भोपाल के होमगार्ड परेड ग्राउंड में शनिवार को आयोजित 63वें होमगार्ड स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जवानों की सेवाओं और उनकी कार्यशैली को “निष्काम सेवा” का श्रेष्ठ उदाहरण बताया। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने निस्वार्थ भाव से कर्तव्य पालन की शिक्षा दी है और होमगार्ड्स इसी आदर्श पर चलते हुए प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि “होमगार्ड में ‘होम’ घर का और ‘गार्ड’ प्रहरी का अर्थ है। आप साढ़े आठ करोड़ मध्यप्रदेशवासियों के प्रहरी हैं। सीएम ने घोषणा की कि सिंहस्थ–2028 के लिए 5,000 नए होमगार्ड की भर्ती की जाएगी। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा, भारिया और सहरिया युवाओं के युवाओं को सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु कंपनी गठित की जाएगी।
“संकटमोचन” की भूमिका निभा रहे होमगार्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड्स हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़े रहते हैं-चाहे बाढ़ हो, आग लगे, सड़क दुर्घटना हो या भीड़ नियंत्रण की स्थिति। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष होमगार्ड्स ने 5075 नागरिकों की जान बचाई, वहीं इस वर्ष भी बाढ़ के दौरान सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला। सीएम ने कहा कि होमगार्ड का महत्व सीमा पर खड़े सैनिक जैसा ही है, क्योंकि यह देश की आंतरिक सुरक्षा का आधार और समाज की स्थिरता के प्रहरी हैं। उन्होंने 2014 में बनी एसडीआरएफ के साथ होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा बल की संयुक्त क्षमता को “आपदा प्रबंधन का त्रिशूल” बताया।
सिंहस्थ के लिए 5 हजार होमगार्ड भर्ती होंगे – ‘सीएम डॉ. मोहन यादव’
