स्थान: नई दिल्ली / जकार्ता
दिनांक: 6 जुलाई, 2026
विशेष संवाददाता, नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह अपनी छह दिवसीय तीन राष्ट्रों (इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) की रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण यात्रा के पहले पड़ाव के लिए इंडोनेशिया रवाना हो गए। जकार्ता रवाना होने से पहले अपने प्रस्थान वक्तव्य (Departure Statement) में पीएम मोदी ने कहा कि यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और समुद्री सुरक्षा के दृष्टिकोण ‘महासागर विज़न’ (MAHASAGAR Vision) को नई मजबूती देगी।
इस तीन दिवसीय (6 से 8 जुलाई) हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान पीएम मोदी इंडोनेशिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (Prabowo Subianto) के साथ द्विपक्षीय शिखर वार्ता करेंगे। राजनयिक और रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य आकर्षण भारत-रूस संयुक्त उपक्रम द्वारा निर्मित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस (BrahMos) की खरीद को लेकर होने वाला अंतिम करार है, जो लगभग ₹2,500 करोड़ से ₹3,500 करोड़ ($300 to $450 Million) के बीच हो सकता है।
इंडोनेशिया के सैन्य आधुनिकीकरण को धार देगी भारतीय ब्रह्मोस
पश्चिम प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच इंडोनेशिया अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत की तरफ देख रहा है।
- पूल को आगे बढ़ाने की तैयारी: इसी साल मार्च में इंडोनेशिया ने तटीय सुरक्षा (Coastal Defence Variant) के लिए ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की प्रारंभिक पुष्टि की थी। अब रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि प्रबोवो सुबियांतो के साथ होने वाली बैठक में इस सौदे के ‘फेज्ड प्रोक्योरमेंट’ (चरणबद्ध खरीद) मॉडल को अंतिम रूप दिया जा सकता है, जिसके तहत इंडोनेशिया कई मिसाइल बैटरियां, मोबाइल लॉन्चर और रडार सिस्टम खरीदेगा।
- दूसरा बड़ा खरीदार: यदि इस रक्षा सौदे पर अंतिम हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो फिलीपींस ($375 मिलियन डील) के बाद इंडोनेशिया भारतीय ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली को खरीदने वाला दुनिया का दूसरा विदेशी देश बन जाएगा। इससे भारत के रक्षा निर्यात (Defence Exports) को बहुत बड़ा बूस्ट मिलेगा।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: दुनिया के विशाल हिंदू मंदिर परिसरों में शामिल ‘प्रम्बानन’ जाएंगे पीएम
रक्षा और आर्थिक कूटनीति के साथ-साथ इस यात्रा में भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ (सांस्कृतिक विरासत) की भी बड़ी झलक देखने को मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ इंडोनेशिया के योग्याकार्ता (Yogyakarta) स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर परिसर (Prambanan Temple Complex) का विशेष दौरा करेंगे।
क्या है प्रम्बानन मंदिर की खासियत?:
9वीं शताब्दी में निर्मित प्रम्बानन मंदिर यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। यह भारत के बाहर (मुख्यतः दक्षिण-पूर्वी एशिया) स्थित भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा (त्रिदेव) को समर्पित सबसे बड़ा और भव्य हिंदू मंदिर परिसर है। मुस्लिम बहुल देश इंडोनेशिया में इस प्राचीन मंदिर की भव्यता और वहां की संस्कृति में रामायण-महाभारत के प्रभाव को देखना भारत और इंडोनेशिया के सदियों पुराने सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों (Civilizational Ties) की गहराई को दर्शाता है।
पीएम मोदी की 6 दिवसीय 3-देशीय यात्रा का पूरा खाका
| तारीख और पड़ाव | गंतव्य देश और शहर | प्रमुख कार्यक्रम और रणनीतिक एजेंडा |
| 6-8 जुलाई, 2026 | जकार्ता व योग्याकार्ता, इंडोनेशिया | राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता, ब्रह्मोस डील, प्रम्बानन मंदिर दर्शन और भारतीय प्रवासियों (Diaspora) को संबोधन। |
| 8-10 जुलाई, 2026 | मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया | ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज के साथ रणनीतिक साझेदारी, भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पर मंथन। |
| 10-11 जुलाई, 2026 | ऑकलैंड, न्यूजीलैंड | 4 दशकों में किसी भारतीय पीएम की पहली न्यूजीलैंड यात्रा। पीएम क्रिस्टोफर लक्सन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और व्यापारिक संबंधों पर चर्चा। |
विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, साल 2018 में दोनों देशों के बीच संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) में बदले जाने के बाद पीएम मोदी का यह पहला आधिकारिक द्विपक्षीय इंडोनेशिया दौरा है। राष्ट्रपति सुबियांतो जनवरी 2025 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच रणनीतिक विश्वास काफी गहरा हुआ है। इस यात्रा से मलक्का जलडमरूमध्य (Malacca Strait) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों पर चीन के बढ़ते दबदबे को संतुलित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
पीएम मोदी के जकार्ता एयरपोर्ट पहुंचने के लाइव विजुअल्स, ब्रह्मोस डील पर आधिकारिक एमओयू (MoU) साइन होने
