वेनेजुएला के बाद अब ईरान में उतरेगी अमेरिकी फौज

ईरान में आर्थिक संकट के खिलाफ लोगों का लगातार विरोध जारी है. पिछले 10 दिनों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने देश का एक बहुत बड़ा भू-भाग इसमें शामिल हो गया है. ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की पुलिस लगातार इस विरोध प्रदर्शन को कुचलने में लगी हुई है. मानवाधिकार संगठनों और एक्टिविस्ट्स के मुताबिक, हिंसा और झड़पों में अब तक कम से कम 35 लोगों की जान जा चुकी है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. कई इलाकों में इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसकी वजह से ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट की सटीक जानकारी मुश्किल हो गई है.

ईरानी सेना के जवान भी घायल हुए हैं

ईरान की पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड के करीबी मानी जाने वाली सेमी-ऑफिशियल फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने सोमवार देर रात बताया कि प्रदर्शनों में करीब 250 पुलिस ऑफिसर और गार्ड की ऑल-वॉलंटियर बासिज फोर्स के 45 मेंबर घायल हुए हैं. हालांकि, ईरान की सरकार ने अशांति के बारे में कोई ओवरऑल डेटा या जानकारी नहीं दी है.

ट्रंप ने सोशल मीडिया से दी ईरान को चेतावनी

ट्रंप ने कहा था कि अगर ‘ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिंसक तरीके से मारता है, जो उनका रिवाज है, तो यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा.’ उन्होंने यह नहीं बताया कि इसका क्या मतलब होगा.