गॉल | 19 अगस्त 2026
भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले जा रहे पहले टेस्ट के तीसरे दिन मुकाबले में उस समय रोमांच बढ़ गया, जब भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका के शुरुआती पांच बल्लेबाजों को सस्ते में पवेलियन भेज दिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका की पहली पारी बहुत जल्द खत्म हो जाएगी और भारत को बड़ी बढ़त मिल जाएगी। लेकिन सोनल दिनुषा और निरोशन डिकवेला ने शानदार साझेदारी करके मैच का रुख काफी हद तक बदल दिया।
हालांकि अंत में भारत ने श्रीलंका को 284 रन पर ऑलआउट कर दिया और पहली पारी के आधार पर 178 रन की बढ़त हासिल कर ली। सोनल दिनुषा ने शानदार 100 रन बनाए, जबकि निरोशन डिकवेला ने 80 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। भारत की ओर से युवा स्पिनर मानव सुथार ने चार विकेट और रवींद्र जडेजा ने तीन विकेट लिए।
भारत ने 462 रन से शुरू किया दिन
तीसरे दिन भारत ने अपनी पहली पारी को आगे बढ़ाया। टीम इंडिया ने दिन की शुरुआत 460/9 के स्कोर से की थी और जल्द ही उसकी पारी 462 रन पर समाप्त हो गई।
भारत की पहली पारी में सबसे बड़ी पारी देवदत्त पडिक्कल ने खेली। उन्होंने शानदार 167 रन बनाए। उनके अलावा केएल राहुल ने 82 रन का योगदान दिया।
श्रीलंका की तरफ से प्रभात जयसूर्या सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने चार विकेट हासिल किए।
भारत के 462 रन के जवाब में श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही।
सिराज ने दूसरी गेंद पर दिया झटका
श्रीलंका की पहली पारी की शुरुआत होते ही भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने मेजबान टीम को बड़ा झटका दे दिया।
सिराज ने पारी की दूसरी ही गेंद पर निशान मदुश्का को आउट कर दिया। गेंद ने बल्ले का बाहरी किनारा लिया और पहली स्लिप में देवदत्त पडिक्कल ने कैच पकड़ लिया।
इस विकेट के बाद श्रीलंका पर शुरुआत से ही दबाव बन गया।
मानव सुथार ने मचाया कहर
इसके बाद भारतीय युवा स्पिनर मानव सुथार ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।
सुथार ने अपने पहले ही ओवर में अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल को आउट कर दिया। गेंद ने टर्न लिया और विकेटकीपर ऋषभ पंत ने कैच पकड़ लिया।
इसके बाद सुथार ने लाहिरू उदारा को भी अपना शिकार बनाया।
भारतीय गेंदबाजों की शानदार शुरुआत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि श्रीलंका ने एक समय बहुत कम स्कोर पर अपने कई महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे।
कप्तान धनंजया डी सिल्वा भी नहीं टिक पाए
श्रीलंकाई कप्तान धनंजया डी सिल्वा से टीम को बड़ी पारी की उम्मीद थी।
लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें ज्यादा देर क्रीज पर टिकने नहीं दिया। धनंजया 21 रन बनाकर आउट हो गए।
रवींद्र जडेजा की गेंद पर उनका कैच केएल राहुल ने स्लिप में पकड़ा।
धनंजया का विकेट गिरने के बाद ऐसा लगने लगा था कि श्रीलंका बहुत कम स्कोर पर सिमट जाएगा।
99 रन पर 5 विकेट, श्रीलंका मुश्किल में
श्रीलंका की स्थिति एक समय बेहद खराब थी। टीम ने 99 रन के आसपास पांच विकेट गंवा दिए थे।
भारत के पास मौका था कि वह श्रीलंका को जल्दी ऑलआउट करके बड़ी बढ़त हासिल कर ले।
लेकिन इसके बाद मैच में ऐसा मोड़ आया जिसकी शायद भारतीय टीम ने उम्मीद नहीं की थी।
डिकवेला और सोनल दिनुषा ने बदला मैच का रुख
श्रीलंका के लिए निरोशन डिकवेला और सोनल दिनुषा ने मोर्चा संभाला।
दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिनरों के खिलाफ बेहद संयम से बल्लेबाजी की। दोनों ने खास तौर पर स्वीप शॉट का अच्छा इस्तेमाल किया और भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए काफी इंतजार कराया।
दोनों के बीच 146 रनों की शानदार साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने श्रीलंका को बेहद मुश्किल स्थिति से बाहर निकाल दिया।
यही वह साझेदारी थी जिसके बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या गॉल टेस्ट अब ड्रॉ की तरफ बढ़ सकता है।
डिकवेला ने लगाया अर्धशतक
लंबे समय बाद टेस्ट टीम में वापसी करने वाले निरोशन डिकवेला ने शानदार बल्लेबाजी की।
उन्होंने 67 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और भारत के स्पिनरों के खिलाफ अच्छी तकनीक दिखाई।
एक समय डिकवेला 20 रन पर ही आउट हो सकते थे, लेकिन केएल राहुल ने स्लिप में उनका कैच छोड़ दिया। इसके बाद डिकवेला ने इसका पूरा फायदा उठाया।
हालांकि बाद में वह 80 रन के निजी स्कोर पर आउट हो गए।
सोनल दिनुषा का शानदार शतक
डिकवेला के आउट होने के बाद भी सोनल दिनुषा ने अपनी बल्लेबाजी जारी रखी।
