11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बन सकता है लो प्रेशर, ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली | 10 सितंबर 2026। देश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में 11 सितंबर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र यानी Low Pressure Area बनने की संभावना जताई गई है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसम सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उससे लगे उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के पास 11 सितंबर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है।

इस सिस्टम के बनने से समुद्र से आने वाली नमी बढ़ सकती है और इसका असर आसपास के राज्यों के मौसम पर दिखाई दे सकता है। इसके चलते कई क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

ओडिशा पर इस मौसम प्रणाली का सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना जताई गई है। राज्य में 9 से 11 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

10 सितंबर को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना भी जताई गई है। इसके अलावा 9 और 11 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश तथा 10 और 12 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

बारिश के दौरान ओडिशा के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार ओडिशा में 9 से 11 सितंबर के बीच आंधी-तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर झोंकों के दौरान हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

ऐसे मौसम में खुले इलाकों, पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

आंध्र प्रदेश में भी बढ़ेगी बारिश

नए Low Pressure का प्रभाव तटीय आंध्र प्रदेश पर भी पड़ सकता है। 10 और 11 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है।

इसके बाद 11 से 14 सितंबर के दौरान भी तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी असर

मध्य भारत में भी इस मौसम सिस्टम का असर दिखाई देने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 10 से 13 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

मध्य प्रदेश में भी आने वाले दिनों में बारिश का नया दौर बनने की संभावना है। 11 और 12 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 से 15 सितंबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 11 से 14 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियों में वृद्धि का अनुमान है।

इससे लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे कई कृषि क्षेत्रों को राहत मिल सकती है, हालांकि बहुत ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी पैदा हो सकती है।

तेलंगाना में भी बारिश का दौर

तेलंगाना में भी अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 10 से 13 सितंबर के दौरान तेलंगाना में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पूर्वी भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून

ओडिशा के अलावा पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।

गंगा के मैदानी इलाकों में 9 से 12 सितंबर के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है। बिहार में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

उत्तर भारत में भी बारिश की संभावना

मौसम का असर केवल पूर्वी और मध्य भारत तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

उत्तराखंड में 11 से 14 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर व्यापक बारिश होने तथा कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

किसानों के लिए बारिश राहत भी, चुनौती भी

सितंबर में होने वाली बारिश खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिन इलाकों में बारिश का अंतर बढ़ गया है, वहां नई बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ने और खरीफ फसलों को राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि जहां पहले से भारी बारिश हुई है, वहां एक साथ तेज बारिश होने पर जलभराव और फसल नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के आधार पर कृषि गतिविधियों की योजना बनाने की जरूरत होगी।

11 सितंबर के बाद साफ होगी स्थिति

फिलहाल मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में Low Pressure Area बनने की संभावना जताई है। सिस्टम के वास्तविक रूप से विकसित होने और उसकी दिशा एवं तीव्रता स्पष्ट होने के बाद अलग-अलग राज्यों के लिए चेतावनियों में बदलाव हो सकता है।

ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में इसका प्रभाव सबसे पहले देखने को मिल सकता है, जबकि मध्य भारत के राज्यों में इसके बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

फिलहाल बंगाल की खाड़ी पर बन रहा यह नया मौसम सिस्टम सितंबर के दूसरे सप्ताह में देश के कई हिस्सों में मानसून को एक बार फिर सक्रिय करने वाला प्रमुख कारण बन सकता

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