स्थान: वाशिंगटन / तेहरान / दुबई
दिनांक: 8 जुलाई, 2026
अंतरराष्ट्रीय ब्यूरो:
पश्चिम एशिया (Middle East) में पिछले तीन महीनों से जारी नाजुक सीजफायर (अस्थायी युद्धविराम) मंगलवार को पूरी तरह तार-तार हो गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के लड़ाकू विमानों और नौसैनिक जहाजों ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और विनाशकारी सैन्य कार्रवाई करते हुए उसके 80 से अधिक सैन्य ठिकानों को हवाई हमलों (Airstrikes) में तबाह कर दिया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला अप्रैल में हुए सीजफायर समझौते के बाद से ईरान पर किया गया सबसे बड़ा ‘दंडात्मक प्रहार’ (Punishment) है।
इस भीषण हमले के कुछ ही घंटों के भीतर, ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने पलटवार करते हुए खाड़ी देशों—बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाकर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस जवाबी कार्रवाई के बाद पूरे बहरीन और कुवैत में आधी रात को हवाई हमलों के सायरन (Air Raid Sirens) गूंज उठे, जिससे क्षेत्र में एक बार फिर पूर्ण रूप से महायुद्ध छिड़ने की आशंका गहरा गई है।
भड़काऊ कारण: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 3 कमर्शियल जहाजों पर ड्रोन हमला
अमेरिकी सेना ने साफ किया है कि यह हवाई हमला कोई अकारण कार्रवाई नहीं थी, बल्कि ईरान द्वारा सीजफायर के खुले उल्लंघन का कड़ा जवाब था।
तनाव की क्रोनोलॉजी:
मंगलवार को ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की शवयात्रा के बीच, आईआरजीसी (IRGC) के लड़ाकू दस्तों ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) में सऊदी अरब और कतर के बड़े तेल टैंकरों सहित तीन वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Ships) पर ड्रोन और मिसाइल से घातक हमला कर दिया था। इसमें कतर का एक विशाल लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) टैंकर ‘अल रेकय्यत’ भी शामिल था, जिसके इंजन रूम में आग लग गई थी।
इस दुस्साहस के तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने “ईरान को भारी कीमत चुकाने” की चेतावनी दी और अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने ईरान को वैश्विक बाजार में तेल बेचने की दी गई अस्थायी छूट (Oil License) को भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।
‘ऑपरेशन पनिशमेंट’: अमेरिकी एयरस्ट्राइक में ईरान को क्या नुकसान हुआ?
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन पहले के हमलों की तुलना में 4 से 5 गुना बड़ा और शक्तिशाली था। अमेरिकी वायुसेना के F-35A लाइटनिंग II स्टील्थ फाइटर्स और नौसैनिक युद्धपोतों ने दक्षिणी ईरान को पूरी तरह हिलाकर रख दिया।
- निशाने पर आए 80 से अधिक ठिकाने: अमेरिकी हमलों ने ईरान के मुख्य तेल हब ‘खार्क द्वीप’ (Kharg Island), इसके अलावा काेश्म द्वीप, सिरीक और बंदर अब्बास जैसे तटीय शहरों में तबाही मचाई।
- सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर ध्वस्त: सेंटकॉम के अनुसार, इस कार्रवाई में ईरान के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार निगरानी प्रणाली, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल साइट्स, एंटी-शिप क्रूज मिसाइल लॉन्चर्स और आईआरजीसी (IRGC) की 60 से अधिक सैन्य स्पीड-बोट्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास के शाहिद हक्कानी बंदरगाह और सिरीक घाट पर भीषण आग लगने की पुष्टि की है।
ईरान का पलटवार: बहरीन का सलमान पोर्ट और कुवैत का अली अल-सालेम एयरबेस दहल उठे
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान के शीर्ष सैन्य कमान ‘खातम अल-अंबिया’ ने इसे ‘खुली आक्रामकता’ बताते हुए विनाशकारी जवाब देने की कसम खाई। इसके कुछ ही समय बाद ईरान ने बहरीन और कुवैत की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स की झड़ी लगा दी।
- कुवैत में अलर्ट: कुवैती सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने आसमान में ही कई दुश्मन मिसाइलों और ड्रोन्स को इंटरसेप्ट (हवा में नष्ट) किया है। धमाकों की गूंज से राजधानी कुवैत सिटी दहल उठी। ईरान ने कुवैत में स्थित ‘अली अल-सालेम अमेरिकी एयरबेस’ को निशाना बनाया था।
- बहरीन में सायरन: बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने देश में हवाई हमलों के सायरन बजने की पुष्टि की। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आईआरजीसी ने बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े (Fifth Fleet) के मुख्यालय और सलमान पोर्ट को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं।
24 घंटे के भीतर खाड़ी युद्ध का बदला समीकरण
| देश / पक्ष | की गई बड़ी सैन्य व कूटनीतिक कार्रवाई | वर्तमान स्थिति और प्रभाव |
| संयुक्त राज्य अमेरिका 🇺🇸 | ईरान के 80+ मिसाइल व एयर डिफेंस ठिकानों को उड़ाया; तेल निर्यात लाइसेंस रद्द किया। | खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना और पैट्रियट मिसाइल डिफेन्स प्रणालियों को ‘हाई-अलर्ट’ पर रखा गया है। |
| ईरान 🇮🇷 | बहरीन (US 5th Fleet) और कुवैत (US Airbase) पर 85 मिसाइल व ड्रोन दागे। | खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच देश को पूर्ण युद्ध (Full-scale war) के लिए तैयार रहने को कहा गया। |
| खाड़ी देश (सऊदी-कतर) 🇸🇦 🇶🇦 | ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की; कतर ने ईरानी उप-राजदूत को तलब कर विरोध पत्र सौंपा। | वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अचानक 6 से 8% का भारी उछाल देखा गया। |
इस नए और अप्रत्याशित सैन्य टकराव ने फरवरी 2026 से जारी ‘अमेरिका-इजराइल-ईरान’ संघर्ष को खत्म करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को पूरी तरह मटियामेट कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने दोनों पक्षों से तत्काल संयम बरतने की अपील की है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जब तक ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमले बंद नहीं करता, तब तक यह दंडात्मक अभियान रुकने वाला नहीं है।