उन्होंने धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया।
दिनुषा ने 168 गेंदों का सामना करते हुए 100 रन बनाए। उनकी पारी में शानदार संयम देखने को मिला। उन्होंने भारतीय स्पिनरों के खिलाफ स्वीप और डिफेंस का प्रभावी इस्तेमाल किया।
लेकिन शतक पूरा करने के तुरंत बाद ही वह रवींद्र जडेजा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए।
यानी दिनुषा के लिए शतक खुशी के साथ-साथ तत्काल निराशा भी लेकर आया।
भारत ने फिर की वापसी
डिकवेला और दिनुषा की साझेदारी टूटने के बाद भारत ने दोबारा मैच पर पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी।
रवींद्र जडेजा ने महत्वपूर्ण विकेट लेकर श्रीलंका की निचले क्रम की बल्लेबाजी को परेशान किया।
जडेजा ने इस दौरान टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट और 4000 रन का खास डबल भी पूरा किया। यह उपलब्धि उनके शानदार टेस्ट करियर में एक और बड़ा पड़ाव रही।
मानव सुथार ने चार विकेट लेकर पारी समेटी
श्रीलंका की पारी के आखिरी हिस्से में मानव सुथार ने फिर कमाल किया।
उन्होंने कुल 4 विकेट लेकर भारतीय गेंदबाजी की अगुवाई की। सुथार ने 4/76 के आंकड़े के साथ पारी समाप्त की।
रवींद्र जडेजा ने तीन विकेट लिए।
भारतीय गेंदबाजों के इस प्रदर्शन के कारण श्रीलंका की टीम आखिरकार 284 रन पर ऑलआउट हो गई।
भारत को मिली 178 रन की बढ़त
श्रीलंका के 284 रन पर आउट होने के बाद भारत को पहली पारी के आधार पर 178 रन की बड़ी बढ़त मिल गई।
462 रन के जवाब में श्रीलंका 284 रन तक ही पहुंच सका।
इस स्थिति में भारत के पास मैच को अपने पक्ष में ले जाने का अच्छा मौका था।
लेकिन गॉल की परिस्थितियों और टेस्ट मैच में बचे समय को देखते हुए मुकाबले के परिणाम को लेकर उस समय कई संभावनाएं बन रही थीं।
क्या ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था गॉल टेस्ट?
तीसरे दिन श्रीलंका की पारी में डिकवेला और दिनुषा की लंबी साझेदारी के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या बारिश और समय की कमी के कारण मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ सकता है।
हालांकि भारत के पास 178 रन की बढ़त थी, लेकिन मैच के बचे समय और मौसम को देखते हुए भारतीय टीम के सामने जल्दी रन बनाने और फिर श्रीलंका के विकेट निकालने की चुनौती थी।
बाद में बारिश के कारण भी खेल प्रभावित हुआ और दिन का खेल श्रीलंका के 284 रन पर ऑलआउट होने के बाद आगे नहीं बढ़ सका।
बारिश भी बनी मैच की बड़ी कहानी
गॉल टेस्ट में मौसम लगातार दोनों टीमों की रणनीति को प्रभावित कर रहा था।
पिछले दिन बारिश के कारण काफी खेल नहीं हो पाया था। तीसरे दिन भी मौसम पर नजर बनी रही।
भारत के लिए यह चिंता का विषय था क्योंकि अगर मैच के कई ओवर बारिश में धुलते हैं तो बड़ी बढ़त होने के बावजूद विपक्षी टीम को आउट करने और जीत हासिल करने के लिए पर्याप्त समय कम हो सकता है।
भारत के लिए अब क्या चुनौती?
भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि दूसरी पारी में तेजी से रन बनाकर श्रीलंका के सामने ऐसा लक्ष्य रखा जाए जिसे हासिल करना आसान न हो।
दूसरी तरफ श्रीलंका की कोशिश होगी कि भारत के विकेट जल्दी निकालकर उसे बड़े लक्ष्य से रोका जाए।
अगर भारत दूसरी पारी में मजबूत बल्लेबाजी करता है तो श्रीलंका पर चौथी पारी में काफी दबाव आ सकता है।
गॉल की पिच पर स्पिन का महत्व
गॉल की पिच पर जैसे-जैसे टेस्ट आगे बढ़ता है, स्पिन गेंदबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
भारत के पास रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार जैसे स्पिन विकल्प मौजूद हैं।
श्रीलंका के पास भी प्रभात जयसूर्या जैसे अनुभवी स्पिनर हैं।
ऐसे में चौथी पारी में बल्लेबाजी करना दोनों टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
सोनल दिनुषा की पारी ने बचाई श्रीलंका की लाज
अगर दिनुषा और डिकवेला की साझेदारी नहीं होती तो श्रीलंका शायद बहुत कम स्कोर पर सिमट जाता।
एक समय 99/5 की स्थिति से टीम को 284 रन तक पहुंचाना मेजबान टीम के लिए बड़ी राहत थी।
दिनुषा का पहला टेस्ट शतक और डिकवेला की 80 रन की पारी श्रीलंका के लिए इस दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
मैच का स्कोरकार्ड
| टीम | स्कोर |
|---|---|
| भारत पहली पारी | 462 ऑलआउट |
| श्रीलंका पहली पारी | 284 ऑलआउट |
| भारत की बढ़त | 178 रन |
| भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज | देवदत्त पडिक्कल – 167 |
| श्रीलंका के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज | सोनल दिनुषा – 100 |
| भारत के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज | मानव सुथार – 4/76 |
| श्रीलंका के प्रमुख बल्लेबाज | निरोशन डिकवेला – 80 |
