मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में हड़ताल पर 8 हजार जूनियर डॉक्टर, ओपीडी और सामान्य ऑपरेशन ठप

 भोपाल | 09 मार्च 2026

मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत करीब 8 हजार जूनियर डॉक्टर सोमवार सुबह 9 बजे से हड़ताल पर चले गए हैं। लंबित स्टाइपेंड संशोधन की मांग को लेकर शुरू हुई इस हड़ताल का असर प्रदेश के बड़े अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर साफ दिखाई दे रहा है। हड़ताल के कारण डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीजों का इलाज बंद कर दिया है और सामान्य ऑपरेशन भी नहीं किए जा रहे हैं।

हड़ताल का सबसे ज्यादा असर राजधानी Bhopal स्थित Gandhi Medical College सहित प्रदेश के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में देखा जा रहा है। यहां कई विभागों की नियमित सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। स्त्री रोग विभाग में पीपीटीसीटी काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर, फर्टिलिटी क्लिनिक और एएनसी रूम जैसी व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुई हैं।

मरीजों को करना पड़ रहा लंबा इंतजार

जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से अस्पतालों में इलाज के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीज सुबह से ही अपनी बारी के इंतजार में अस्पताल परिसर में बैठे हैं।

मरीज अनवर ने बताया कि वे सुबह से इलाज के लिए भटक रहे हैं। उनके पैरों में दर्द है और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें डॉक्टर की जरूरत है, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें लगातार इंतजार करना पड़ रहा है। मरीज अपनी परेशानी बता ही रहे थे कि अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें वहां से हटा दिया।

वरिष्ठ डॉक्टरों पर बढ़ा दबाव

आमतौर पर अस्पतालों में वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ जूनियर डॉक्टर भी बड़ी जिम्मेदारी निभाते हैं। वे ओपीडी, वार्ड और कई विभागों की नियमित सेवाएं संभालते हैं। ऐसे में उनके हड़ताल पर जाने से वरिष्ठ डॉक्टरों पर काम का दबाव बढ़ गया है और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

स्टाइपेंड संशोधन को लेकर विरोध

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) का कहना है कि लंबे समय से स्टाइपेंड संशोधन की मांग लंबित है। कई बार सरकार को ज्ञापन देने के बावजूद इस पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। इसी के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया है।

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे ओपीडी सेवाएं नहीं देंगे।

स्वास्थ्य मंत्री से होगी मुलाकात

इस मुद्दे को लेकर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधि जल्द ही राज्य के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री Rajendra Shukla से मुलाकात करेंगे। बताया जा रहा है कि Jabalpur इकाई के अध्यक्ष डॉ. शुभम शर्मा सोमवार दोपहर स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर डॉक्टरों की मांगों पर चर्चा करेंगे।

जूडा ने कहा है कि इस बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं और मरीजों को इलाज के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है।