गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, गॉल, श्रीलंका,17 अगस्त 2026
भारत और श्रीलंका के बीच गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन अंपायरिंग को लेकर अचानक बदलाव देखने को मिला। मैच के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी अंपायर रॉड टकर मैदान पर अंपायरिंग करने नहीं उतरे। उनकी जगह पाकिस्तान के अनुभवी अंपायर अहसान रजा को ऑन-फील्ड अंपायर की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।
यह बदलाव उस समय हुआ जब भारतीय टीम मुकाबले में मजबूत स्थिति में थी। पहले दो दिनों में बारिश के व्यवधान के बावजूद भारत ने अपनी पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा किया था। तीसरे दिन श्रीलंका अपनी पहली पारी खेलने उतरा और इसी दौरान अंपायरिंग टीम में बदलाव ने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा।
रॉड टकर की जगह अहसान रजा ने संभाली जिम्मेदारी
मुकाबले के लिए नियुक्त अंपायरों में ऑस्ट्रेलिया के रॉड टकर और पाकिस्तान के अहसान रजा शामिल थे। लेकिन तीसरे दिन रॉड टकर मैदान पर नहीं उतरे।
इसके बाद अहसान रजा, जो इस मुकाबले में टीवी अंपायर की भूमिका निभा रहे थे, को मैदान पर अंपायरिंग करनी पड़ी। उनकी जगह टीवी अंपायर की जिम्मेदारी दूसरे अधिकारी को दी गई।
अहसान रजा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे अनुभव वाले अंपायर हैं। वह पाकिस्तान से आते हैं और ICC के अंतरराष्ट्रीय अंपायरिंग पैनल का हिस्सा रह चुके हैं। ICC के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी अहसान रजा को अनुभवी अंतरराष्ट्रीय अंपायर के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है।
अचानक क्यों हुआ अंपायर में बदलाव?
रिपोर्ट के मुताबिक रॉड टकर की अनुपस्थिति के कारण यह बदलाव करना पड़ा। हालांकि उपलब्ध रिपोर्ट में टकर की गैरमौजूदगी का विस्तृत चिकित्सकीय कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
ऐसी परिस्थितियों में मैच अधिकारियों की व्यवस्था इस तरह की जाती है कि मुकाबला बिना किसी बड़ी रुकावट के जारी रह सके। चूंकि अहसान रजा पहले से ही मैच की आधिकारिक टीम में शामिल थे और टीवी अंपायर की भूमिका निभा रहे थे, इसलिए उन्हें ऑन-फील्ड अंपायर की जिम्मेदारी सौंपना व्यावहारिक विकल्प रहा।
इस बदलाव के बावजूद मैच की आधिकारिक प्रक्रिया और निर्णय प्रणाली सामान्य रूप से जारी रही।
अहसान रजा का लंबा अनुभव आया काम
अहसान रजा के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायरिंग करना नया नहीं है। वह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अंपायर की भूमिका निभाते रहे हैं।
उनका अनुभव खास तौर पर ऐसे समय में महत्वपूर्ण हो जाता है जब अचानक किसी मैच अधिकारी की जगह किसी दूसरे अधिकारी को जिम्मेदारी संभालनी पड़े।
अहसान रजा पहले भी बड़े ICC टूर्नामेंटों में अंपायरिंग कर चुके हैं। ICC की आधिकारिक मीडिया गाइड में उनका जन्म लाहौर, पाकिस्तान में बताया गया है और उन्हें ICC के अंपायरिंग पैनल से जोड़ा गया है।
गॉल टेस्ट में भारत की मजबूत शुरुआत
अंपायर बदलने का घटनाक्रम उस समय सामने आया जब टीम इंडिया गॉल टेस्ट में काफी मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी।
पहले दिन भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया था। बारिश के कारण खेल प्रभावित हुआ, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए बड़ा स्कोर बनाने की नींव रख दी।
दूसरे दिन भी बारिश के कारण काफी समय तक खेल नहीं हो सका, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन की शानदार पारी खेली और ध्रुव जुरेल ने भी उपयोगी अर्धशतक लगाया। भारत ने अपनी पहली पारी में 460 से ज्यादा रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
श्रीलंका पर बढ़ा दबाव
भारत के बड़े स्कोर के बाद दबाव श्रीलंकाई बल्लेबाजी पर आ गया। घरेलू परिस्थितियों में खेलने के बावजूद श्रीलंका के बल्लेबाजों के सामने भारतीय गेंदबाजों की चुनौती थी।
