कॉकरोच जनता पार्टी का राजनीतिक विस्तार: इन तीन दिग्गजों को सौंपी गई प्रवक्ता की जिम्मेदारी

दिनांक: 4 जून, 2026

सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने अब मुख्यधारा की राजनीति में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके की भारत वापसी से ठीक पहले, संगठन ने अपने तीन नए प्रवक्ताओं की घोषणा कर दी है, जो पार्टी का पक्ष मीडिया और जनता के सामने रखेंगे।

कौन हैं CJP के ये तीन नए ‘चेहरे’?

पार्टी द्वारा घोषित तीन प्रवक्ताओं की टीम में विविध क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिन्हें पार्टी की विचारधारा और जन आंदोलनों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है:

  • सौरभ दास (मुख्य प्रवक्ता): खोजी पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट सौरभ दास को पार्टी का ‘मुख्य प्रवक्ता’ नियुक्त किया गया है। दास कानूनी, न्यायिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी गहरी पकड़ और रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। वे नवंबर 2025 में इंडिया गेट पर हुए प्रदूषण विरोधी प्रदर्शनों में भी मुख्य भूमिका में थे।

  • विजेता दहिया: एक राजनीतिक रिसर्चर, लेखक और फिल्म निर्माता के रूप में अपनी पहचान बना चुकीं विजेता दहिया को भी प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कई YouTube क्रिएटर्स के लिए रिसर्च और कंटेंट प्रोडक्शन पर काम किया है और दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से स्नातक हैं।

  • आशुतोष रांका: इस टीम के तीसरे सदस्य आशुतोष रांका हैं, जो एक पूर्व मैनेजमेंट कंसल्टेंट रह चुके हैं। आईआईटी (IIT) कानपुर और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के एल्युम्नस रांका ने पूर्व में ‘मैकिन्से एंड कंपनी’ (McKinsey & Co.) के साथ काम किया है। वे पिछले साल भारत लौटने के बाद से शिक्षा, पर्यावरण और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं।

6 जून के प्रदर्शन से पहले बड़ी रणनीति

इन नियुक्तियों को पार्टी की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। प्रवक्ता सौरभ दास ने स्पष्ट किया है कि पार्टी व्यवस्था में जवाबदेही की मांग कर रही है और वे सत्ता पक्ष तथा विपक्ष, दोनों के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, जो फिलहाल अमेरिका में हैं, 6 जून को दिल्ली पहुंचेंगे, जिसके बाद जंतर-मंतर पर एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन की योजना है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि वे भारत के राजनीतिक विमर्श को बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस बदलाव का नेतृत्व युवा पीढ़ी करेगी।


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नई दिल्ली |  06 मार्च 2026

 

असम के कार्बी आंगलोंग जिले में भारतीय वायुसेना का सुखोई Su-30MKI फाइटर जेट क्रैश हो गया। यह हादसा प्रशिक्षण उड़ान के दौरान हुआ, जिसमें विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई। मृत पायलटों की पहचान स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर के रूप में हुई है।

भारतीय वायुसेना के अनुसार यह लड़ाकू विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था, तभी अचानक उसका ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया। कुछ ही देर बाद विमान रडार से भी गायब हो गया, जिससे तुरंत अलर्ट जारी किया गया। इसके बाद वायुसेना और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम को तलाशी अभियान के लिए मौके पर भेजा गया।

वायुसेना ने गुरुवार देर रात 1 बजकर 9 मिनट पर आधिकारिक तौर पर विमान दुर्घटना की पुष्टि की थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह 9 बजकर 14 मिनट पर एक और आधिकारिक पोस्ट में दोनों पायलटों के शहीद होने की जानकारी दी गई। हादसा जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग के पहाड़ी और घने जंगलों वाले इलाके में हुआ, जिससे बचाव और तलाशी अभियान में शुरुआती कठिनाइयाँ भी सामने आईं।

दुर्घटना के बाद वायुसेना ने जांच के आदेश दे दिए हैं। तकनीकी विशेषज्ञों और अधिकारियों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर विमान का ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क क्यों टूटा और हादसे के पीछे क्या कारण रहा। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या मौसम संबंधी कारणों की भी जांच की जा रही है।

भारतीय वायुसेना ने दोनों पायलटों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि देश ने दो बहादुर और समर्पित अधिकारी खो दिए हैं। साथ ही उनके परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की गई है।

इस बीच, सेना और स्थानीय प्रशासन द्वारा दुर्घटनास्थल पर तलाशी और मलबा जुटाने का अभियान जारी है, ताकि दुर्घटना के कारणों का सही पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।