दिल्ली के पावर कॉरिडोर में भारी हलचल: मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल का काउंटडाउन शुरू; परफॉर्मेंस के आधार पर हटाए जा सकते हैं 5 दिग्गज मंत्री; ‘मिशन 2029’ के लिए युवा मंत्रिमंडल बनाने की तैयारी

स्थान: नई दिल्ली

दिनांक: 8 जुलाई, 2026

विशेष ब्यूरो, नई दिल्ली:

केंद्रीय सत्ता के गलियारे (Power Corridor) से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनैतिक खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के तीसरे कार्यकाल के मंत्रिमंडल में अब तक के सबसे बड़े और व्यापक फेरबदल (Cabinet Reshuffle) की उलटी गिनती शुरू हो गई है।

लगातार दो दिनों तक प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) पर पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच चली मैराथन बैठकों के बाद इस बात के साफ संकेत मिल रहे हैं कि कैबिनेट से कम से कम पांच वरिष्ठ मंत्रियों की छुट्टी की जा सकती है। शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समन्वय इनपुट्स और मंत्रियों के पिछले दो साल के ‘परफॉर्मेंस ऑडिट’ के आधार पर यह सूची तैयार की गई है। इस बार के फेरबदल का मुख्य उद्देश्य मंत्रिमंडल को और अधिक ‘युवा, आक्रामक और परिणाम-उन्मुख’ (Result-oriented) बनाना है।

परफॉर्मेंस ऑडिट और RSS का फीडबैक: इन 5 मंत्रियों पर गिर सकती है गाज

सूत्रों के अनुसार, जिन पांच मंत्रियों को संगठन में वापस भेजने या कैबिनेट से हटाने की चर्चा है, उनमें बुनियादी ढांचे (Infrastructure), शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े कुछ बड़े विभाग शामिल हैं।

हटाए जाने की मुख्य वजह:

कैबिनेट सचिव और पीएमओ (PMO) द्वारा तैयार की गई गोपनीय रिपोर्ट में सामने आया है कि कुछ मंत्रालयों में बजटीय आवंटन (Budget Utilization) के बावजूद जमीनी स्तर पर योजनाओं की गति बेहद धीमी रही है। इसके अलावा, हाल ही में हुए कुछ राज्यों के विधानसभा चुनावों और सांगठनिक असंतोष को दूर करने के लिए इन दिग्गजों को सरकार से मुक्त कर संगठन (भाजपा) को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

‘युवा और टेक-सैवी’ चेहरों की होगी एंट्री; इन राज्यों को मिलेगा बड़ा प्रतिनिधित्व

आगामी फेरबदल में मंत्रियों की औसत उम्र को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि ‘मिशन 2029’ की नींव रखने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल इकोनॉमी व सेमीकंडक्टर मिशन जैसे आधुनिक सेक्टर्स को गति देने के लिए युवा और तकनीकी रूप से सक्षम (Tech-savvy) सांसदों को आगे लाना अनिवार्य है।

  • नए चेहरों की रेस: इस रेस में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल के कुछ युवा और जमीन से जुड़े सांसदों के नाम सबसे आगे चल रहे हैं।
  • सहयोगी दलों को और तरजीह: जनता दल यूनाइटेड (JDU), तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से कुछ और चेहरों को राज्य मंत्री (MoS) या स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी देकर एनडीए के भीतर कूटनीतिक संतुलन को और मजबूत किया जाएगा।

मोदी कैबिनेट फेरबदल: संभावित बदलावों का क्रोनोलॉजी चक्र

संभावित प्रशासनिक कदमफेरबदल का मुख्य उद्देश्यअपेक्षित राजनैतिक / नीतिगत प्रभाव
5 वरिष्ठ मंत्रियों की विदाईपरफॉर्मेंस में ढिलाई और सांगठनिक फेरबदल की जरूरत।सरकारी योजनाओं की डिलीवरी की गति में तेजी लाना।
8-10 नए युवा मंत्रियों की एंट्रीमंत्रिमंडल की औसत उम्र घटाना, आधुनिक विंग्स को मजबूत करना।युवाओं और मध्यम वर्ग के वोट बैंक के बीच नई पैठ बनाना।
गठबंधन साथियों का विस्तारएनडीए (NDA) के भीतर कूटनीतिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना।संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार की विधायी स्थिति मजबूत करना।

राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी संसद के आगामी मानसून सत्र के शुरू होने से ठीक पहले इस नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाना चाहते हैं, ताकि विपक्ष के हमलों का सामना नई ऊर्जा और रणनीति के साथ किया जा सके। राष्ट्रपति भवन के सूत्रों के मुताबिक, ‘अशोक हॉल’ को संभावित शपथ ग्रहण समारोह के लिए तैयार रहने के मौखिक निर्देश मिल चुके हैं और आगामी 48 से 72 घंटों के भीतर नए मंत्रियों के नामों पर आधिकारिक मुहर लग सकती है।

मोदी कैबिनेट फेरबदल के आधिकारिक नामों की अंतिम सूची, राष्ट्रपति भवन से शपथ ग्रहण समारोह

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