23 राज्यों में मौसम का तांडव! भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, कई इलाकों में 80 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026:देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक शुक्रवार को देश के करीब 23 राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग के अलर्ट के बीच दिल्ली-NCR से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का खतरा भी बताया गया है।

दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है। मौसम में बदलाव के कारण तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

दिल्ली-NCR में बारिश के दौरान कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। तेज बारिश के साथ यातायात की रफ्तार प्रभावित होने और सड़कों पर दृश्यता कम होने की आशंका भी रहती है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और खुले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार को बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

कुछ इलाकों में भारी बारिश होने से खेतों में पानी भरने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को भी मौसम को ध्यान में रखते हुए कृषि गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

बिजली चमकने के दौरान पेड़, बिजली के खंभे या खुले मैदान में खड़े होने से बचना जरूरी है।

मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय

मध्य प्रदेश के लिए भी यह मौसम प्रणाली महत्वपूर्ण है। 21 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई है। साथ ही राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है।

भोपाल सहित कई शहरों में मौसम बादलों से घिरा रह सकता है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या सामने आ सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों के जलस्तर पर भी नजर रखना जरूरी होगा।

बिहार और झारखंड में भी अलर्ट

बिहार और झारखंड के कई हिस्सों में बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। बिहार में कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक का मौसम बन सकता है।

झारखंड में भी बारिश का प्रभाव कई जिलों में दिखाई दे सकता है। भारी बारिश की स्थिति में स्थानीय नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने की संभावना रहती है।

प्रशासन को निचले और जलभराव वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत होगी।

राजस्थान में भी बारिश का असर

आमतौर पर गर्म और शुष्क मौसम के लिए पहचाने जाने वाले राजस्थान के कई हिस्सों में भी मानसून का प्रभाव देखने को मिल रहा है।

राज्य के कुछ जिलों में बादल, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

बारिश से तापमान में राहत मिल सकती है, लेकिन तेज आंधी के कारण पेड़ों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान का खतरा भी बना रहेगा।

हिमाचल और उत्तराखंड में ज्यादा सावधानी

पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का असर मैदानी इलाकों से ज्यादा गंभीर हो सकता है।

लगातार बारिश होने पर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

इसलिए स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी यात्रा संबंधी चेतावनियों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।

पहाड़ों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

पूर्वी भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून

ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

ओडिशा में भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव और निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने की संभावना रहती है। वहीं पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में भी कई स्थानों पर बारिश होने का पूर्वानुमान है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश

पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून पहले से सक्रिय है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

पहाड़ी और नदी किनारे वाले इलाकों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।

इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखनी होगी।

80 KM प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा

मौसम चेतावनी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा तेज हवाओं से जुड़ा है। कुछ क्षेत्रों में आंधी के दौरान हवा के झोंके 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका बताई गई है।

इतनी तेज हवा में पेड़ की शाखाएं टूटने, बिजली के तारों के क्षतिग्रस्त होने और कमजोर होर्डिंग या अस्थायी ढांचे गिरने का खतरा बढ़ जाता है।

ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों, निर्माणाधीन इमारतों और बड़े पेड़ों के नीचे जाने से बचना चाहिए।

बिजली गिरने का भी खतरा

बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की चेतावनी भी कई राज्यों के लिए जारी है।

आकाशीय बिजली मानसून के दौरान सबसे गंभीर प्राकृतिक खतरों में से एक है। खेतों, खुले मैदानों और ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले लोगों के लिए यह विशेष चिंता का विषय है।

बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में खड़े रहने के बजाय सुरक्षित इमारत के अंदर रहना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण मौसम अलर्ट

बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है।

जिन क्षेत्रों में पहले से खेतों में पर्याप्त नमी है, वहां लगातार भारी बारिश से जलभराव हो सकता है। सब्जियों और अन्य संवेदनशील फसलों पर तेज बारिश और हवाओं का प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सिंचाई और अन्य कृषि गतिविधियों को तय करने की सलाह दी जाती है।

जलभराव और बाढ़ का खतरा

कई राज्यों में लगातार बारिश होने के कारण शहरों और गांवों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।

शहरी इलाकों में खराब ड्रेनेज सिस्टम वाले क्षेत्रों में सड़कें पानी से भर सकती हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से संपर्क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं।

पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा भी बना रहेगा।

मौसम विभाग की चेतावनी क्यों महत्वपूर्ण?

मौसम विभाग का अलर्ट लोगों को संभावित खराब मौसम के लिए पहले से तैयार रहने में मदद करता है।

भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना होने पर प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ानी पड़ती है। स्कूल, परिवहन, निर्माण कार्य और कृषि गतिविधियों पर भी मौसम का असर पड़ सकता है।

इसी वजह से IMD की चेतावनी को केवल सामान्य बारिश का पूर्वानुमान नहीं बल्कि आपदा जोखिम कम करने वाली महत्वपूर्ण सूचना माना जाता है।

अगले कुछ दिनों में भी जारी रह सकता है बारिश का दौर

21 अगस्त का मौसम अलर्ट केवल एक दिन तक सीमित नहीं माना जा रहा। देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है।

इसका मतलब है कि जिन क्षेत्रों में पहले से भारी बारिश हो रही है, वहां आने वाले दिनों में भी जलभराव और बाढ़ की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।

विशेषकर पहाड़ी राज्यों और नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को कुछ सामान्य सावधानियां बरतनी चाहिए।

बारिश और आंधी के दौरान:

  • खुले मैदान में जाने से बचें।
  • बिजली चमकने पर पेड़ के नीचे खड़े न हों।
  • तेज हवाओं के दौरान कमजोर होर्डिंग और निर्माणाधीन ढांचों से दूर रहें।
  • जलभराव वाली सड़कों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
  • पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की नई चेतावनियों पर नजर रखें।

आज का मौसम संदेश

21 अगस्त 2026 को देश के बड़े हिस्से में मानसून की सक्रियता के बीच 23 राज्यों में बारिश, आंधी, गरज-चमक और बिजली का अलर्ट चिंता बढ़ा रहा है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के झोंके 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं, जबकि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में लोगों को मौसम पर नजर रखने की जरूरत है।

मानसून की यह सक्रियता जहां गर्मी से राहत दे रही है, वहीं तेज बारिश और आंधी ने प्रशासन से लेकर आम लोगों तक के लिए सतर्क रहने की जरूरत बढ़ा दी है। आने वाले 24 से 72 घंटे कई इलाकों के लिए अहम रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *