वॉशिंगटन, 8 सितंबर 2026। अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के लिए चिंता बढ़ाने वाले संकेत सामने आए हैं। Reuters/Ipsos के ताजा सर्वे में ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। इसके साथ ही कांग्रेस के लिए अगर अभी चुनाव कराए जाएं तो डेमोक्रेटिक पार्टी को रिपब्लिकन पार्टी पर बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या ट्रंप की गिरती लोकप्रियता का सीधा असर रिपब्लिकन पार्टी की कांग्रेस में मौजूदा पकड़ पर पड़ेगा।
ट्रंप की लोकप्रियता बनी रिपब्लिकन के लिए चिंता
अमेरिका में राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच होने वाले मिडटर्म चुनाव को मौजूदा सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जाता है। 2026 का चुनाव भी ट्रंप प्रशासन के लिए इसी वजह से बेहद महत्वपूर्ण है।
Reuters/Ipsos सर्वे के मुताबिक ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। सर्वे में ईरान युद्ध और देश की अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी भी सामने आई है। ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट का असर अब रिपब्लिकन उम्मीदवारों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
डेमोक्रेट्स को 5 प्रतिशत अंक की बढ़त
सर्वे में रजिस्टर्ड वोटरों से पूछा गया कि अगर अभी कांग्रेस के चुनाव कराए जाएं तो वे किस पार्टी के उम्मीदवार को वोट देंगे। इस सवाल में डेमोक्रेट्स को रिपब्लिकन पार्टी पर 5 प्रतिशत अंक की बढ़त मिली।
इस सर्वे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि नवंबर के चुनाव में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी House of Representatives की सभी सीटों के लिए मुकाबला होगा। डेमोक्रेट्स इस चुनाव के जरिए रिपब्लिकन की मौजूदा बढ़त को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।
हाउस में बेहद मामूली अंतर
फिलहाल प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी के पास 218 सीटें, जबकि डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें हैं। यानी दोनों पार्टियों के बीच अंतर बेहद कम है।
डेमोक्रेट्स को बहुमत हासिल करने के लिए केवल कुछ सीटों का फायदा चाहिए। करीब 50 सीटों पर मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। ऐसे में अगर मौजूदा राजनीतिक माहौल चुनाव तक बना रहता है तो कई सीटों पर बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिल सकता है।
हाउस हाथ से गया तो ट्रंप के सामने बढ़ेंगी मुश्किलें
अगर डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर लेते हैं तो ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक परिस्थितियां काफी बदल सकती हैं।
डेमोक्रेट्स को ट्रंप प्रशासन की नीतियों और फैसलों की जांच शुरू करने के लिए अधिक राजनीतिक ताकत मिल सकती है। कांग्रेस की समितियों के जरिए प्रशासन के कामकाज की जांच और सुनवाई बढ़ सकती है।
इसके अलावा ट्रंप प्रशासन को कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए डेमोक्रेट्स के साथ समझौता करना पड़ सकता है। इससे राष्ट्रपति के लिए अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं को कांग्रेस से आसानी से मंजूरी दिलाना मुश्किल हो सकता है।
सीनेट का गणित अभी भी खुला
हालांकि केवल प्रतिनिधि सभा का चुनाव ही तस्वीर तय नहीं करेगा। अमेरिकी कांग्रेस के दूसरे सदन सीनेट पर भी सभी की नजर है।
Reuters के विश्लेषण के मुताबिक सीनेट पर नियंत्रण का मुकाबला अभी काफी करीबी माना जा रहा है। यानी डेमोक्रेट्स के लिए हाउस में वापसी की संभावना दिखाई दे रही है, लेकिन पूरे कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल करना अलग चुनौती होगी।
ट्रंप के लिए मिडटर्म चुनाव क्यों अहम?
अमेरिकी राजनीति में मिडटर्म चुनाव अक्सर राष्ट्रपति की लोकप्रियता का एक तरह का राजनीतिक जनमत परीक्षण बन जाते हैं। राष्ट्रपति की पार्टी अगर इन चुनावों में कमजोर होती है तो सरकार को आगे के दो वर्षों में विपक्ष के साथ ज्यादा समझौते करने पड़ सकते हैं।
2026 में ट्रंप के सामने भी यही चुनौती है। उनकी अप्रूवल रेटिंग में गिरावट और डेमोक्रेट्स की बढ़त ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए चुनावी रणनीति को और कठिन बना दिया है।
चुनाव से पहले दोनों पार्टियों की बढ़ी सक्रियता
नवंबर के चुनाव में अब लगभग दो महीने का समय बचा है। जैसे-जैसे मतदान नजदीक आएगा, ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी अपने समर्थकों को एकजुट करने पर जोर दे सकते हैं।
दूसरी तरफ डेमोक्रेट्स ट्रंप प्रशासन की नीतियों, अर्थव्यवस्था और अन्य प्रमुख मुद्दों को चुनावी अभियान का केंद्र बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सर्वे में डेमोक्रेट समर्थकों के बीच चुनाव को लेकर अधिक उत्साह भी दिखाई दिया है।
क्या रिपब्लिकन सच में सत्ता खो सकते हैं?
फिलहाल इसे निश्चित परिणाम नहीं माना जा सकता। सर्वे केवल मौजूदा राजनीतिक माहौल और मतदाताओं की पसंद का संकेत देते हैं। चुनाव तक उम्मीदवारों, मुद्दों, आर्थिक परिस्थितियों और ट्रंप की राजनीतिक रणनीति के कारण तस्वीर बदल सकती है।
लेकिन मौजूदा आंकड़े रिपब्लिकन पार्टी के लिए चेतावनी जरूर हैं। हाउस में केवल चार सीटों का अंतर और डेमोक्रेट्स की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़त बताती है कि नवंबर में कई सीटों पर कांटे की टक्कर हो सकती है।
इसलिए ट्रंप की गिरती अप्रूवल रेटिंग सिर्फ राष्ट्रपति की व्यक्तिगत लोकप्रियता का सवाल नहीं है, बल्कि इसका असर उन रिपब्लिकन उम्मीदवारों पर भी पड़ सकता है जो कांग्रेस में अपनी सीट बचाने के लिए चुनाव मैदान में उतरेंगे।
नवंबर में होगा असली फैसला
अभी के सर्वे रिपब्लिकन पार्टी के लिए खतरे की घंटी जरूर बजा रहे हैं, लेकिन अमेरिकी कांग्रेस का अंतिम गणित नवंबर के चुनाव परिणामों से ही तय होगा।
अगर डेमोक्रेट्स हाउस में बहुमत हासिल करते हैं तो ट्रंप के कार्यकाल के अगले चरण में राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है। वहीं रिपब्लिकन अपनी मौजूदा बढ़त बचाने में सफल रहते हैं तो ट्रंप प्रशासन को कांग्रेस में अपनी नीतियां आगे बढ़ाने के लिए अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति मिल सकती है।
फिलहाल ट्रंप की रिकॉर्ड निचली अप्रूवल रेटिंग, डेमोक्रेट्स की 5 प्रतिशत अंक की बढ़त और हाउस में बेहद मामूली सीट अंतर ने 2026 के मिडटर्म चुनाव को अमेरिकी राजनीति का बेहद महत्वपूर्ण मुकाबला बना दिया है।
