सोनिया गांधी का बड़ा बयान: मनमोहन सिंह देश के सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में एक, इतिहास उन्हें हमेशा सम्मान से याद रखेगा

नई दिल्ली | 11 अगस्त, 2026

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को लेकर एक लेख के माध्यम से तीखे और स्पष्ट राजनीतिक संदेश दिए हैं। सोनिया गांधी ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह आधुनिक भारत के इतिहास के सबसे प्रभावशाली और सम्मानित प्रधानमंत्रियों में से एक थे। उनकी ईमानदारी, प्रशासनिक दक्षता और सत्यनिष्ठा का रिकॉर्ड मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के तौर-तरीकों से बिल्कुल अलग और बेदाग रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाला समय और इतिहास डॉ. सिंह को उनके महान कार्यों के लिए बेहद आदर और सम्मान के साथ याद रखेगा।

1. ईमानदारी और सत्यनिष्ठा पर उठे सवालों का जिक्र

सोनिया गांधी ने अपने आलेख में पूर्व प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान उन पर लगाए गए राजनीतिक आरोपों और कानूनी लड़ाइयों का भी खुलकर जिक्र किया:

  • क्लीन चिट का संदर्भ: उन्होंने हाल ही में अदालतों और न्याय प्रक्रिया से डॉ. मनमोहन सिंह को मिले क्लीयरेंस का जिक्र करते हुए कहा कि उनके खिलाफ चलाया गया तथाकथित अभियान और राजनीतिक षड्यंत्र अंततः बेबुनियाद साबित हुआ।
  • बेदाग छवि: सोनिया गांधी ने जोर देकर कहा कि डॉ. सिंह की पूरी राजनीतिक और प्रशासनिक जिंदगी सादगी, पारदर्शिता और उच्च नैतिक मूल्यों की मिसाल रही है, जिसकी तुलना मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य से नहीं की जा सकती।

2. बीजेपी सरकार और केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल पर तीखा हमला

लेख के माध्यम से केंद्र सरकार और वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया गया है:

  • एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप: कांग्रेस नेत्री ने आरोप लगाया कि वर्तमान सत्ता पक्ष ने राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों (जैसे सीबीआई और ईडी) का इस्तेमाल किया है, जो डॉ. मनमोहन सिंह के लोकतांत्रिक और पारदर्शी शासनकाल से बिल्कुल विपरीत है।
  • संसदीय भाषा पर टिप्पणी: उन्होंने पूर्व में संसद के भीतर पूर्व पीएम के खिलाफ की गई टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक शिष्टाचार और गरिमा का स्तर समय के साथ कैसे गिरा है, यह इतिहास गवाह है।

3. देश के आर्थिक सुधारों और विकास में अतुलनीय योगदान

  • 1991 के आर्थिक सुधार: देश जब सबसे बड़े वित्तीय संकट के दौर से गुजर रहा था, तब वित्त मंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा उठाए गए ऐतिहासिक कदमों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दी थी।
  • यूपीए कार्यकाल की उपलब्धियां: उनके 10 साल के प्रधानमंत्री कार्यकाल (2004-2014) के दौरान देश ने अभूतपूर्व आर्थिक वृद्धि दर दर्ज की और सूचना का अधिकार (RTI), मनरेगा (MGNREGA) तथा खाद्य सुरक्षा कानून जैसे कई महत्वपूर्ण अधिकार-आधारित कानून लागू किए गए, जिन्होंने करोड़ों देशवासियों के जीवन स्तर को ऊपर उठाया।

सोनिया गांधी के इस बयान के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री के कार्यकाल और उनकी विरासत को लेकर बहस तेज हो गई है।

Manmohan Singh: The Silent Prime Minister Who Transformed India

यह वीडियो पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के शुरुआती जीवन, आर्थिक सुधारों और उनके राजनीतिक सफर की पूरी यात्रा को विस्तार से दिखाता है।

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