तीसरे दिन भारत ने श्रीलंका की पहली पारी में शुरुआती विकेट हासिल कर दबाव बनाने की कोशिश की। इसी दौरान भारतीय टीम के युवा स्पिनर मानव सुथार ने भी शानदार प्रभाव छोड़ा। उन्होंने अपने शुरुआती ओवर में विकेट हासिल कर श्रीलंकाई बल्लेबाजी को झटका दिया।
गिल ने पकड़ा शानदार कैच
तीसरे दिन भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने भी शानदार फील्डिंग का प्रदर्शन किया। उन्होंने कमिंदु मेंडिस का एक बेहद मुश्किल कैच हवा में उछलकर पकड़ा।
गिल के इस कैच ने मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और दर्शकों को भी हैरान कर दिया। यह कैच भारतीय टीम के बढ़ते दबाव का एक और उदाहरण रहा।
रॉड टकर भी अनुभवी अंपायर
रॉड टकर भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बेहद अनुभवी अंपायर हैं। वह ऑस्ट्रेलिया से आते हैं और लंबे समय से ICC के एलीट पैनल का हिस्सा रहे हैं।
ICC के रिकॉर्ड के मुताबिक टकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ी संख्या में टेस्ट और सीमित ओवरों के मुकाबलों में अंपायरिंग की है। इसलिए उनके अचानक मैदान पर नहीं उतरने की वजह से मैच में अंपायरिंग व्यवस्था में बदलाव करना पड़ा।
टीवी अंपायर की भूमिका भी बदली
अहसान रजा के मैदान पर आने के बाद टीवी अंपायर की भूमिका भी बदलनी पड़ी। क्रिकेट में टीवी अंपायर का काम DRS, रन-आउट, स्टंपिंग और अन्य ऐसे फैसलों की समीक्षा करना होता है, जिन्हें मैदानी अंपायर सीधे तय नहीं कर पाते।
इसलिए जब टीवी अंपायर को मैदान पर भेजा गया, तो उस भूमिका के लिए दूसरे अधिकारी की व्यवस्था करना जरूरी था।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मुकाबला ICC के नियमों के अनुसार बिना किसी परेशानी के जारी रहे।
भारत के लिए टेस्ट सीरीज अहम
भारत और श्रीलंका के बीच यह टेस्ट सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। भारतीय टीम नए कप्तान शुभमन गिल के नेतृत्व में इस दौरे पर उतरी है।
गॉल की परिस्थितियां खासतौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण मानी जाती हैं। मैच जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, पिच पर टूट-फूट और स्पिन के लिए मदद बढ़ सकती है।
ऐसे में भारतीय गेंदबाजों के पास श्रीलंकाई बल्लेबाजों को दबाव में डालने का अच्छा मौका है।
बारिश भी बनी बड़ी चुनौती
इस टेस्ट मैच में बारिश लगातार बड़ी भूमिका निभा रही है। पहले और दूसरे दिन बारिश के कारण खेल प्रभावित हुआ।
दूसरे दिन करीब डेढ़ सत्र तक बारिश के कारण खेल नहीं हो पाया। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने उपलब्ध समय में तेजी से रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
बारिश के कारण मैच का परिणाम भी मौसम पर काफी हद तक निर्भर कर सकता है। अगर आने वाले दिनों में बारिश ज्यादा होती है तो दोनों टीमों के लिए समय का प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा।
अंपायरिंग बदलाव ने खींचा ध्यान
आमतौर पर मैच के दौरान अंपायरों में अचानक बदलाव देखने को नहीं मिलता। यही वजह है कि गॉल टेस्ट में रॉड टकर की जगह अहसान रजा के आने की खबर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
हालांकि यह बदलाव मैच के संचालन को प्रभावित करने के बजाय उसे सुचारू रूप से जारी रखने के लिए किया गया।
अहसान रजा के अनुभव के कारण मैदान पर अंपायरिंग व्यवस्था में किसी बड़ी परेशानी की स्थिति सामने नहीं आई और मुकाबला आगे जारी रहा।
निष्कर्ष
गॉल टेस्ट के तीसरे दिन अंपायरिंग टीम में अचानक बदलाव देखने को मिला। रॉड टकर के मैदान पर नहीं उतरने के बाद पाकिस्तान के अनुभवी अंपायर अहसान रजा ने ऑन-फील्ड अंपायर की जिम्मेदारी संभाली। अहसान रजा पहले टीवी अंपायर की भूमिका में थे, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार उन्हें मैदान पर भेजा गया।
इस बीच भारत ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है और श्रीलंका पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अब मुकाबले का रुख श्रीलंका की पहली पारी और भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन पर काफी निर्भर करेगा।
