दिनांक: 13 जून, 2026
नई दिल्ली/वॉशिंगटन: खाड़ी क्षेत्र (ओमान के समुद्र) में अमेरिकी नौसेना द्वारा एक वाणिज्यिक जहाज पर किए गए घातक मिसाइल हमले में तीन निर्दोष भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत और अमेरिका के बीच राजनयिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात कर नई दिल्ली का कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
वाणिज्यिक जहाजों पर हमले जायज नहीं: जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए अमेरिकी कार्रवाई की सख्त आलोचना की। उन्होंने लिखा:
“आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की। मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर भारत का कड़ा विरोध दोहराया है। कमर्शियल (वाणिज्यिक) जहाजों के खिलाफ इस तरह की घातक कार्रवाई किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है।”
क्या थी पूरी घटना?
जानकारी के अनुसार, ओमान के तट के पास पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर ‘एमटी सेटेबेलो’ (MT Settebello) पर अमेरिकी नौसेना के एफ-18 सुपर हॉर्नेट लढाकू विमान ने मिसाइल दाग दी थी। मिसाइल सीधे जहाज के इंजन रूम पर जाकर लगी।
- भारतीय क्रू मेंबर्स: इस जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे।
- बचाव और मौत: हमले के बाद 21 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन शुरू में लापता हुए तीन भारतीय नाविकों की इस भीषण हमले में दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है। अमेरिका का दावा था कि यह जहाज उसकी प्रतिबंधों की सूची में था, लेकिन भारत ने स्पष्ट किया है कि इसमें काम करने वाले क्रू मेंबर्स निर्दोष नागरिक थे।
24 घंटे में दो बार अमेरिकी राजनयिक तलब
इस घटना को लेकर भारत सरकार बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है। विदेश मंत्री के फोन करने से ठीक पहले, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार अमेरिकी दूतावास के कार्यवाहक उप-प्रमुख (DCM) जेसन मीक्स को तलब किया था। भारत ने अमेरिकी राजनयिक के सामने सख्त शब्दों में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के मार्गों में इस प्रकार की सैन्य कार्रवाई ‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’ है और यह समुद्र में नागरिकों की सुरक्षा के वैश्विक नियमों का उल्लंघन है।
डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर आरोप, यूएन ने जताई चिंता
इस बीच, यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गरमा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरी स्थिति पर एक नया दावा करते हुए हमले का ठीकरा ईरान पर फोड़ने की कोशिश की है। ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुझ और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय क्रू वाले जहाजों पर तनाव के पीछे ईरान समर्थित ताकतें हैं। हालांकि, ईरान ने अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘पूरी तरह बेबुनियाद’ बताया है।
दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने भी अमेरिकी नौसेना की इस कार्रवाई की तीखी आलोचना की है। आईएमओ ने बयान जारी कर कहा है कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और निर्दोष नाविकों की सुरक्षा का हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए।
