दिनांक: 18 जून, 2026
स्थान: वर्साय पैलेस, फ्रांस
मुख्य बिंदु:
- समझौता: अमेरिका और ईरान के बीच 14-सूत्रीय (14-point) ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MoU) पर हस्ताक्षर।
- हस्ताक्षरकर्ता: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान।
- परिणाम: मध्य-पूर्व (West Asia) में जारी 110 दिनों के सैन्य संघर्ष का अंत।
क्या है ‘वर्साय डील’?
फ्रांस के वर्साय पैलेस में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक भव्य रात्रिभोज में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। राष्ट्रपति ट्रंप ने उत्साह के साथ मीडिया से पुष्टि करते हुए कहा, “It’s signed!” (यह साइन हो गया है)।
यह समझौता आधिकारिक रूप से ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ कहलाता है। इसकी प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:
- तत्काल युद्ध विराम: अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगियों के बीच सभी मोर्चों पर, विशेष रूप से लेबनान में, सैन्य अभियानों का तत्काल और स्थायी अंत।
- हर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस मार्ग को बिना किसी टोल के तत्काल प्रभाव से खोल दिया गया है।
- परमाणु कार्यक्रम: ईरान अपने 60% तक संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) के भंडार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की देखरेख में ‘डाउन-ब्लेंड’ (dilute) करने पर सहमत हुआ है।
- प्रतिबंधों में ढील: अमेरिका ईरान पर लगे कुछ महत्वपूर्ण प्रतिबंधों को हटाने और ईरानी तेल के निर्यात के लिए ‘वेवर’ (waiver) जारी करने पर सहमत हुआ है।
- 60-दिवसीय समयसीमा: यह समझौता एक प्रारंभिक कदम है, जिसके तहत अगले 60 दिनों में दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम और भविष्य के संबंधों पर एक अंतिम समझौते के लिए बातचीत शुरू होगी।
वैश्विक प्रभाव
इस समझौते की खबर आते ही वैश्विक बाजारों में हलचल तेज हो गई है।
- तेल की कीमतों में गिरावट: समझौते के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Brent crude) की कीमतों में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
- आर्थिक राहत: अमेरिका ईरान के तेल निर्यात, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े प्रतिबंधों को चरणों में हटाने की योजना पर काम करेगा।
ट्रंप का रुख
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान समझौते की शर्तों का पालन नहीं करता है, तो अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने कहा, “यह एक मेमोरेंडम है। अगर मुझे यह पसंद नहीं आया, तो हम वापस बमबारी शुरू कर सकते हैं।”
वहीं, ट्रंप ने उन दावों को सिरे से खारिज किया है कि अमेरिका ईरान को 300 मिलियन डॉलर का भुगतान कर रहा है। उन्होंने इसे “फेक न्यूज” करार दिया है।
