लखनऊ | 19 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर इलाके में चल रहे सावन महोत्सव में मंगलवार रात एक झूले का बकेट अचानक टूटकर नीचे गिर गया। हादसे के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई। झूले के टूटे हिस्से की चपेट में आने से तीन सगे भाई-बहनों समेत पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल पास के सुषमा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में दो घायलों का इलाज जारी बताया गया, जबकि तीन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
करीब 7:30 बजे मेले में पहुंचे थे बच्चे
जानकारी के मुताबिक, विभूतिखंड के नया गांव विजयीपुर निवासी 14 वर्षीय अंकिता सिंह अपने भाई सूर्या सिंह, बहन नैंसी और दोस्तों के साथ मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे इंदिरानगर के स्माइलगंज इलाके में लगे सावन महोत्सव में पहुंची थीं।
मेले में घूमने के बाद सभी बच्चे झूला झूलने गए। करीब 15 मिनट बाद झूला चलाया गया और इसी दौरान अचानक उसका एक बकेट टूट गया। टूटकर नीचे आया बकेट सीधे अंकिता के चेहरे से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
झूला रोकने की कोशिश, लेकिन तुरंत नहीं रुका
हादसे के बाद झूले पर मौजूद लोगों ने ऑपरेटर से मशीन रोकने की गुहार लगाई। घायलों और उनके परिजनों का आरोप है कि ऑपरेटर ने झूला तुरंत नहीं रोका।
इस दौरान घूमते हुए झूले के टूटे हिस्से की चपेट में सूर्या और नैंसी भी आ गए। इसके अलावा वहां मौजूद 16 वर्षीय निशा कुमारी समेत अन्य लोगों को भी चोटें आईं।
काफी हंगामे और लोगों के शोर के बाद झूला रोका गया। तब तक कुल पांच लोग घायल हो चुके थे।
एक लड़की को कई फ्रैक्चर
हादसे के बाद सभी घायलों को तत्काल सुषमा अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के सीईओ अर्पित सिंघल के अनुसार पांच घायल अस्पताल पहुंचे थे।
इनमें से तीन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि दो का इलाज जारी रहा। अस्पताल की जानकारी के अनुसार एक घायल लड़की के शरीर में मल्टीपल फ्रैक्चर पाए गए हैं। दूसरे घायल की स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होने की बात कही गई।
परिजनों ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना के बाद घायलों के परिवारों ने मेले में सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए।
परिजनों का आरोप है कि झूले में तकनीकी खराबी या सुरक्षा संबंधी कमी के बावजूद उसे तेज गति से चलाया जा रहा था। हादसे के बाद झूला तुरंत बंद नहीं किया गया, जिससे चोटिल लोगों की संख्या बढ़ गई।
अंकिता और नैंसी की मां पुष्पा सिंह ने मामले की जांच कराने और मेले में लगाए गए झूलों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग की है।
मेला संचालक पर भी आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद लोगों ने मेला संचालक को मौके पर पकड़ लिया था, लेकिन बाद में वह अफरा-तफरी का फायदा उठाकर वहां से निकल गया।
इस घटना के बाद पुलिस की भूमिका और मेले के संचालन की अनुमति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस संचालक और झूला ऑपरेटर की भूमिका की जांच कर रही है।
हादसे के बाद सभी झूले बंद
घटना के बाद प्रशासन ने सावन महोत्सव में लगाए गए सभी झूलों को बंद करा दिया। इससे मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
अब यह जांच का विषय है कि झूले को संचालन की अनुमति किन सुरक्षा मानकों के आधार पर मिली थी और हादसे से पहले उसकी तकनीकी जांच हुई थी या नहीं।
प्रत्यक्षदर्शियों में मची दहशत
हादसे के समय मेले में काफी लोग मौजूद थे। झूले का बकेट टूटकर नीचे गिरने के बाद अचानक चीख-पुकार शुरू हो गई।
जो लोग कुछ मिनट पहले तक मेले का आनंद ले रहे थे, वे हादसे के बाद घायलों की मदद में जुट गए। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
चूंकि सुषमा अस्पताल घटनास्थल के पास ही था, इसलिए घायलों को अपेक्षाकृत जल्दी चिकित्सा सुविधा मिल गई। अस्पताल की इमरजेंसी टीम को भी तुरंत अलर्ट किया गया।
सुरक्षा मानकों पर उठे बड़े सवाल
इस घटना ने शहर में अस्थायी मेलों और मनोरंजन झूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में बच्चे और परिवार पहुंचते हैं। ऐसे में झूलों की फिटनेस, नियमित तकनीकी जांच, ऑपरेटर की ट्रेनिंग और आपातकालीन व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है।
लखनऊ के इस हादसे के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि मेले में लगाए गए झूलों की सुरक्षा जांच कितनी गंभीरता से की गई थी।
तीन घायलों को मिली छुट्टी
अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक कुल पांच घायलों में से तीन को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं दो घायलों का उपचार जारी रहा।
एक किशोरी को कई फ्रैक्चर होने की बात सामने आई है, जिसके चलते उसे विशेष निगरानी में रखा गया।
हादसे के बाद प्रशासन के सामने चुनौती
अब प्रशासन के सामने दो प्रमुख चुनौतियां हैं—पहली, हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करना और दूसरी, भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए मेले में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना।
झूले के संचालन की अनुमति, उसकी तकनीकी स्थिति, ऑपरेटर की भूमिका और घटना के समय मौजूद सुरक्षा इंतजामों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
सावन महोत्सव में खुशी का माहौल बदला मातम में
सावन के मौके पर आयोजित यह महोत्सव स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन और धार्मिक माहौल का हिस्सा था। परिवार बच्चों के साथ मेले में पहुंचे थे।
लेकिन झूले का बकेट टूटने के बाद कुछ ही सेकंड में पूरा माहौल बदल गया। बच्चों और परिवारों के बीच दहशत फैल गई और घायलों को बचाने की कोशिश शुरू हो गई।
पूरे मामले में अब तक क्या सामने आया?
- हादसा 18 अगस्त की रात हुआ।
- स्थान स्माइलगंज, इंदिरानगर, लखनऊ है।
- झूले का एक बकेट टूटकर नीचे गिरा।
- तीन सगे भाई-बहनों समेत पांच लोग घायल हुए।
- सभी घायलों को सुषमा अस्पताल ले जाया गया।
- तीन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी मिली।
- दो घायलों का इलाज जारी रहा।
- एक लड़की को कई फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई।
- हादसे के बाद मेले के सभी झूले बंद करा दिए गए।
- परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था और मेला संचालन को लेकर सवाल उठाए।
