बच्चों की स्क्रीन टाइम पर लगेगा कंट्रोल”, सरकार की नई पहल; मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते असर पर चिंता

नई दिल्ली/ 11 march 2026

बच्चों में तेजी से बढ़ते मोबाइल और सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर सरकार और शिक्षा विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। हाल ही में आई रिपोर्ट्स के अनुसार, छोटे बच्चों द्वारा लंबे समय तक स्मार्टफोन इस्तेमाल करने से उनकी पढ़ाई, नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसी वजह से सरकार बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर जागरूकता बढ़ाने और अभिभावकों को सतर्क करने की दिशा में नए कदम उठा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बहुत अधिक स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में एकाग्रता की कमी, आंखों से जुड़ी समस्याएं, चिड़चिड़ापन और सामाजिक व्यवहार में बदलाव देखने को मिल रहा है। इस समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञ अभिभावकों को सलाह दे रहे हैं कि वे बच्चों के मोबाइल उपयोग पर सीमित समय तय करें और उन्हें आउटडोर गतिविधियों, खेल-कूद और रचनात्मक कार्यों में अधिक शामिल करें।

सरकार की योजना के तहत स्कूलों और समुदायों में डिजिटल वेल-बीइंग और साइबर जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा माता-पिता को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चों को कम उम्र में स्मार्टफोन देने के बजाय उनकी पढ़ाई, खेल और सामाजिक विकास पर अधिक ध्यान दिया जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते बच्चों के स्क्रीन टाइम को संतुलित नहीं किया गया तो इसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य के विकास पर पड़ सकता है। इसलिए माता-पिता को बच्चों के साथ समय बिताने, उनकी गतिविधियों पर ध्यान देने और डिजिटल उपकरणों का सीमित उपयोग सुनिश्चित करने की सलाह दी जा रही है।