मुंबई | 21 जुलाई 2026
देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और इसका सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और आसपास के तटीय इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज़ हवाएं चलने की संभावना जताई है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और स्थानीय ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर और कोंकण तट के ऊपर सक्रिय मानसूनी प्रणाली तथा समुद्री नमी के कारण मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ी है। कई इलाकों में तेज़ हवाओं के साथ गरज-चमक वाली बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को समुद्र तटों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को भी समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है।
बारिश के कारण मुंबई के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। भारी वर्षा के दौरान सड़कों पर पानी भरने, ट्रैफिक जाम, उड़ानों और लोकल ट्रेनों के संचालन में देरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। नगर निगम और आपदा प्रबंधन विभाग ने जलनिकासी व्यवस्था पर निगरानी बढ़ा दी है तथा आपातकालीन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
उधर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम ने करवट ले ली है। पिछले कुछ दिनों की उमस और गर्मी के बाद मानसून फिर सक्रिय हुआ है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पूर्वी हवाओं और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण दिल्ली में अगले कई दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होती रह सकती है।
दिल्ली में बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी वर्षा के दौरान कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है। कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने, तेज़ हवाएं चलने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह तक मानसून की गतिविधियां तेज़ बनी रह सकती हैं। इसके चलते पश्चिमी तट, मध्य भारत और उत्तर भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलभराव, ट्रैफिक और बिजली आपूर्ति जैसी चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में नागरिकों से मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है।
