भोपाल | 4 अगस्त, 2026
मध्य प्रदेश की चर्चित दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे आने और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की जीत के बाद सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। चुनाव परिणाम आने से ठीक पहले कांग्रेस द्वारा अपने ही पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को पार्टी से निलंबित किए जाने के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह और भाजपा के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा पर गंभीर गठजोड़ के आरोप लगाए हैं।
1. “नरोत्तम मिश्रा के रिमोट पर थे घनश्याम सिंह”
राजेंद्र भारती ने मीडिया के सामने खुलकर आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह भीतर ही भीतर भाजपा नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के इशारे और ‘रिमोट’ पर काम कर रहे थे।
- भारती का दावा है कि चुनाव के दौरान अंदरखाने ऐसा खेल रचा गया था जिससे कांग्रेस को नुकसान पहुंचे और भाजपा समर्थित समीकरण साधे जा सकें।
2. “केस में स्टे दिलाने और उपचुनाव रुकवाने का ऑफर”
राजेंद्र भारती ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें अदालत के पुराने मामले में सजा और सदस्यता रद्द होने के संकट से उबारने के नाम पर प्रस्ताव दिया गया था।
- उनके अनुसार, उन्हें यह पेशकश दी गई थी कि यदि वे रास्ते से हट जाएं या सहयोग करें, तो उनके कानूनी मामले में स्टे (Stay) दिलवाया जा सकता है। भारती का आरोप है कि असल में वे लोग खुद नहीं चाहते थे कि दतिया में इतनी जल्दी उपचुनाव हो, क्योंकि इससे उनकी राजनीतिक जमीन खिसकने का डर था।
दतिया उपचुनाव की पृष्ठभूमि और कांग्रेस की कार्रवाई
- क्यों हुई थी सीट खाली: 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को करीब 7,500 से अधिक वोटों से हराया था। बाद में एक पुराने मामले में अदालत से सजा मिलने के कारण राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हो गई थी, जिसके चलते यहां 30 जुलाई 2026 को उपचुनाव कराना पड़ा।
- टिकट का विवाद और भीतरघात: भाजपा ने इस बार नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा था, जिससे पार्टी के भीतर भारी असंतोष था। वहीं, कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को टिकट दिया, जिन्होंने अंततः भाजपा उम्मीदवार को 6,056 वोटों से हराकर सीट पर कब्जा बरकरार रखा।
- हालांकि, चुनाव के ठीक पहले घनश्याम सिंह ने राजेंद्र भारती पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और भीतरघात का गंभीर आरोप लगाया था, जिसके बाद कांग्रेस ने कार्रवाई करते हुए परिणाम से पहले राजेंद्र भारती को पार्टी से निलंबित कर दिया था। अब भारती के इन नए बयानों ने मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
