लंदन | 20 जुलाई 2026
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा ने आखिरकार अपने संन्यास को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में शानदार शतक जड़ने के बाद रोहित ने पहली बार खुलकर रिटायरमेंट की अफवाहों और लगातार हो रही आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनका पूरा ध्यान केवल भारतीय टीम के लिए प्रदर्शन करने पर है और बाहर होने वाली चर्चाओं से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच हो सकता है। इन खबरों ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी थी। हालांकि मैच से पहले ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैकिया ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया था। इसके बाद रोहित ने भी अपने प्रदर्शन और बयान से स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल उनके संन्यास की कोई योजना नहीं है।
मैच के बाद BCCI द्वारा साझा किए गए वीडियो में रोहित शर्मा ने कहा, “मेरा काम बल्ले से प्रदर्शन करना है। मैदान पर उतरना, अपने देश का प्रतिनिधित्व करना और टीम के लिए खेलना मेरी जिम्मेदारी है। जब से मैंने डेब्यू किया है, तभी से यही काम कर रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा।” उन्होंने कहा कि लोगों का काम बातें करना है, लेकिन उनका काम मैदान पर अपने खेल से जवाब देना है।
रोहित ने आलोचनाओं पर बेबाक अंदाज में कहा, “जब से मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा है, तब से यह शोर हमेशा रहा है। जब तक मैं खेलूंगा, यह शोर चलता रहेगा। शोर होने दीजिए, तभी तो मजा है। मेरा काम मैदान के अंदर है और बाहर क्या कहा जा रहा है, वह दूसरों का काम है। मैं इसे लेकर बिल्कुल परेशान नहीं होता।” उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर काफी सराहा जा रहा है और प्रशंसक इसे आलोचकों के लिए करारा जवाब मान रहे हैं।
रोहित शर्मा ने केवल शब्दों से ही नहीं बल्कि अपने बल्ले से भी जवाब दिया। लॉर्ड्स में इंग्लैंड द्वारा दिए गए 388 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने 138 रनों की शानदार पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का 34वां शतक था। उन्होंने विराट कोहली के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई और टीम को जीत की उम्मीद दिलाई। हालांकि भारतीय टीम लक्ष्य से 27 रन पीछे रह गई और सीरीज 1-2 से हार गई, लेकिन रोहित की बल्लेबाजी की हर तरफ तारीफ हुई।
मैच के बाद रोहित ने हार पर निराशा भी जताई। उन्होंने कहा कि टीम ने कई मौकों पर अच्छी क्रिकेट खेली, लेकिन निर्णायक क्षणों में कुछ छोटी गलतियां भारी पड़ गईं। उन्होंने युवा गेंदबाजों का बचाव करते हुए कहा कि कई खिलाड़ी अभी अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में नए हैं और उन्हें समय देने की जरूरत है। रोहित ने भरोसा जताया कि टीम इन गलतियों से सीखकर आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
इंग्लैंड में खेलने के अनुभव पर रोहित ने कहा कि उन्हें यहां की परिस्थितियां हमेशा पसंद रही हैं क्योंकि यहां हर मैच बल्लेबाजों के लिए नई चुनौती लेकर आता है। उन्होंने विराट कोहली के साथ अपनी साझेदारी को भी खास बताया और कहा कि दोनों लंबे समय से साथ खेल रहे हैं, इसलिए एक-दूसरे के खेल को अच्छी तरह समझते हैं। यही कारण है कि दबाव की परिस्थितियों में भी दोनों के बीच अच्छी साझेदारी देखने को मिलती है।
रोहित शर्मा के इस बयान के बाद उनके भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। उन्होंने साफ संकेत दिया है कि उनका पूरा फोकस अभी भारतीय टीम के लिए रन बनाने, मैच जिताने और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी पर है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह की बल्लेबाजी रोहित ने लॉर्ड्स में दिखाई, उससे यह स्पष्ट है कि उनमें अभी भी काफी क्रिकेट बाकी है।
