23 अप्रैल 2026
मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और पूरे राज्य में तापमान लगातार खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है। प्रदेश को अब “हीटवेव जोन” के रूप में देखा जा रहा है, जहां दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पड़ोसी राज्यों से आ रही गर्म और रेगिस्तानी हवाएं तथा आसमान में बना “हीट डोम” इस स्थिति को और गंभीर बना रहा है।
खजुराहो बना सबसे गर्म शहर, कई जिलों में 43°C के पार तापमान
प्रदेश के पर्यटन स्थल खजुराहो में तापमान 43.4°C तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक दर्ज तापमान है। इसके अलावा:
- नर्मदापुरम: 43.2°C
- नौगांव: 43.0°C
- रायसेन: 42.4°C
- नरसिंहपुर, सीधी: 42.0°C
वहीं राजधानी भोपाल और इंदौर में भी तापमान 41°C से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे शहरों में भीषण गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है।
बुंदेलखंड बना सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार, बुंदेलखंड क्षेत्र इस समय प्रदेश का सबसे गर्म इलाका बन चुका है। पचमढ़ी को छोड़कर लगभग पूरा मध्य प्रदेश 40–41°C से ऊपर के तापमान में झुलस रहा है।
लू का अलर्ट जारी, कई जिलों में खतरा बढ़ा
मौसम विभाग ने रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी सहित कई जिलों में लू (Heatwave) का यलो अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा, प्रदेश के करीब 19 जिलों में लू जैसे हालात बन चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे तेजी से बढ़ रहे हैं।
दिन ही नहीं, रात में भी नहीं मिल रही राहत
स्थिति और चिंताजनक तब हो जाती है जब रात के समय भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। कई जिलों में रात का तापमान 27–28°C तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों को 24 घंटे गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है।
भोपाल, सीहोर, देवास, सिवनी, नर्मदापुरम, निवाड़ी और सीधी जैसे क्षेत्रों में रात के समय भी गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे नींद और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
जनजीवन पर असर, स्कूलों में बदलाव और छुट्टियां
भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने कई कदम उठाने शुरू कर दिए हैं:
- स्कूलों का समय पहले ही बदला जा चुका है
- सागर जिले में नर्सरी से कक्षा 5 तक छुट्टी घोषित
- अन्य जिलों में भी छुट्टियों पर विचार जारी
इसके अलावा, गर्मी के कारण बाजारों में भीड़ कम हो गई है और लोग दिन के समय बाहर निकलने से बच रहे हैं।
24 घंटे गर्म हवाओं का प्रकोप, बढ़ा स्वास्थ्य जोखिम
प्रदेश में लगातार गर्म हवाएं चलने और उमस बढ़ने से लोगों को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी के चरम दौर से गुजर रहा है, जहां दिन और रात दोनों ही समय तापमान खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। लगातार बढ़ती गर्मी, लू का खतरा और जनजीवन पर पड़ता असर यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में हालात और कठिन हो सकते हैं, इसलिए सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है।
