नई दिल्ली / लखनऊ / देहरादून | 6 अगस्त, 2026
देशभर में मानसून के उग्र रूप ने एक बार फिर तबाही मचा रखी है। उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक भारी बारिश और कुदरती कहर के चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नदियां उफान पर हैं, जिससे दर्जनों स्कूलों में पानी भर गया है और मकान गिरने से छह लोगों की जान चली गई है। वहीं, पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में केदारनाथ हाईवे पर हुए भीषण भूस्खलन के कारण कई वाहन मलबे में दब गए हैं, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल है।
1. उत्तर प्रदेश: 40 स्कूलों में बाढ़ का पानी, पढ़ाई ठप
उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित तराई और पूर्वी इलाकों में स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है:
- जलभराव से स्कूल बंद: राज्य के विभिन्न जिलों में गंगा, सरयू, राप्ती और गंडक जैसी नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने के कारण कम से कम 40 सरकारी और प्राइवेट स्कूलों परिसरों में पानी भर गया है।
- बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इन विद्यालयों में तत्काल प्रभाव से शिक्षण कार्य स्थगित कर दिया है। इसके अलावा कई गांवों का सड़क संपर्क कट जाने के कारण राहत और बचाव कार्यों के लिए नौकाओं का सहारा लेना पड़ रहा है।
2. पुराना मकान ढहने से एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत
यूपी के एक अन्य जिले में मानसूनी बारिश के बीच दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है:
- शताब्दी पुराना मकान धराशायी: लगातार मूसलाधार बारिश के चलते एक 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक भरभरा कर ढह गया।
- हादसे के समय घर के अंदर सो रहे परिवार के सदस्य मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन मलबे से 6 लोगों के शव बाहर निकाले जा सके। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
3. उत्तराखंड: केदारनाथ हाईवे पर लैंडस्लाइड, मलबे में दबी कई गाड़ियां
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी मौसम का कहर जारी है:
- केदारनाथ मार्ग पर हादसा: रुद्रप्रयाग और चमोली क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सीधे केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गिरे।
- वाहनों को भारी नुकसान: इस भीषण भूस्खलन (Landslide) की चपेट में आकर सड़क किनारे खड़े या गुजर रहे कई वाहन मलबे कीदद दब गए। गनीमत यह रही कि समय रहते कई यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा लिया गया, हालांकि मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध होने से चार धाम यात्रा और तीर्थयात्रियों की आवाजाही पर ब्रेक लग गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें यातायात बहाल करने में जुटी हुई हैं
