दिल्ली-NCR की हवा हुई खराब, AQI 250 के पार; नोएडा और फरीदाबाद में भी बढ़ा प्रदूषण

नई दिल्ली, 24 सितंबर 2026। दिल्ली-NCR में सितंबर के आखिरी दिनों में हवा की गुणवत्ता खराब होती जा रही है। गुरुवार को अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों और समय के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 200 से ऊपर दर्ज किया गया। कुछ स्रोतों में दिल्ली का AQI 250 के आसपास या उससे ऊपर भी दर्ज हुआ है। इस बीच नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे NCR के शहरों में भी हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी हुई है।

AQI में बढ़ोतरी के साथ हवा में PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कणों का स्तर भी चिंता का विषय बना हुआ है। दिल्ली के एक ताजा आंकड़े में PM2.5 करीब 115 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM10 करीब 167 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।

दिल्ली में AQI 250 के आसपास

24 सितंबर को दिल्ली की हवा अलग-अलग समय पर अलग स्तर पर दर्ज हुई। एक ताजा मॉनिटरिंग अपडेट में दिल्ली का AQI 273 बताया गया, जो 201-300 की श्रेणी में आता है। वहीं अन्य लाइव आंकड़ों में दिल्ली का AQI करीब 221 से 246 के बीच दर्ज हुआ। इससे साफ है कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर एक जैसा नहीं है।

दिल्ली में प्रदूषण का एक बड़ा हिस्सा महीन कणों से जुड़ा है। PM2.5 के छोटे कण सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, इसलिए AQI बढ़ने पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी समस्या वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

नोएडा और गाजियाबाद में भी खराब हवा

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के शहरों में भी वायु गुणवत्ता बेहतर स्थिति में नहीं है। 24 सितंबर के आंकड़ों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा का AQI 200 के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया गया। गाजियाबाद में भी AQI खराब स्तर पर रहा।

एक अन्य ताजा अपडेट में नोएडा के सेक्टर-125 में AQI 250 तक दर्ज किया गया। वहां PM2.5 और PM10 का स्तर भी बढ़ा हुआ बताया गया।

फरीदाबाद में भी प्रदूषण का असर

हरियाणा के फरीदाबाद में भी हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों में फरीदाबाद का AQI 200 के आसपास पहुंचा हुआ दिखाई देता है, हालांकि अलग-अलग मॉनिटरिंग स्रोतों में आंकड़े अलग हो सकते हैं।

NCR के शहरों में वाहनों से निकलने वाला धुआं, सड़क और निर्माण गतिविधियों से उठने वाली धूल तथा मौसम संबंधी परिस्थितियां स्थानीय वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं।

AQI बढ़ने पर किन लोगों को ज्यादा सावधानी?

जब AQI खराब या उससे ऊपर की श्रेणी में पहुंचता है, तो संवेदनशील लोगों के लिए बाहर लंबे समय तक रहना परेशानी पैदा कर सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या फेफड़ों से जुड़ी समस्या वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

प्रदूषण ज्यादा होने के दौरान अनावश्यक रूप से लंबे समय तक खुले में व्यायाम करने से बचना और स्थानीय स्वास्थ्य सलाह का पालन करना उपयोगी हो सकता है।

अलग-अलग जगहों पर AQI अलग क्यों?

दिल्ली-NCR में AQI हर जगह समान नहीं होता। इसका कारण अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों की लोकेशन, ट्रैफिक, स्थानीय निर्माण गतिविधियां, हवा की गति और अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियां हैं। इसी वजह से एक ही समय में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में AQI के आंकड़ों में अंतर दिखाई दे सकता है।

इसलिए किसी पूरे शहर की हवा की स्थिति समझने के लिए केवल एक स्टेशन के आंकड़े के बजाय कई निगरानी केंद्रों के आंकड़ों को देखना अधिक उपयोगी होता है।

आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर

दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर मौसम और हवा की गति के साथ बदल सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में AQI में सुधार या और बढ़ोतरी दोनों की संभावना बनी रहती है। फिलहाल 24 सितंबर के उपलब्ध आंकड़े NCR में हवा की गुणवत्ता को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत दिखाते हैं।

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