नई दिल्ली | 30 जुलाई, 2026
संसद के मानसून सत्र के दौरान आज उच्च सदन (राज्यसभा) में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और घोटालों पर नकेल कसने वाला बहुप्रतीक्षित संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। लोकसभा द्वारा पारित किए जाने के बाद अब ‘सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ को राज्यसभा में चर्चा और मंजूरी के लिए लाया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पार्टी का पक्ष रखेंगे और सरकार को घेरेंगे।
राज्यसभा में आज पेश होगा एंटी-पेपर लीक बिल
- कड़े प्रावधान वाला नया कानून: यह विधेयक साल 2024 के पुराने कानून का स्थान लेगा, जिसमें पेपर लीक या नकल जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर सजा को बढ़ाकर 5 से 10 साल तक और जुर्माने की राशि को ₹50 लाख तक कर दिया गया है।
- संगठित अपराध पर भारी जुर्माना: संगठित सिंडिकेट या अपराधियों के लिए ₹10 करोड़ तक का जुर्माना और विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए समयबद्ध सुनवाई के कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।
- विपक्ष की रणनीति: विपक्षी दल इस बिल पर चर्चा के दौरान सरकार पर आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे इस चर्चा के दौरान प्रमुख वक्ता होंगे और परीक्षा तंत्र में विफलताओं को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछेंगे।
संसद परिसर में राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर जोरदार प्रदर्शन
संसद की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले संसद भवन परिसर में सियासी पारा उस वक्त हाई हो गया, जब विपक्षी दलों और विशेषकर समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के सांसदों ने अनूठा विरोध प्रदर्शन किया।
- ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे: विपक्षी सांसद हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे, जिन पर राम मंदिर निर्माण के नाम पर कथित चंदा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के घोटाले की जांच की मांग लिखी थी।
- डोनेशन बॉक्स के साथ विरोध: प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने सांकेतिक रूप से डोनेशन बॉक्स (दानपात्र) हाथ में लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा और इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
संसद के भीतर कड़े कानून पर होने वाली बहस और बाहर चल रहे राजनीतिक हंगामे के चलते आज सदन की कार्रवाई बेहद हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं।
