अगर उन्हें बल्लेबाजी करने वाले अतिरिक्त ऑलराउंडर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है तो आईपीएल 2026 का उनका प्रदर्शन उनके चयन के पक्ष में मजबूत आधार देता है।

इसलिए अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में सुंदर का प्रदर्शन काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। अगर वह गेंद से विकेट निकालने और बल्ले से तेजी से रन बनाने में सफल रहते हैं तो मौजूदा सवालों का जवाब मैदान पर ही मिल जाएगा। वहीं अगर उनका प्रदर्शन फिर फीका रहा, तो टी20 टीम में उनकी जगह को लेकर बहस और तेज होना तय माना जा सकता है।

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