निज्जर की हत्या से लेकर मूसेवाला मर्डर तक, सलमान खान को धमकी… FBI की टॉप-10 लिस्ट में गोल्डी बराड़ की पूरी कहानी

नई दिल्ली | 29 सितंबर 2026

पंजाब के फरीदकोट से निकलकर अंतरराष्ट्रीय अपराध जगत में चर्चा में आए सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ का नाम अब अमेरिका की सबसे चर्चित भगोड़ा सूची में शामिल हो गया है। FBI ने 28 सितंबर 2026 को उसे अपनी Ten Most Wanted Fugitives सूची में शामिल किया। अमेरिकी एजेंसी के मुताबिक बराड़ लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप में कथित तौर पर उत्तरी अमेरिका का नेता है और उसके खिलाफ रैकेटियरिंग, जबरन वसूली और ड्रग्स से जुड़े संघीय आरोप हैं। उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए 10 लाख डॉलर तक का इनाम रखा गया है।

गोल्डी बराड़ का नाम भारत में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या, अभिनेता सलमान खान को दी गई धमकियों और अब अमेरिका में सामने आए हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड से जुड़े आरोपों के कारण लगातार चर्चा में रहा है। हालांकि इन मामलों में सभी आरोपों की कानूनी स्थिति एक जैसी नहीं है और अलग-अलग जांच एजेंसियों के आरोपों को तथ्य के रूप में पेश करने से बचना जरूरी है।

कौन है गोल्डी बराड़?

गोल्डी बराड़ का असली नाम सतिंदरजीत सिंह है और वह पंजाब के फरीदकोट जिले से बताया जाता है। भारतीय एजेंसियों के मुताबिक उसका संबंध लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से रहा है।

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, बराड़ ने बिश्नोई गिरोह के उत्तरी अमेरिकी नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जुलाई 2026 में अमेरिका ने बिश्नोई, बराड़ और अन्य आरोपियों के खिलाफ ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम से जुड़े मामले में अभियोग जारी किया था। अमेरिकी अभियोग में बराड़ को बिश्नोई संगठन का North American leader बताया गया है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह नेटवर्क कथित तौर पर जबरन वसूली, लक्षित हत्याओं, गोलीबारी, अपहरण और ड्रग तस्करी जैसी गतिविधियों से जुड़ा रहा है। ये अभियोग में लगाए गए आरोप हैं और अदालत में इनका परीक्षण होना बाकी है।

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से क्या कनेक्शन?

29 मई 2022 को पंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की पंजाब के मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

मामले की जांच के दौरान गोल्डी बराड़ का नाम प्रमुख आरोपियों में सामने आया। भारतीय पुलिस और जांच एजेंसियों ने उस पर हत्या की साजिश में भूमिका होने का आरोप लगाया। बराड़ के नाम से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी सामने आई थी, जिसमें हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था।

अमेरिकी दस्तावेजों में भी मूसेवाला हत्याकांड और बिश्नोई नेटवर्क की गतिविधियों का संदर्भ आया है। हालांकि किसी आपराधिक मामले में आरोप और दोषसिद्धि अलग-अलग कानूनी चरण होते हैं।

मूसेवाला हत्याकांड को लेकर भारतीय जांच में गैंगवार और पुराने आपराधिक विवादों से जुड़े एंगल भी सामने आए थे।

सलमान खान को धमकियों से भी जुड़ा नाम

गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का नाम बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को दी गई धमकियों के मामलों में भी सामने आया है।

अमेरिकी न्याय विभाग के जुलाई 2026 के दस्तावेजों में बिश्नोई नेटवर्क द्वारा प्रमुख लोगों को डराने-धमकाने और हाई-प्रोफाइल हिंसक घटनाओं का इस्तेमाल कथित आपराधिक प्रभाव बढ़ाने के लिए किए जाने का उल्लेख है। इसी व्यापक नेटवर्क के संदर्भ में सलमान खान से जुड़ी धमकियों का भी जिक्र सामने आया है।

अमेरिकी अभियोग के अनुसार, बिश्नोई नेटवर्क कथित तौर पर सोशल मीडिया और ऑनलाइन पोस्ट के जरिए अपनी हिंसक छवि को बढ़ाता था और उसका इस्तेमाल लोगों से जबरन वसूली के लिए किया जाता था।

निज्जर हत्याकांड में पहली बार अमेरिकी आरोपों से जुड़ा नाम

अब गोल्डी बराड़ के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई में सबसे बड़ा नया आरोप हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से जुड़ा है।

निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित सरे में एक सिख गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

