दिल्ली-NCR से यूपी तक फिर बदलेगा मौसम, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी

नई दिल्ली, 16 सितंबर 2026: देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई का समय करीब आने लगा है, लेकिन जाते-जाते भी मौसम लोगों को राहत के साथ परेशानी देने वाला है। कई मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने के कारण दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कई इलाकों के लिए बारिश और खराब मौसम की चेतावनी जारी की है।

19 सितंबर के आसपास शुरू हो सकती है मॉनसून की वापसी

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अब बनने लगी हैं। अनुमान है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मॉनसून की वापसी शुरू हो सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि देशभर में बारिश तत्काल खत्म हो जाएगी। मॉनसून की वापसी से पहले और उसके दौरान कई इलाकों में बारिश के दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ और मौजूदा मॉनसूनी नमी के बीच तालमेल से 16 और 17 सितंबर को बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। खास तौर पर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसका असर दिखाई दे सकता है।

एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय

बारिश के इस दौर के पीछे एक से ज्यादा मौसम प्रणालियां काम कर रही हैं। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे लगे कच्छ क्षेत्र के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र आगे बढ़ चुका है, जबकि इससे जुड़ा ऊपरी हवा का परिसंचरण काफी ऊंचाई तक फैला हुआ है।

इसके अलावा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के ऊपर भी ऊपरी हवा का परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से तमिलनाडु होते हुए मन्नार की खाड़ी तक एक ट्रफ भी सक्रिय है। इन प्रणालियों के कारण वातावरण में नमी बनी हुई है, जिससे कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

दिल्ली-NCR में बारिश और गरज-चमक

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 16 सितंबर को बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ अचानक बारिश भी हो सकती है।

16 और 17 सितंबर को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में अपेक्षाकृत व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-NCR में खास तौर पर शाम से रात के बीच गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

मौसम में बदलाव के दौरान तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने जैसी स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश में बारिश के साथ बढ़ सकता है बाढ़ का खतरा

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पहले से बारिश का दौर चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 16 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। आने वाले दिनों में भी राज्य में छिटपुट से लेकर कई जगहों पर बारिश जारी रह सकती है।

राज्य के कुछ इलाकों में पहले से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। ऐसे में अतिरिक्त बारिश से निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।

राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश

राजस्थान में भी मौसम प्रणाली का असर दिखाई देगा। 16 और 17 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।

बीकानेर संभाग के गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू समेत शेखावाटी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ लगभग 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी राजस्थान में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।

जयपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी अलर्ट

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 16 और 17 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। बारिश के दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा।

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब और उत्तर-पश्चिम राजस्थान में 16 सितंबर को दोपहर से शाम तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रह सकती हैं।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बदलेगा मौसम

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में 16 सितंबर को बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ बारिश हो सकती है। राज्य के कुछ जिलों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है।

छत्तीसगढ़ में भी बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि पूरे राज्य में एक समान बारिश होने की संभावना नहीं है और अलग-अलग इलाकों में मौसम का असर अलग हो सकता है।

बिहार और पूर्वी भारत में भी बारिश

बिहार में मॉनसून कमजोर पड़ने के बावजूद बारिश पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। 16 और 17 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।

पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भी बारिश जारी रहने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय समेत पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भी बारिश का असर बना रह सकता है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वोत्तर क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक अलग-अलग इलाकों में जारी रह सकती हैं।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर

16 और 17 सितंबर को पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से गुजरने वाला है। इससे मौजूदा मॉनसून की नमी के साथ मिलकर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

इस सिस्टम का असर पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक दिखाई देने की संभावना है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

मॉनसून की विदाई से पहले बारिश का आखिरी बड़ा दौर?

मौसम का यह बदलाव ऐसे समय हो रहा है जब दक्षिण-पश्चिम मॉनसून देश से विदाई की ओर बढ़ रहा है। इसलिए उत्तर भारत में 16-17 सितंबर की बारिश को मॉनसून के अंतिम सक्रिय दौरों में से एक के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, मॉनसून की वापसी एक साथ पूरे देश से नहीं होती। अलग-अलग क्षेत्रों से इसकी वापसी अलग समय पर होती है। इसलिए किसी एक तारीख को पूरे भारत में मॉनसून खत्म होने की तारीख नहीं माना जा सकता। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान से करीब 19 सितंबर के आसपास इसकी वापसी शुरू होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन सकती हैं।

किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

बारिश के इस दौर का असर खेती, यातायात और दैनिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। जिन इलाकों में पहले से जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति है, वहां अतिरिक्त बारिश से मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना भी जरूरी है।

फिलहाल मौसम का संदेश साफ है—मॉनसून भले ही विदाई की तैयारी में हो, लेकिन देश के कई हिस्सों में बारिश का एक और दौर बाकी है।

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