गोद में बाल गोपाल, हाथ में माखन-मिश्री… CM मोहन यादव ने फोड़ी मटकी, मुख्यमंत्री निवास में जन्माष्टमी की धूम

भोपाल, 5 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री निवास में आयोजित ‘श्रीकृष्ण पर्व’ का माहौल पूरी तरह कृष्णमय नजर आया। परिसर में कृष्ण भजनों की गूंज के बीच महारास का आयोजन हुआ और राधा-कृष्ण की वेशभूषा में पहुंचे नन्हे-मुन्ने बच्चों ने कार्यक्रम में खास आकर्षण पैदा किया।

जन्माष्टमी समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को याद करते हुए एक नन्हे बाल गोपाल को गोद में उठाया और मटकी फोड़ी। इसके बाद उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से माखन-मिश्री खिलाई। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ संत समाज और आम नागरिक भी मौजूद रहे।

‘श्रीकृष्ण पर्व’ का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित ‘श्रीकृष्ण पर्व’ का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम में बाल कृष्ण और राधा रानी के स्वरूप में सजे बच्चों का मुख्यमंत्री ने स्नेहपूर्वक स्वागत किया। बच्चों को माखन खिलाने के साथ उन्होंने उनके साथ आत्मीयता से समय बिताया। इसके बाद कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और भजनों की प्रस्तुतियां दीं।

भजनों और महारास से गूंजा मुख्यमंत्री निवास

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जन्माष्टमी समारोह के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। कृष्ण भजनों के साथ महारास का आयोजन हुआ। राधा-कृष्ण के रूप में तैयार होकर आए बच्चों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दही-हांडी रहा। मुख्यमंत्री ने नन्हे बाल गोपाल को गोद में लेकर मटकी फोड़ी और इसके बाद बच्चों को माखन-मिश्री खिलाई। इस दौरान मौजूद लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और जन्माष्टमी की खुशियां साझा कीं।

कृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी बाल लीलाओं से मिलने वाली सीख का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का जीवन संघर्षों के बीच आगे बढ़ने और हर परिस्थिति का सामना करने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना किया। उनके जीवन की घटनाएं आज भी समाज को सत्य, साहस और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।

‘श्रीकृष्ण पाथेय’ के रूप में विकसित होंगे धार्मिक स्थल

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मध्य प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों के विकास की बात भी कही। उन्होंने कहा कि जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण के पावन चरण पड़े, उन स्थानों को ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ के रूप में विकसित किया जा रहा है और उन्हें धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने उज्जैन, जानापाव, अमझेरा और महिदपुर के आसपास भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि इन स्थानों को विकसित करने का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ नई पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनसे जुड़ी परंपराओं से परिचित कराना है।

नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल त्योहार के अवसर पर अवकाश घोषित कर देना पर्याप्त नहीं है। नई पीढ़ी को त्योहारों के पीछे छिपे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संदेश को भी समझना चाहिए।

इसी सोच के साथ प्रदेश में प्रमुख त्योहारों को व्यापक स्तर पर मनाने की परंपरा शुरू की गई है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और महापुरुषों के जीवन से जुड़ी सीख से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

जन्माष्टमी समारोह में कलाकारों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। भगवान कृष्ण के बचपन से जुड़े प्रसंगों और भजनों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम में शामिल बच्चों ने भी राधा और कृष्ण के स्वरूप में अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री निवास में मौजूद लोगों ने इन प्रस्तुतियों का आनंद लिया और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ जन्मोत्सव मनाया।

बरखेड़ी मंदिर में भी पहुंचे मुख्यमंत्री

जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के बरखेड़ी स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में भी दर्शन किए। उन्होंने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और लड्डू गोपाल की शोभायात्रा में हिस्सा लिया।

इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। जन्माष्टमी के कारण भोपाल के अलग-अलग कृष्ण मंदिरों में भी विशेष पूजा, भजन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों के विकास के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि इन स्थानों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ा जाए और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को यहां धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव मिल सके।

उन्होंने भगवान श्रीराम से जुड़े स्थलों को ‘श्रीराम वन गमन पथ’ के रूप में विकसित किए जाने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार धार्मिक स्थलों का विकास प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कृष्णमय हुआ मुख्यमंत्री निवास

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित यह समारोह धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उत्सव का संगम नजर आया। एक ओर जहां भजन और महारास ने वातावरण को भक्तिमय बनाया, वहीं दूसरी ओर नन्हे बच्चों के राधा-कृष्ण स्वरूप ने आयोजन को खास बना दिया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का नन्हे बाल गोपाल को गोद में लेकर मटकी फोड़ना और बच्चों को माखन-मिश्री खिलाना कार्यक्रम का सबसे चर्चित दृश्य रहा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी समारोह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए।

जन्माष्टमी के इस आयोजन के जरिए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं और उनके जीवन से कर्म, संघर्ष और सकारात्मकता की सीख लेने का संदेश दिया। भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में मनाया गया यह कृष्ण पर्व भक्ति, संस्कृति और उत्सव के रंगों से सराबोर रहा।

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