जुलाई 2026 में अमेरिकी अभियोग में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप लगाया गया। अमेरिकी दस्तावेज में निज्जर को “H.S.N.” के रूप में संदर्भित किया गया है और कहा गया है कि दो हमलावरों ने उन्हें गोली मारी।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि अमेरिकी अभियोग आरोप हैं, अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं। गोल्डी बराड़ के खिलाफ इन आरोपों पर अदालत में मुकदमे की प्रक्रिया अलग विषय है।

भारत से भागकर विदेश में बनाया नेटवर्क

भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार, गोल्डी बराड़ ने विदेश में रहते हुए पंजाब और भारत के दूसरे हिस्सों में मौजूद आपराधिक नेटवर्क के साथ संपर्क बनाए रखा।

2022 के आसपास उसके कनाडा में होने की रिपोर्ट सामने आती रही थीं। बाद में अमेरिकी एजेंसियों ने उसे अमेरिका में स्थित बताया। FBI की मौजूदा जानकारी के अनुसार वह अमेरिका में रह रहा हो सकता है और उसके कनाडा तथा अन्य देशों से भी संबंध बताए गए हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग का आरोप है कि बिश्नोई ने अपने नेटवर्क के संचालन के लिए भरोसेमंद सहयोगियों को जिम्मेदारियां दी थीं और बराड़ उनमें से एक था।

FBI की टॉप-10 लिस्ट में कैसे पहुंचा?

28 सितंबर 2026 को FBI ने गोल्डी बराड़ को अपनी Ten Most Wanted Fugitives सूची में शामिल किया। FBI के अनुसार वह इस सूची में शामिल होने वाला 543वां व्यक्ति है।

उसके खिलाफ अमेरिका में तीन प्रमुख संघीय आरोपों का उल्लेख किया गया है:

  • Racketeer Influenced and Corrupt Organizations (RICO) conspiracy
  • जबरन वसूली के जरिए व्यापार में हस्तक्षेप की साजिश
  • नियंत्रित नशीले पदार्थों की तस्करी की साजिश

FBI के मुताबिक बराड़ को पकड़ने में मदद करने वाली सूचना पर 10 लाख डॉलर तक का इनाम है।

50 हजार डॉलर से बढ़कर 10 लाख डॉलर

गोल्डी बराड़ के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई जुलाई 2026 में भी चर्चा में आई थी। उस समय FBI ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए 50 हजार डॉलर का इनाम घोषित किया था।

सितंबर में उसे Ten Most Wanted सूची में शामिल किए जाने के साथ इनाम 10 लाख डॉलर तक कर दिया गया। FBI ने मार्च 2026 में अपनी Ten Most Wanted सूची के लिए अधिकतम इनाम राशि को बढ़ाकर 10 लाख डॉलर तक करने की घोषणा की थी।

बिश्नोई गैंग का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क

अमेरिकी जांच के मुताबिक बिश्नोई संगठन का नेटवर्क भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों तक फैला हुआ था। अमेरिकी अभियोग में इस नेटवर्क पर हिंसा, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी सहित कई अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार जुलाई 2026 में Operation Hard Ball के तहत तीन भारत-आधारित ट्रांसनेशनल क्राइम ग्रुप्स से जुड़े 37 लोगों पर आरोप लगाए गए, जबकि 24 लोगों को अमेरिका, कनाडा और यूरोप में गिरफ्तार किया गया था।

गोल्डी बराड़ उन लोगों में शामिल है जिन्हें अमेरिकी एजेंसियां अब भी तलाश रही हैं।

भारत में भी वांटेड

अमेरिकी कार्रवाई से पहले से ही गोल्डी बराड़ भारत में कई आपराधिक मामलों में वांछित रहा है। उसके खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी और पंजाब पुलिस की कार्रवाई भी पहले से चलती रही है।

भारतीय एजेंसियों के रिकॉर्ड में उसका नाम हत्या, जबरन वसूली और आपराधिक नेटवर्क से जुड़े मामलों में सामने आया है। भारतीय केंद्रीय एजेंसियों द्वारा तैयार एक डोजियर में उस पर हथियारों और विस्फोटक सामग्री की तस्करी तथा हत्या के लिए शूटर उपलब्ध कराने जैसे आरोप भी लगाए गए थे।

अब आगे क्या?

FBI के मुताबिक गोल्डी बराड़ फिलहाल फरार है और अमेरिकी एजेंसियां उसे पकड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ काम कर रही हैं। FBI ने लोगों से उसके साथ संपर्क करने के बजाय सीधे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचना देने की अपील की है।

गोल्डी बराड़ के खिलाफ अमेरिका में लगाए गए आरोपों की सुनवाई अदालत में होगी। वहीं भारत और कनाडा से जुड़े मामलों की कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग चलती रही है। ऐसे में उसके खिलाफ सामने आए अलग-अलग आरोपों को उनके संबंधित जांच और न्यायिक रिकॉर्ड के संदर्भ में देखना जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *