स्थान: नई दिल्ली/लातूर
दिनांक: 16 जुलाई, 2026
विशेष संवाददाता:
नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी ने लातूर (महाराष्ट्र) के एक प्रमुख कोचिंग संचालक को हिरासत में लिया है, जिसके पास से बरामद मोबाइल से परीक्षा का असली प्रश्नपत्र होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। CBI के दावों ने नीट परीक्षा की शुचिता पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CBI की जांच: मोबाइल में छुपा था ‘असली पेपर’
CBI की चार्जशीट और जांच रिपोर्ट के अनुसार, लातूर स्थित एक प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटर चलाने वाले आरोपी के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
- हस्तलिखित केमिस्ट्री के प्रश्न: जांच में आरोपी के फोन से केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) विषय के 132 हस्तलिखित (Handwritten) प्रश्न मिले।
- सटीक मिलान: जब इन प्रश्नों का मिलान नीट की परीक्षा में आए असली प्रश्नपत्र से किया गया, तो हैरान करने वाले परिणाम सामने आए। 132 में से 111 प्रश्न हूबहू वही थे जो परीक्षा में पूछे गए थे।
- साजिश का पर्दाफाश: CBI ने अपनी प्रारंभिक जांच में पाया है कि यह डेटा परीक्षा शुरू होने से पहले ही कोचिंग संचालक के पास पहुंच गया था, जिसका उपयोग उसने अपने चयनित छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए किया।
कैसे हुआ पेपर का सौदा?
जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, लातूर का यह कोचिंग संचालक अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह का एक अहम कड़ी है।
- लिंक का सक्रिय होना: गिरोह ने पेपर को डिजिटल माध्यम से पहले ही एक्सेस कर लिया था, जिसे बाद में हाथ से लिखकर साझा किया गया ताकि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से बचा जा सके।
- आर्थिक लेनदेन: सूत्रों की मानें तो इस पेपर के लिए मोटी रकम का लेनदेन हुआ है। सीबीआई अब उन बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स की जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल इस गैर-कानूनी सौदे के लिए किया गया।
- छात्रों की पहचान: जांच एजेंसी अब उन छात्रों की सूची तैयार कर रही है, जिन्हें यह लीक पेपर दिया गया था। कोचिंग सेंटर के उन सभी छात्रों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, जिन्होंने इस साल के नीट में असाधारण अंक प्राप्त किए हैं।
गिरोह पर सीबीआई का शिकंजा
इस खुलासे के बाद से शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। कोचिंग सेंटर और पेपर लीक माफियाओं के बीच की मिलीभगत की यह पहली कड़ी है जो इतने ठोस साक्ष्यों के साथ सीबीआई के हाथ लगी है।
सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक आरोपी का मामला नहीं है, बल्कि एक व्यापक संगठित रैकेट है। लातूर से पकड़े गए इस संचालक से मिली जानकारी के आधार पर सीबीआई की टीमें देश के अन्य राज्यों में भी छापेमारी कर रही हैं।
“जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन मोबाइल से मिले सबूत यह साबित करने के लिए पर्याप्त हैं कि पेपर न केवल लीक हुआ था, बल्कि व्यवस्थित तरीके से कोचिंग माफियाओं के जरिए परीक्षार्थियों तक पहुंचाया गया था।” — सीबीआई आधिकारिक सूत्र
शिक्षा मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर भी इस मामले के बाद परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने का भारी दबाव बढ़ गया है। वहीं, देश भर के नीट उम्मीदवार इस घटनाक्रम के बाद पुनः परीक्षा या सख्त जांच की मांग को लेकर मुखर हो गए हैं।
