मदर ऑफ ऑल डील्स’ से कांप उठा अमेरिका! ट्रंप के ‘टैरिफ वार’ का भारत ने दिया करारा जवाब

नई दिल्ली/ब्रसेल्स | 29 जनवरी 2026

दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए आज की सुबह एक बड़ी सिरदर्दी लेकर आई है। जहाँ एक तरफ ट्रंप दुनिया भर के देशों पर भारी ‘टैरिफ’ (आयात शुल्क) लगाकर उन्हें दबाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं भारत और यूरोपीय संघ ने मिलकर एक ऐसी ‘मेगा डील’ कर ली है जिसने वैश्विक राजनीति का रुख मोड़ दिया है।

1. क्या है ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’?

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच आखिरकार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लग गई है। इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि:

  • 2 अरब लोगों का बाजार: यह दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक क्षेत्र तैयार करेगा।
  • 25% वैश्विक GDP: भारत और 27 यूरोपीय देश मिलकर दुनिया की कुल जीडीपी का एक चौथाई हिस्सा कवर करते हैं।
  • 90% वस्तुओं पर शुल्क खत्म: इस समझौते के तहत 90 फीसदी से ज्यादा व्यापारिक सामानों पर लगने वाला टैक्स खत्म या बेहद कम कर दिया जाएगा।

2. ट्रंप और अमेरिका की बेचैनी की वजह

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी और कनाडा को भी व्यापारिक मोर्चे पर घेरा था। लेकिन भारत ने झुकने के बजाय विकल्प तलाशे:

  • भरोसेमंद नहीं रहा अमेरिका: जानकारों का कहना है कि ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति और अस्थिर फैसलों की वजह से अब कनाडा और यूरोपीय देश अमेरिका को एक “भरोसेमंद पार्टनर” नहीं मान रहे हैं।
  • भारत बना नया ठिकाना: यूरोपीय संघ और कनाडा अब अपने निर्यात के लिए भारत जैसे स्थिर और बड़े बाजार की ओर रुख कर रहे हैं।
  • डॉलर के दबदबे को खतरा: अगर भारत और ईयू अपनी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार शुरू करते हैं, तो यह वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।

3. भारत को क्या होगा फायदा?

  • निर्यात में उछाल: भारत के टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी और आईटी सेक्टर के लिए यूरोप के दरवाजे पूरी तरह खुल जाएंगे।
  • सस्ती होंगी लग्जरी चीजें: यूरोप से आने वाली मशीनरी, वाइन और लग्जरी कारें भारत में सस्ती हो सकती हैं।
  • लाखों नौकरियां: इस निवेश और व्यापार बढ़ने से भारत में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

4. कनाडा का साथ और ट्रंप का सिरदर्द

सिर्फ यूरोप ही नहीं, बल्कि कनाडा ने भी भारत के साथ ऊर्जा क्षेत्र (LNG और तेल) में सहयोग बढ़ाने के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने कनाडा को चीन के साथ नजदीकियां बढ़ाने पर 100% टैरिफ की धमकी दी थी, जिससे नाराज होकर कनाडा अब भारत के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत कर रहा है।