भोपाल, मध्य प्रदेश | 14 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी की प्रस्तावित जनसभा को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। ओवैसी 15 सितंबर 2026 को भोपाल पहुंचने वाले हैं और शहर के सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर में उनकी जनसभा प्रस्तावित है। कार्यक्रम से एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी ने इसके विरोध में आवाज उठाई है। कमेटी ने प्रशासन से कार्यक्रम की अनुमति रद्द करने या उस पर दोबारा विचार करने की मांग की है।
मुस्लिम त्योहार कमेटी ने क्यों जताई आपत्ति?
मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी का कहना है कि ओवैसी के सार्वजनिक भाषणों और बयानों को लेकर पहले भी विवाद की स्थितियां पैदा होती रही हैं। कमेटी को आशंका है कि यदि भोपाल में प्रस्तावित सभा के दौरान कोई ऐसा बयान दिया जाता है, जिसे किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखा जाए, तो शहर का शांतिपूर्ण माहौल प्रभावित हो सकता है।
कमेटी ने अपने आवेदन में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द का हवाला देते हुए प्रशासन से कार्यक्रम की अनुमति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि भोपाल की गंगा-जमुनी तहजीब और शांतिपूर्ण वातावरण को देखते हुए ऐसे किसी भी आयोजन को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जानी चाहिए, जिससे तनाव की स्थिति पैदा होने की आशंका हो।
गणेशोत्सव के बीच कार्यक्रम को लेकर भी सवाल
कमेटी की आपत्ति का एक प्रमुख आधार कार्यक्रम का समय और स्थान भी है। ओवैसी की सभा सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर में प्रस्तावित है, जहां गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां भी चल रही हैं।
कमेटी का तर्क है कि इस समय शहर में धार्मिक आयोजन का माहौल है। ऐसे में किसी भी संवेदनशील या विवादित बयान से अनावश्यक तनाव पैदा होने की आशंका हो सकती है। इसी वजह से संगठन ने प्रशासन से कार्यक्रम की अनुमति पर फिर से विचार करने की मांग की है।
टी. राजा सिंह के कार्यक्रम का भी दिया हवाला
मुस्लिम त्योहार कमेटी ने प्रशासन के सामने एक और सवाल रखा है। संगठन ने कहा है कि यदि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के आधार पर बीजेपी विधायक टी. राजा सिंह के किसी कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी गई थी, तो फिर ओवैसी के कार्यक्रम के मामले में भी इसी तरह के मापदंड लागू किए जाने चाहिए।
कमेटी ने इसी तर्क के आधार पर ओवैसी की सभा की अनुमति वापस लेने की मांग की है। हालांकि, यह संगठन की आपत्ति और मांग है; इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति रद्द कर दी है।
प्रशासन को सौंपा गया आवेदन
रिपोर्टों के मुताबिक, मध्य प्रदेश मुस्लिम त्योहार कमेटी की ओर से गृह मंत्री, कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों को आवेदन देकर कार्यक्रम पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है। संगठन ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की बात कही है।
कमेटी ने यह भी कहा है कि यदि कार्यक्रम की अनुमति दी जाती है, तो सभा के दौरान दिए जाने वाले भाषण और वक्तव्यों में लागू कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। संगठन ने किसी भी ऐसे वक्तव्य पर कार्रवाई की मांग की है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होने या सार्वजनिक शांति प्रभावित होने की स्थिति पैदा हो।
15 सितंबर को क्या है ओवैसी का कार्यक्रम?
असदुद्दीन ओवैसी का भोपाल दौरा 15 सितंबर को प्रस्तावित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह दोपहर में भोपाल पहुंचेंगे और शाम को सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है।
इस सभा को AIMIM के मध्य प्रदेश अभियान के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पार्टी की ओर से प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में जन-जागरूकता अभियान और विरोध मार्च चलाया जा रहा है, जिसका समापन इस सभा के जरिए किए जाने की बात कही गई है।
किन मुद्दों पर बोल सकते हैं ओवैसी?
प्रस्तावित सभा में मुस्लिम समुदाय से जुड़े कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे उठाए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें कथित अन्याय, संवैधानिक अधिकार, धार्मिक स्थलों से जुड़े विवाद, मकानों पर कार्रवाई, मुस्लिमों के खिलाफ दर्ज मामलों और मॉब लिंचिंग जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं।
AIMIM की ओर से इन मुद्दों को लेकर लोगों के बीच राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में भोपाल की सभा पार्टी के लिए मध्य प्रदेश में अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी मानी जा रही है।
अब प्रशासन के फैसले पर नजर
फिलहाल विवाद का केंद्र यह है कि 15 सितंबर को प्रस्तावित ओवैसी की सभा को लेकर प्रशासन क्या फैसला करता है। मुस्लिम त्योहार कमेटी ने स्पष्ट रूप से अनुमति वापस लेने की मांग की है, जबकि ओवैसी की सभा के आयोजकों की ओर से कार्यक्रम निर्धारित समय पर आयोजित करने की तैयारी की जानकारी सामने आई है।
यानी ओवैसी के भोपाल पहुंचने से पहले ही कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द का मुद्दा भी सामने आ गया है। अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर है कि सभा को लेकर अनुमति में कोई बदलाव किया जाता है या कार्यक्रम तय योजना के अनुसार आयोजित होता है।
