तेहरान/वॉशिंगटन। 07 अप्रैल 2026
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपने प्रमुख पावर प्लांट्स और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा के लिए एक असामान्य योजना तैयार की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावित हमलों से बचाव के लिए इन महत्वपूर्ण स्थलों के चारों ओर आम नागरिकों, खासकर युवाओं, को एकजुट कर ‘मानव घेरा’ बनाने की अपील की गई है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को खोलने को लेकर दी गई समयसीमा आज समाप्त हो रही है। ट्रम्प प्रशासन की ओर से पहले ही कड़े बयान दिए जा चुके हैं, जिनमें कहा गया है कि यदि शर्तें नहीं मानी गईं, तो ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य कदम उठाए जा सकते हैं।
ईरान सरकार और उससे जुड़े संगठनों ने देशभर के युवाओं से अपील की है कि वे राष्ट्रीय एकता का प्रदर्शन करते हुए महत्वपूर्ण ठिकानों के आसपास एकजुट हों। इस रणनीति का उद्देश्य संभावित हमलों को रोकना या अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाना माना जा रहा है, ताकि सैन्य कार्रवाई से बचा जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की ‘मानव ढाल’ रणनीति बेहद संवेदनशील और विवादास्पद है, क्योंकि इससे आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत भी ऐसे कदमों को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं।
इस बीच अमेरिका और उसके सहयोगी इजराइल क्षेत्र में अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत कर रहे हैं। खाड़ी क्षेत्र में युद्धपोतों की तैनाती और एयरबेस की सक्रियता बढ़ाई गई है, जिससे किसी भी संभावित कार्रवाई की आशंका और बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई वैश्विक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि हालात बिगड़ते हैं, तो इसका असर न केवल मध्य-पूर्व बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अंतिम समय में कोई समझौता होता है या क्षेत्र एक बड़े सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ता है।
