स्थान: ओमान/संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)
दिनांक: 14 जुलाई, 2026
अंतरराष्ट्रीय डेस्क:
पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव एक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार (14 जुलाई, 2026) को ओमान के जलक्षेत्र (Strait of Hormuz) में यूएई के दो तेल टैंकरों— ‘मोम्बासा’ (Mombasa) और ‘अल-बहिया’ (Al Bahiyah) पर ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। इस दुखद हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है, जबकि 8 अन्य चालक दल के सदस्य घायल हुए हैं, जिनमें से 6 भारतीय नागरिक बताए जा रहे हैं।
हमले का विवरण और हताहत
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह हमला तब हुआ जब दोनों टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी मार्ग से गुजर रहे थे।
- मृतक: ‘मोम्बासा’ टैंकर पर सवार एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौके पर ही मौत हो गई।
- घायल: कुल 8 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 6 भारतीय और 2 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। इनमें से 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
- जहाजों को नुकसान: मिसाइल हमलों के कारण दोनों टैंकरों में आग लग गई थी, जिसे बाद में चालक दल ने काबू में कर लिया।
अमेरिका की ईरान पर 5 घंटे से अधिक बमबारी
इस घटना के बाद क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी सैन्य भिड़ंत और तेज हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उसने ईरान पर लगातार तीसरे दिन भारी हवाई हमले किए हैं।
- सैन्य कार्रवाई: अमेरिकी सेना ने अपने लड़ाकू विमानों, ड्रोन्स और नौसैनिक युद्धपोतों का उपयोग करते हुए ईरान के वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defence Systems), तटीय रडार स्थलों, मिसाइल ठिकानों और ड्रोन सुविधाओं को निशाना बनाया है।
- ब्लॉकडे और प्रतिबंध: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर समुद्री नाकाबंदी (Maritime Blockade) फिर से लागू करने और होर्मुज से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20% शुल्क लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा है कि ये हमले ईरानी ताकतों की नागरिक जहाजों को निशाना बनाने की क्षमता को कम करने के लिए जरूरी हैं।
कूटनीतिक तनाव और प्रतिक्रिया
- यूएई का कड़ा रुख: यूएई के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले को ‘अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन’ और ‘समुद्री डकैती’ करार देते हुए जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखने की चेतावनी दी है।
- भारत की स्थिति: इस घटना ने नई दिल्ली की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ महीनों में इस युद्ध में कुल 11 भारतीयों की जान जा चुकी है। भारत सरकार लगातार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए राजनयिक स्तर पर सक्रिय है।
- ईरान का दावा: ईरान के अर्ध-सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उन्होंने होर्मुज में ‘शत्रु’ जहाजों को निशाना बनाया है, हालांकि वह अपने इस कदम को अमेरिकी हमलों के जवाब में अपनी सुरक्षा बता रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी इस संघर्ष ने वैश्विक तेल आपूर्ति को भी संकट में डाल दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें चार सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
