ईरान पर अमेरिकी हमले के 100 घंटे पूरे: 1000 से ज्यादा मौतें, 17 ईरानी जहाज डुबोए जाने का दावा


05 मार्च 2026

मध्य-पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान पर अमेरिकी हमलों के 100 घंटे पूरे हो गए हैं। अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई को आज छठा दिन है। शुरुआती आकलनों के अनुसार अब तक इस जंग में 1000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों घायल बताए जा रहे हैं।

समुद्री मोर्चे पर बड़ा नुकसान

अमेरिका-इजराइल ने दावा किया है कि संयुक्त अभियान के दौरान 17 ईरानी नौसैनिक जहाजों को डुबो दिया गया है। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की समुद्री क्षमता और सैन्य आपूर्ति तंत्र को कमजोर करना बताया गया है। फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री इलाकों में तनाव चरम पर है, जहां कई देशों ने अपने जहाजों की आवाजाही सीमित कर दी है।

अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले

दूसरी ओर ईरान समर्थित समूहों ने दावा किया है कि 9 देशों में मौजूद 14 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कुछ हमलों की पुष्टि करते हुए कहा है कि अधिकतर को इंटरसेप्ट कर लिया गया और बड़े नुकसान को टाल दिया गया।

क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ी

लगातार जारी मिसाइल हमलों और एयरस्ट्राइक के कारण पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में आपात स्थिति जैसे हालात हैं। कई देशों ने अपने एयरस्पेस आंशिक या पूर्ण रूप से बंद कर दिए हैं। तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर भी इस संघर्ष का असर पड़ने लगा है।

कूटनीतिक प्रयास जारी

संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तत्काल युद्धविराम की अपील की है। हालांकि अभी तक किसी ठोस वार्ता की शुरुआत की पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष जल्द नहीं थमा तो यह व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

निष्कर्ष: ईरान पर अमेरिकी हमलों के 100 घंटे पूरे होने के साथ ही यह संघर्ष और जटिल हो गया है। भारी जनहानि, समुद्री टकराव और बहु-देशीय सैन्य ठिकानों पर हमलों के दावों ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस युद्ध को रोक पाएंगे या नहीं।