नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026: एशिया कप ट्रॉफी को लेकर भारत और पाकिस्तान क्रिकेट के बीच चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। भारत ने लगातार दूसरी बार एशिया कप का खिताब जीतने के बावजूद एशियन क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया, लेकिन अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने साफ कर दिया है कि ट्रॉफी भारत आएगी।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भरोसा दिलाया है कि महिला एशिया कप के साथ-साथ पिछले साल की पुरुष एशिया कप ट्रॉफी भी जल्द भारत वापस लाई जाएगी। दोनों ट्रॉफियां फिलहाल भारतीय टीम के पास नहीं हैं, क्योंकि पिछले साल और इस साल दोनों मौकों पर भारतीय टीम ने नकवी की मौजूदगी वाली प्रस्तुति समारोह में ट्रॉफी स्वीकार नहीं की थी।
महिला एशिया कप जीतने के बाद भी नहीं उठाई ट्रॉफी
13 सितंबर की रात दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत और श्रीलंका के बीच महिला एशिया कप का फाइनल खेला गया। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया।
भारत के लिए यह महिला एशिया कप का आठवां खिताब था। लेकिन मैच के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान एक बार फिर राजनीतिक और क्रिकेट संबंधों की तल्खी मैदान पर दिखाई दी।
एशियन क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी प्रेजेंटेशन के लिए मंच पर मौजूद थे। भारतीय टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने के बजाय प्रेजेंटेशन समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया।
BCCI ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था अपना रुख
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के मुताबिक भारतीय बोर्ड ने एशियन क्रिकेट काउंसिल को पहले ही बता दिया था कि अगर मोहसिन नकवी ट्रॉफी देने के लिए मंच पर मौजूद रहते हैं तो भारतीय टीम प्रेजेंटेशन समारोह में शामिल नहीं होगी।
सैकिया ने बताया कि उन्होंने फाइनल से पहले ही एसीसी को इस बारे में जानकारी दे दी थी और मैच के दिन नकवी को भी व्यक्तिगत तौर पर भारतीय टीम के रुख से अवगत कराया था।
इसके बावजूद नकवी ट्रॉफी देने के लिए मंच पर पहुंचे और भारतीय खिलाड़ियों ने उनसे ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।
अब दोनों ट्रॉफियां भारत वापस लाने की तैयारी
ट्रॉफी स्वीकार नहीं करने के फैसले का मतलब यह नहीं है कि भारत एशिया कप की ट्रॉफी अपने पास नहीं रखेगा। बीसीसीआई सचिव ने स्पष्ट किया कि दोनों ट्रॉफियां भारत वापस लाई जाएंगी।
सैकिया ने कहा कि भारतीय टीम ने प्रेजेंटेशन समारोह में हिस्सा नहीं लेकर पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति सम्मान व्यक्त किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिला एशिया कप की ट्रॉफी के साथ पुरुष एशिया कप की ट्रॉफी भी जल्द भारत वापस आएगी।
पिछले साल भी हुआ था बिल्कुल ऐसा ही
यह पूरा विवाद पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले 2025 पुरुष एशिया कप के फाइनल के बाद भी भारतीय टीम ने ट्रॉफी लेने से इनकार किया था।
उस समय सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की थी। 2026 में महिला टीम ने भी लगभग वही रुख अपनाया।
इस तरह लगातार दो एशिया कप जीतने के बावजूद भारतीय टीम दोनों मौकों पर आधिकारिक ट्रॉफी प्रस्तुति समारोह में ट्रॉफी लेकर मैदान से नहीं लौटी।
भारत ने क्यों नहीं ली नकवी से ट्रॉफी?
बीसीसीआई का कहना है कि यह फैसला किसी व्यक्तिगत व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों और भारतीय टीम के रुख से जुड़ा हुआ है।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इसे पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के सम्मान से जोड़ते हुए अपना पक्ष रखा है। यही कारण है कि बोर्ड ने पहले ही एसीसी को भारतीय टीम की स्थिति के बारे में जानकारी दे दी थी।
इस पूरे घटनाक्रम ने खेल और दोनों देशों के बीच मौजूदा राजनीतिक तनाव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
अब PCB और ACC के सामने क्या स्थिति है?
मोहसिन नकवी इस समय एसीसी के चेयरमैन होने के साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से भी जुड़े हुए हैं। ऐसे में भारत के लगातार दो बार उनके हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार करने के बाद एशिया कप की ट्रॉफियों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
हालांकि बीसीसीआई सचिव के बयान के बाद भारतीय पक्ष ने अपना इरादा साफ कर दिया है कि ट्रॉफी स्थायी रूप से भारत से बाहर नहीं रहेगी। बोर्ड इसे वापस भारत लाने के लिए प्रक्रिया पूरी करेगा।
महिला टीम ने बनाया नया इतिहास
ट्रॉफी विवाद से अलग अगर मैदान के प्रदर्शन की बात करें तो भारतीय महिला टीम के लिए यह टूर्नामेंट बेहद खास रहा। श्रीलंका को फाइनल में 72 रन से हराकर भारत ने महिला एशिया कप का आठवां खिताब जीता।
यानी मैदान पर भारतीय टीम चैंपियन बनी, लेकिन ट्रॉफी समारोह में उसे आधिकारिक रूप से ट्रॉफी उठाने का मौका नहीं मिला। अब बीसीसीआई के बयान के बाद नजर इस बात पर है कि दोनों ट्रॉफियां भारत कब लौटती हैं।
विवाद अभी खत्म नहीं हुआ
भारत की ओर से ट्रॉफी वापस लाने का दावा सामने आने के बाद विवाद का अगला चरण ट्रॉफी के वास्तविक हस्तांतरण को लेकर हो सकता है। बीसीसीआई ने फिलहाल इतना स्पष्ट किया है कि वह दोनों ट्रॉफियां वापस लाएगा।
इस घटनाक्रम ने यह भी दिखाया है कि भारत-पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े मुकाबले और टूर्नामेंट अब केवल मैदान तक सीमित नहीं रहे हैं। प्रशासनिक फैसले, पुरस्कार समारोह और अधिकारियों की मौजूदगी भी दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव का हिस्सा बन रहे हैं।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि भारत एशिया कप का विजेता है और बीसीसीआई ने दोनों विजेता ट्रॉफियों को भारत वापस लाने का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि पुरुष और महिला एशिया कप की ये दोनों ट्रॉफियां आधिकारिक रूप से भारत कब पहुंचती हैं।
