स्थान: सूरत
दिनांक: 30 जून, 2026
विशेष संवाददाता, सूरत:
अहमदाबाद से नवी मुंबई जा रही इंडिगो एयरलाइंस की एक फ्लाइट (6E-7018) में सोमवार शाम को उस समय हड़कंप मच गया, जब हवा में उड़ान के दौरान एक 3 साल का मासूम बच्चा अचानक बेहोश हो गया। बच्चे की तेजी से बिगड़ती हालत को देखते हुए विमान के पायलट ने बिना एक पल गंवाए ‘मेडिकल इमरजेंसी’ घोषित की और नजदीकी सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Surat International Airport) पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई।
विमान के चालक दल (क्रू मेंबर्स), सह-यात्रियों में शामिल दो डॉक्टरों की तत्परता और हवाई अड्डा प्रशासन के बेहतरीन समन्वय (कोऑर्डिनेशन) के चलते बच्चे को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी, जिससे उसकी जान बच गई।
हवा में अचानक थम गईं सांसें; मदद के लिए आगे आए दो देवदूत
विमानन सूत्रों और सह-यात्रियों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 7:00 बजे इंडिगो के इस विमान ने 72 यात्रियों के साथ अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद, रात लगभग 8:20 बजे अपनी मां के साथ यात्रा कर रहे 3 वर्षीय बच्चे सौरभ (बदला हुआ नाम) की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा खराब हो गई और वह अपनी सीट पर ही अचेत (बेहोश) हो गया।
- क्रू ने मांगी मदद: बच्चे को अचेत देख उसकी मां चीखने लगी, जिसके बाद केबिन क्रू ने तुरंत विमान के लाउडस्पीकर पर घोषणा कर यात्रियों से किसी डॉक्टर के मौजूद होने की गुहार लगाई।
- यात्रियों में मौजूद थे दो डॉक्टर: विमान में सफर कर रहे दो डॉक्टरों ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला और बच्चे के पास पहुंचे। उन्होंने हवा में ही बच्चे को प्राथमिक उपचार (First Aid) और सीपीआर जैसी जरूरी मेडिकल सहायता देने की पूरी कोशिश की। हालांकि, प्राथमिक उपचार के बाद भी जब बच्चे की चेतना वापस नहीं आई, तो डॉक्टरों ने पायलट को तुरंत विमान लैंड कराने की सलाह दी।
पायलट की सूझबूझ और सूरत एयरपोर्ट का ‘इमरजेंसी रिस्पॉन्स’
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मुख्य पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और मेडिकल इमरजेंसी का हवाला देते हुए सूरत में आपातकालीन लैंडिंग की अनुमति मांगी। एटीसी की हरी झंडी मिलते ही विमान को सूरत की ओर डायवर्ट कर दिया गया।
रनवे पर पहले से तैनात थी लाइफ-सपोर्ट टीम:
जैसे ही सूरत एयरपोर्ट को इस इमरजेंसी की सूचना मिली, वहां का पूरा प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर आ गया। विमान के टचडाउन करने से पहले ही रनवे के पास केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान, एयरपोर्ट अथॉरिटी की विशेष मेडिकल टीम, इंडिगो का ग्राउंड स्टाफ और एक एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस मुस्तैद कर दी गई थी।
विमान रुकते ही अंदर पहुंचे डॉक्टर; अस्पताल में हालत स्थिर
सोमवार रात जैसे ही विमान ने सूरत रनवे पर लैंड किया, एयरपोर्ट की मेडिकल टीम तुरंत विमान के भीतर दाखिल हुई। डॉक्टरों ने विमान के अंदर ही बच्चे की स्थिति की जांच की और उसे शुरुआती वेंटिलेटरी सपोर्ट देकर तुरंत एम्बुलेंस के जरिए सूरत के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में शिफ्ट किया।
अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञों (Pediatricians) के अनुसार, समय पर ऑक्सीजन और प्राथमिक उपचार मिलने के कारण बच्चे की स्थिति अब पूरी तरह खतरे से बाहर है और वह होश में आ चुका है। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर लैंडिंग न होने की स्थिति में बच्चे के मस्तिष्क या दिल को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था। सभी तकनीकी और कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, इंडिगो की इस फ्लाइट ने रात 9:20 बजे सूरत से नवी मुंबई के लिए दोबारा उड़ान भरी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने संकट के समय त्वरित निर्णय लेने के लिए फ्लाइट के पायलट और क्रू की सराहना की है।
हवाई यात्रा के दौरान आपातकालीन चिकित्सा नियमों (DGCA Guidelines), सूरत एयरपोर्ट के रेस्क्यू वीडियो और बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़े हर ताज़ा
