उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण: कई मंदिर 9 फीट पीछे शिफ्ट, 12 धर्मस्थल हटे; शाही मस्जिद का हिस्सा भी हटाया जा रहा

उज्जैन | 29 सितंबर 2026

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। इस परियोजना के रास्ते में आने वाले मकानों के साथ धार्मिक स्थलों को भी हटाया या पीछे स्थानांतरित किया जा रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस मार्ग पर चिन्हित 14 धर्मस्थलों में से 12 को अब तक हटाया जा चुका है। इनमें कुछ मंदिरों को तोड़ने के बजाय उनकी संरचना को सुरक्षित रखते हुए करीब 9 फीट पीछे शिफ्ट किया गया है। वहीं, शाही मस्जिद के सड़क की ओर आने वाले हिस्से को भी हटाने की प्रक्रिया जारी है।

9 फीट पीछे किए गए मंदिर

सड़क चौड़ीकरण के दौरान संकटमोचन हनुमान मंदिर, शिव मंदिर और गणेश मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों को लेकर प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच सहमति से काम आगे बढ़ाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इन मंदिरों को नुकसान पहुंचाने के बजाय करीब 9-9 फीट पीछे स्थानांतरित किया गया।

मंदिरों से जुड़े पुजारियों ने प्रशासन के अनुरोध पर सहयोग किया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य धार्मिक संरचनाओं को यथासंभव सुरक्षित रखते हुए सड़क के लिए जरूरी जगह उपलब्ध कराना बताया गया है।

14 में से 12 धर्मस्थल हटाए गए

प्रशासन के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण की निर्धारित सीमा में कुल 14 धार्मिक स्थल आ रहे थे। इनमें से अब तक 12 धर्मस्थलों को हटाया जा चुका है। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी धर्मस्थलों को ध्वस्त किया गया—कुछ को स्थानांतरित किया गया है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 9 सितंबर के आदेश में भी राज्य की ओर से यह बताया गया था कि सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में बाधा बन रहे धार्मिक स्थलों को समान रूप से हटाया या स्थानांतरित किया जा रहा है। अदालत के समक्ष सरकार की ओर से कहा गया था कि शहर में करीब 80 धार्मिक संरचनाओं को सड़क चौड़ीकरण के लिए शिफ्ट या हटाया जाना प्रस्तावित है और संबंधित मार्ग पर 11 धार्मिक संरचनाएं पहले ही हटाई जा चुकी थीं।

शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने का काम जारी

इसी सड़क चौड़ीकरण के तहत शाही मस्जिद का सड़क की ओर आने वाला हिस्सा भी हटाया जा रहा है। सोमवार को इस कार्रवाई को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बनी थी और पुलिस पर पथराव के बाद आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था।

हालांकि, सोमवार की कार्रवाई के बाद मस्जिद कमेटी और प्रशासन के बीच बनी सहमति के तहत प्रभावित हिस्से को हटाने का काम आगे बढ़ा। पुलिस के मुताबिक, मस्जिद कमेटी के सदस्य खुद इस प्रक्रिया में शामिल थे।

मंगलवार सुबह भी मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। पुलिस की मौजूदगी में प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी रहा। उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने स्थिति को नियंत्रण में बताया और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

हाईकोर्ट में भी हुई सुनवाई

शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में भी सुनवाई हुई। 28 सितंबर को अदालत ने संबंधित अपीलों का निपटारा करते हुए मस्जिद प्रशासन और उज्जैन नगर निगम के बीच हुए समझौते को रिकॉर्ड पर लिया। अदालत ने नगर निगम की ओर से दिए गए आश्वासनों को बाध्यकारी माना।

इससे पहले 9 सितंबर को हाईकोर्ट ने शाही मस्जिद के हिस्से को सड़क चौड़ीकरण से हटाने के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज किया था। अदालत के आदेश में सड़क चौड़ीकरण को आगामी सिंहस्थ और यातायात व्यवस्था के संदर्भ में सार्वजनिक हित से जोड़ा गया था।

323 मकान भी परियोजना के दायरे में

सड़क चौड़ीकरण परियोजना केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं है। प्रशासन की योजना के तहत कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के दायरे में आने वाले 323 मकानों को हटाया जा चुका है।

इस सड़क का चौड़ीकरण सिंहस्थ-2028 से पहले यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही को बेहतर बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। पहले की रिपोर्टों के अनुसार, कंठाल से गोपाल मंदिर वाले हिस्से में सड़क की चौड़ाई करीब 9 मीटर से बढ़ाकर 15 मीटर करने की योजना है।

अब खड़े हनुमान मंदिर और शाही मस्जिद पर नजर

सड़क पर ज्यादातर बाधाएं हटाए जाने के बाद अब खड़े हनुमान मंदिर और शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को लेकर प्रक्रिया सबसे ज्यादा चर्चा में है। खड़े हनुमान मंदिर को लेकर पहले भी प्रशासन को प्रतिमा स्थानांतरित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा था।

फिलहाल शाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है और प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने तथा सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने की अपील की जा रही है।

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