रात 3 बजे सोईं, सुबह 8:30 बजे फिर उठीं सिंधु; बोलीं- शरीर थका हो तो कोर्ट पर पैर नहीं चलते

आइची-नागोया, जापान | 28 सितंबर 2026

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु का सफर महिला सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में खत्म हो गया। चीन की चेन यूफेई के खिलाफ सिंधु ने पहला गेम शानदार अंदाज में जीत लिया, लेकिन इसके बाद मुकाबला उनके हाथ से निकल गया। सिंधु को 11-21, 21-18, 21-10 से हार का सामना करना पड़ा।

हार के बाद सिंधु ने अपनी निराशा जाहिर की, लेकिन उनके बयान में एक और बड़ा मुद्दा सामने आया—मैचों के बीच बेहद कम रिकवरी टाइम। सिंधु के मुताबिक, उन्होंने करीब 18 घंटे के भीतर तीन मैच खेले। शनिवार देर रात उनका मुकाबला खत्म हुआ, होटल पहुंचने, खाना खाने और रिकवरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वह करीब रात 3 बजे सो पाईं। इसके बाद सुबह करीब 8:30 बजे फिर उठना पड़ा।

तीन मैचों के बीच नहीं मिला पर्याप्त आराम

सिंधु का शनिवार बेहद व्यस्त रहा। उनका पहला मुकाबला देरी से शुरू हुआ और इसके बाद अगले मैच के लिए कोर्ट में भी बदलाव हुआ। उनका तीसरा दौर का मुकाबला रात करीब 1 बजे तक चला।

मैच खत्म होने के बाद होटल लौटने में भी समय लगा। रात का खाना और रिकवरी पूरी करने के बाद सिंधु करीब 3 बजे सो सकीं। कुछ ही घंटों बाद उन्हें अगले क्वार्टर फाइनल के लिए तैयारी करनी थी।

सिंधु ने सोशल मीडिया पर लिखा कि तीन मैच 18 घंटे के भीतर खेलना शरीर पर भारी पड़ा। उन्होंने कहा कि कैंप के बाद उन्हें इस एशियन गेम्स से काफी उम्मीदें थीं और वह इससे कहीं ज्यादा हासिल करना चाहती थीं।

पहला गेम जीता, फिर लंबी रैलियों ने बढ़ाई परेशानी

चेन यूफेई के खिलाफ सिंधु ने मुकाबले की शुरुआत शानदार तरीके से की। उन्होंने पहला गेम 21-11 से अपने नाम किया।

दूसरे गेम में मुकाबला काफी करीबी रहा। स्कोर 18-18 तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद चेन ने लगातार अंक हासिल किए और गेम 21-18 से जीत लिया। निर्णायक गेम में चीनी खिलाड़ी ने लंबी रैलियों के जरिए सिंधु को लगातार कोर्ट पर दौड़ाया और 21-10 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

सिंधु ने भी माना कि निर्णायक मौकों पर लंबी रैलियों का असर पड़ा। उनका कहना था कि जब शरीर पूरी तरह रिकवर नहीं होता तो मानसिक तैयारी के बावजूद कोर्ट पर प्रदर्शन करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने विशेष रूप से पैरों की थकान का जिक्र किया।

‘रिकवरी सबसे जरूरी प्राथमिकता है’

सिंधु ने मैच के बाद कहा कि समस्या केवल मानसिक तैयारी की नहीं थी। उनके मुताबिक, ऐसे हालात में शरीर को रिकवर करने का समय मिलना ज्यादा जरूरी होता है।

उनका कहना था कि आप मानसिक रूप से मुकाबले के लिए तैयार महसूस कर सकते हैं, लेकिन अगर शरीर पर्याप्त रूप से रिकवर नहीं हुआ है तो लंबे रैलियों के दौरान उसका असर दिखाई देता है। उन्होंने यह भी कहा कि मुकाबला अच्छा था, लेकिन शेड्यूल बेहतर हो सकता था।

सिर्फ सिंधु ही नहीं, दूसरे खिलाड़ियों ने भी उठाए सवाल

एशियन गेम्स में बैडमिंटन के व्यस्त कार्यक्रम को लेकर केवल सिंधु ने ही चिंता जाहिर नहीं की। भारत की उन्नति हुड्डा को भी महिला सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में जापान की अकाने यामागुची से हार मिली। उन्होंने भी कहा कि वह अपनी हार का कारण केवल शेड्यूल को नहीं मानेंगी, लेकिन कार्यक्रम को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकता था।

अन्य खिलाड़ियों ने भी मैचों के बीच कम समय मिलने को लेकर अपनी परेशानी जाहिर की। रिपोर्टों के मुताबिक, जापान के कोडाई नाराओका और इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी समेत कुछ खिलाड़ियों ने भी व्यस्त कार्यक्रम और कम रिकवरी समय पर सवाल उठाए।

वीडियो रिव्यू नहीं होने पर भी सिंधु ने जताई निराशा

सिंधु ने सिर्फ शेड्यूल पर ही सवाल नहीं उठाए। उन्होंने अपने क्वार्टर फाइनल कोर्ट पर वीडियो रिव्यू सिस्टम उपलब्ध नहीं होने को लेकर भी निराशा जाहिर की।

रिपोर्टों के मुताबिक, जिस कोर्ट पर सिंधु खेल रही थीं वहां Hawkeye या खिलाड़ी द्वारा लाइन-कॉल चैलेंज की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जबकि कुछ अन्य कोर्ट पर यह तकनीक मौजूद थी। सिंधु का मानना था कि क्वार्टर फाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबले में ऐसी तकनीक उपलब्ध होनी चाहिए थी।

हार के बावजूद सिंधु का हौसला कायम

क्वार्टर फाइनल की हार के बाद सिंधु ने कहा कि उन्हें उन तीन अंकों का अफसोस रहेगा, जिनके बाद दूसरा गेम उनके हाथ से निकल गया। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह हार उनके लंबे करियर को परिभाषित नहीं करती।

2014 में एशियन गेम्स में पदार्पण करने वाली सिंधु ने 2026 में अपना चौथा एशियन गेम्स खेला। उन्होंने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 12 साल का सफर उनके लिए गर्व की बात है और वह आगे भी प्रतिस्पर्धा जारी रखना चाहती हैं।

सिंधु ने अपने समर्थकों का भी शुक्रिया अदा किया और कहा कि वह फिर वापसी करेंगी। उनके बयान से साफ है कि क्वार्टर फाइनल की यह हार निराशाजनक जरूर रही, लेकिन उनके भीतर आगे खेलने और बेहतर प्रदर्शन करने की इच्छा अभी कायम है।

एक नजर में

  • खिलाड़ी: पीवी सिंधु
  • प्रतियोगिता: एशियन गेम्स 2026
  • इवेंट: महिला सिंगल्स बैडमिंटन
  • क्वार्टर फाइनल प्रतिद्वंद्वी: चेन यूफेई, चीन
  • स्कोर: 21-11, 18-21, 10-21
  • मुख्य मुद्दा: कम समय में लगातार मैच और रिकवरी का समय
  • सिंधु के अनुसार: करीब 18 घंटे में तीन मैच
  • सोने का समय: करीब रात 3 बजे
  • अगली तैयारी: सुबह करीब 8:30 बजे उठना
  • सिंधु की प्रतिक्रिया: शारीरिक रिकवरी बेहद महत्वपूर्ण
  • एक और मुद्दा: उनके कोर्ट पर वीडियो रिव्यू सुविधा उपलब्ध नहीं थी
  • एशियन गेम्स में सिंधु: चौथी भागीदारी

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