नई दिल्ली | 30 जुलाई, 2026
देशभर में मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक रूप ले चुका है। पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में लगातार हो रहे भूस्खलन (Landslides) के कारण प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, वहीं सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। उधर, उत्तर से लेकर दक्षिण तक 16 राज्यों में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
उत्तराखंड में लैंडस्लाइड और केदारनाथ रूट बंद
उत्तराखंड के कई जिलों में पिछले 24 घंटों से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, जिससे पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।
- केदारनाथ यात्रा रोकी गई: रास्ते में लगातार हो रहे भूस्खलन और सुरक्षा जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा को फिलहाल रोक दिया है। यात्रियों को सोनप्रयाग और गौरीकुंड के पास सुरक्षित स्थानों पर रोक कर रखा गया है।
- मार्ग बाधित: भूस्खलन के कारण कई संपर्क मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मलबे को हटाने के कार्य में जुटी हैं।
हरिद्वार में उफनती गंगा में बही कांवड़िया, जम्मू-कश्मीर में भी बिगड़े हालात
- हरिद्वार हादसा: सावन के महीने में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में गंगा नदी के तेज बहाव में एक कांवड़िया के बह जाने की दर्दनाक घटना सामने आई है। प्रशासन गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान चला रहा है और घाटों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
- जम्मू-कश्मीर में तबाही: जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भी भारी बारिश, अचानक बाढ़ (Flash Floods) और छोटे भूस्खलन के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदियां और नाले उफान पर हैं।
राजस्थान समेत 16 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मानसून की सक्रियता को देखते हुए देश के 16 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
- इस सूची में राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात और पूर्वोत्तर के कई राज्य शामिल हैं।
- मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, उफनते नालों और नदियों के पास न जाने तथा सतर्क रहने की सलाह दी है।
