भोपाल / जयपुर / नई दिल्ली | 10 अगस्त, 2026
देश के कई राज्यों में मानसून का एक अत्यंत शक्तिशाली और सक्रिय दौर शुरू हो चुका है, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटों से जारी भारी मानसूनी बारिश के कारण राजधानी भोपाल में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और 1000 से अधिक घरों में पानी घुस गया है। वहीं पड़ोसी राज्य राजस्थान के कई जिलों में बादलों ने रिकॉर्ड तोड़ बारिश की है, जहां कुछ हिस्सों में 12 इंच तक पानी बरसा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में भी उफनती नदियों के कटाव के चलते फर्रुखाबाद और अन्य इलाकों में कई मकान गंगा नदी में समा गए हैं।
1. मध्य प्रदेश: भोपाल में 24 घंटे में 7 इंच बारिश, 1000 से ज्यादा घरों में भरा पानी
मध्य प्रदेश में इस सीजन का सबसे मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने से प्रदेश के कई जिलों में नदियां और नाले उफान पर हैं:
- राजधानी भोपाल बेहाल: भोपाल में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन थम सा गया है। शहर के कई निचले इलाकों और कॉलोनियों में जलभराव के कारण 1,000 से अधिक घरों के आसपास 4 से 5 फीट तक पानी भर गया है।
- घरों में घुसा पानी और जीव-जंतु: अत्यधिक पानी भरने के कारण लोगों के घरों में जरूरी सामान डूब गया है, वाहन आधे डूब चुके हैं और कई जगहों पर पानी के साथ जहरीले जीव व सांप तक रिहायशी इलाकों में आ गए हैं।
- स्कूलों में अवकाश: बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने भोपाल के स्कूलों में दो दिनों की छुट्टी घोषित कर दी है। मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर और आसपास के ट्रफ क्षेत्र की वजह से नमी आने से यह स्थिति बनी है।
2. राजस्थान: 4 जिलों में अति भारी बारिश, झालावाड़ के सुनेल में 12 इंच पानी बरसा
राजस्थान में नया मानसूनी तंत्र सक्रिय होने के बाद से बादलों ने जमकर तबाही मचाई है:
- रिकॉर्ड तोड़ बारिश: राज्य के झालावाड़, कोटा, बूंदी और बांसवाड़ा जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। अकेले झालावाड़ के सुनेल इलाके में 12 इंच (300 मिमी) से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे वहां बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
- गांव जलमग्न: झालावाड़ और कोटा के कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क कट गया है और खेत तथा रास्ते पानी में डूब गए हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं तथा संवेदनशील क्षेत्रों में टीमों को तैनात किया गया है।
3. उत्तर प्रदेश: उफान पर गंगा, फर्रुखाबाद में 25 मकान नदी में समाए
पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बरसात के बाद उत्तर प्रदेश में नदियां विकराल रूप धारण कर चुकी हैं:
- गंगा का कटाव और तबाही: फर्रुखाबाद और बिजनौर समेत कई जिलों में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर बह रहा है। तेज बहाव और कटान के कारण फर्रुखाबाद में 25 मकान सीधे गंगा नदी में समा चुके हैं, जिससे लोग बेघर हो गए हैं।
- सड़कें और हाईवे डूबे: कई जगहों पर बाढ़ का पानी सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों के ऊपर बह रहा है, जिससे आवागमन बाधित हुआ है। प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर टेंट लगाकर शरण लेनी पड़ रही है, और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
