भोपाल | 13 अगस्त, 2026
मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक युवा विधायक का अंदाज चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अपनी कार्यशैली और सादगी से जनता का दिल जीतने वाले इस विधायक ने न केवल खुद को कानून के दायरे में रखकर मिसाल पेश की, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं को हल करने के लिए नई पीढ़ी यानी ‘जेन अल्फा’ (Gen Alpha) को साथ लेकर अनोखा जनआंदोलन खड़ा कर दिया है। स्वतंत्रता दिवस के ठीक पहले, जहां एक ओर देशभक्ति का माहौल है, वहीं इस विधायक ने नियमों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।
1. देशभक्ति के जोश में नियमों का पालन: विधायक ने कटवाया चालान
हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान विधायक का काफिला जब शहर से गुजर रहा था, तो सुरक्षा और जल्दबाजी के चक्कर में उनके चालक ने ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर दी। हालांकि, विधायक ने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और यातायात पुलिस को बुलाकर अपने ही वाहन का चालान कटवाया।
- संदेश: उन्होंने कहा कि “देशभक्ति का असली मतलब कानून का सम्मान करना है। यदि जनप्रतिनिधि ही नियम तोड़ेंगे, तो जनता को क्या संदेश देंगे?” उनके इस कदम की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है।
2. अब ‘जेन अल्फा’ की कमान, कम कराया बस किराया
इस विधायक ने अब अपनी टीम में स्कूली बच्चों और किशोरों यानी ‘जेन अल्फा’ पीढ़ी को भी शामिल किया है। शहर में बस ऑपरेटरों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने की शिकायतें मिलने पर उन्होंने इन बच्चों की एक टीम बनाई।
- सड़कों पर उतरी युवा फौज: ‘जेन अल्फा’ की इस फौज ने न केवल बसों के किराए में हो रही अवैध बढ़ोतरी का विरोध किया, बल्कि बस स्टॉप पर जाकर यात्रियों के साथ मिलकर प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा। विधायक के हस्तक्षेप के बाद बस संचालकों को मजबूरन पुराना और अधिकृत किराया लागू करना पड़ा, जिससे आम यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
3. ‘लाड़ली बहना’ संग कीर्तन और जनसंवाद
विधायक की दिनचर्या का एक अहम हिस्सा उनकी ‘लाड़ली बहना’ योजना की हितग्राही महिलाएं भी बनी हुई हैं:
- कीर्तन और जनसंवाद: हर बुधवार की शाम को विधायक अपने क्षेत्र की महिलाओं के साथ मिलकर कीर्तन में भाग लेते हैं। कीर्तन के दौरान वे केवल भजन ही नहीं गाते, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और क्षेत्र की समस्याओं पर उनसे सीधी चर्चा भी करते हैं।
- महिलाओं का कहना है कि विधायक की इस सहजता और सरल स्वभाव ने उन्हें आम जनता के बेहद करीब ला दिया है।
विधायक का यह अनोखा संगम—जहां एक ओर नियमों का कड़ा पालन है, तो दूसरी ओर बच्चों का जोश और बुजुर्गों का आशीर्वाद—उन्हें अन्य राजनेताओं से बिल्कुल अलग खड़ा करता है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यह “जनसेवा और नियम-अनुपालन” का यह मॉडल पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
