बांधवगढ़ में मानसून का जादू, 47 दिनों में पहुंचे 2 हजार पर्यटक

22 अगस्त 2026 | मध्य प्रदेश

बारिश के मौसम में बढ़ा वन्यजीवों का रोमांच

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मानसून के दौरान जंगल का नजारा बेहद खूबसूरत हो गया है। बारिश के बाद जंगल हरियाली से भर गया है और वन्यजीवों की गतिविधियां भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसी वजह से बांधवगढ़ के बफर जोन में सफारी को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

47 दिनों में करीब 2 हजार पर्यटक पहुंचे

मानसून के दौरान बांधवगढ़ के बफर जोन में सफारी के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। पिछले 47 दिनों में करीब 2 हजार पर्यटकों ने यहां जंगल सफारी का आनंद लिया। पर्यटकों के लिए बारिश के बीच जंगल को करीब से देखना एक अलग और रोमांचक अनुभव बन रहा है।

बाघ और तेंदुए ने बढ़ाया रोमांच

सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघ और तेंदुए जैसे वन्यजीव देखने का मौका मिल रहा है। जंगल में इनकी गतिविधियां पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई हैं। बारिश के बाद हरे-भरे जंगल में वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में देखना लोगों को खास अनुभव दे रहा है।

हाथी और गौर भी बने आकर्षण

बांधवगढ़ में केवल बाघ और तेंदुआ ही नहीं, बल्कि हाथी और गौर की मौजूदगी भी पर्यटकों का ध्यान खींच रही है। सफारी के दौरान अलग-अलग वन्यजीवों को देखने से पर्यटकों का रोमांच और बढ़ रहा है।

बारिश के बाद जंगल का बदला रूप

मानसून की बारिश ने बांधवगढ़ के जंगलों को नई हरियाली से भर दिया है। पेड़-पौधों और घास के हरे रंग के बीच जंगल का प्राकृतिक सौंदर्य देखने लायक है। यही खूबसूरती पर्यटकों को मानसून सफारी की ओर आकर्षित कर रही है।

बफर जोन में सफारी बनी खास पसंद

मानसून के दौरान बफर जोन में सफारी पर्यटकों के लिए जंगल और वन्यजीवों को करीब से समझने का एक अच्छा मौका बन रही है। यहां सफारी के दौरान प्रकृति के साथ-साथ वन्यजीवों की गतिविधियों को देखने का अनुभव पर्यटकों को काफी पसंद आ रहा है।

वन्यजीव पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा

बांधवगढ़ में पर्यटकों की बढ़ती संख्या से वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है। मानसून के दौरान करीब 2 हजार पर्यटकों का पहुंचना बताता है कि लोग प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीवों को करीब से देखने में लगातार रुचि ले रहे हैं।

निष्कर्ष:
बांधवगढ़ में मानसून ने जंगल की खूबसूरती और वन्यजीवों के रोमांच को एक साथ बढ़ा दिया है। हरी-भरी वादियां, बारिश का मौसम और बाघ-तेंदुए से लेकर हाथी और गौर तक की मौजूदगी ने इस समय की सफारी को पर्यटकों के लिए खास बना दिया है।

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