दतिया में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन: कार्यकर्ता सम्मेलन में 4 घंटे लेट पहुंचे दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी; बंद कमरे में हुई बैठक, उपचुनाव के लिए जल्द हो सकता है प्रत्याशी का ऐलान

स्थान: दतिया

दिनांक: 4 जुलाई, 2026

विशेष संवाददाता, दतिया:

भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव (By-election) की तारीखों की घोषणा करने के ठीक 48 घंटे के भीतर शनिवार को दतिया में कांग्रेस का बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। आगामी 30 जुलाई को होने वाले मतदान की रणनीतियों को धार देने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के इंतजार में कार्यकर्ताओं को भारी उमस के बीच घंटों बैठना पड़ा। निर्धारित समय से चार घंटे की देरी से पहुंचे दोनों दिग्गज नेताओं ने मंच से कार्यकर्ताओं में जोश भरा और इसके तुरंत बाद बंद कमरे में जिला कोर कमेटी की मैराथन बैठक की।

राजनैतिक गलियारों में मजबूत चर्चा है कि इस उच्च स्तरीय सांगठनिक बैठक के बाद कांग्रेस आलाकमान कभी भी दतिया उपचुनाव के लिए अपने आधिकारिक उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकता है।

देरी पर बोले पटवारी: “दिल्ली और भोपाल की व्यस्तताओं के कारण हुई चूक”

दतिया के पीतांबरा पीठ पैलेस के समीप गार्डन में आयोजित इस कार्यकर्ता सम्मेलन का आधिकारिक समय सुबह 11:30 बजे तय किया गया था। लेकिन दोनों शीर्ष नेता दोपहर बाद लगभग 3:45 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।

  • कार्यकर्ताओं का सब्र डिगा: सुबह से भूखे-प्यासे बैठे ग्वालियर-चंबल संभाग के सैकड़ों कार्यकर्ताओं में देरी को लेकर नाराजगी साफ देखी गई, जिसे भांपते हुए जीतू पटवारी ने मंच संभालते ही माफी मांगी। उन्होंने कहा कि भोपाल में महिला कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और दिल्ली आलाकमान के साथ अचानक हुई वर्चुअल मीटिंग के चलते वे समय पर नहीं पहुंच सके।
  • दिग्विजय की चेतावनी: मंच से संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन को सख्त लहजे में हिदायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डराने और फर्जी मुकदमों में फंसाने का खेल चल रहा है। सिंह ने कहा, “जो अधिकारी मर्यादा भूलकर एक राजनीतिक दल के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं, उनके नाम हमारे रजिस्टर में दर्ज हो रहे हैं। वक्त बदलते देर नहीं लगती।”

राजेंद्र भारती की बर्खास्तगी से खाली हुई सीट; कांग्रेस ने लगाया ‘जल्दबाजी’ का आरोप

दतिया की यह विधानसभा सीट मध्य प्रदेश की राजनीति में बेहद रसूखदार मानी जाती है। साल 2023 के नियमित विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने भाजपा के दिग्गज नेता और तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों से हराकर बड़ा उलटफेर किया था।

उपचुनाव की मुख्य वजह:

25 साल पुराने एक कॉपरेटिव बैंक धोखाधड़ी मामले में दिल्ली की विशेष कोर्ट द्वारा 3 साल की सजा सुनाए जाने के बाद, इसी साल 2 अप्रैल को मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने राजेंद्र भारती की विधायकी रद्द कर दी थी। भारती ने इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर 8 जुलाई को सुनवाई होनी है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और खुद राजेंद्र भारती ने इस सम्मेलन के दौरान आरोप लगाया कि जब मामला कोर्ट में लंबित है, तो निर्वाचन आयोग ने भाजपा के दबाव में आकर बेहद ‘जल्दबाजी’ में चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया है, ताकि विपक्ष को तैयारी का मौका न मिले।

टिकट रेस: इन नामों पर बंद कमरे में हुआ महा-मंथन

सम्मेलन के समापन के बाद दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और स्थानीय वरिष्ठ नेताओं ने बंद कमरे में टिकट चयन को लेकर गुप्त बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट से स्टे मिलने की उम्मीद के चलते राजेंद्र भारती के परिवार से ही किसी को मैदान में उतारने पर सबसे गंभीर चर्चा हुई है।

संभावित दावेदार का नामराजनैतिक बैकग्राउंड और समीकरणदावेदारी का मुख्य आधार
राजेंद्र भारती / पारिवारिक सदस्यपूर्व विधायक (बर्खास्त)नरोत्तम मिश्रा को हराने का अनुभव और जनता की सहानुभूति (Sympathy Wave)।
गुरूदेव शरण गुप्तावरिष्ठ कांग्रेस नेता, दतियास्थानीय वैश्य और व्यापारी वर्ग में मजबूत पैठ और लगातार सक्रियता।
अशोक दांगी (कुंआ)पूर्व जिला अध्यक्ष, कांग्रेसग्रामीण क्षेत्रों और ओबीसी (OBC) वोट बैंक में अच्छी पकड़।

चुनाव आयोग के शेड्यूल के अनुसार, 6 जुलाई को अधिसूचना जारी होगी और नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई तय की गई है। 3 अगस्त को होने वाली मतगणना से साफ हो जाएगा कि क्या कांग्रेस इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रख पाती है या भाजपा के नरोत्तम मिश्रा (या उनके समर्थित उम्मीदवार) अपनी पुरानी हार का बदला लेने में कामयाब होते हैं।

दतिया विधानसभा उपचुनाव की पल-पल की लाइव कवरेज, कांग्रेस-बीजेपी की अंतिम कैंडिडेट लिस्ट और पीतांबरा माई की नगरी के राजनैतिक घटनाक्रमों

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