दिनांक: 13 जून, 2026
विशेष ब्यूरो: पुलिस ने पहचान छिपाकर युवती से दोस्ती करने, बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) करने और जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के मामले में एक मुख्य आरोपी और उसके साथियों को गिरफ्तार किया है। पीड़ित युवती की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, धोखाधड़ी और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (धर्मांतरण विरोधी कानून) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित युवती द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, करीब एक साल पहले सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी मुलाकात ‘साहिल’ नाम के एक युवक से हुई थी। युवक ने खुद को हिंदू बताते हुए युवती से नजदीकियां बढ़ाईं और उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। कुछ समय बाद, आरोपी ने शादी का झांसा देकर युवती को एक एकांत स्थान पर बुलाया, जहाँ उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर युवती को बंधक बना लिया।
असली पहचान उजागर होने पर प्रताड़ना
पीड़िता का आरोप है कि बंधक बनाए जाने के बाद उसे पता चला कि जिसे वह साहिल समझ रही थी, उसका असली नाम फहीम है। इसके बाद फहीम और उसके साथियों ने पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर पीड़िता को बेरहमी से पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया:
“आरोपियों ने मुझ पर इस्लाम धर्म अपनाने का भारी दबाव बनाया। मुख्य आरोपी ने मुझसे कहा कि यदि मैं मुस्लिम बनना चाहती हूँ और ‘जन्नत’ जाना चाहती हूँ, तो मुझे गोमांस (बीफ) खाना होगा, क्योंकि यह उनके यहाँ धर्म परिवर्तन की पहली शर्त है। जब मैंने इसका कड़ा विरोध किया, तो उन्होंने मुझे और ज्यादा प्रताड़ित किया।”
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारियां
किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर पीड़िता ने अपने परिवार को आपबीती सुनाई, जिसके बाद तुरंत स्थानीय थाने में मामला दर्ज कराया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई के लिए टीमों का गठन किया गया।
पुलिस अधीक्षक (SP) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्य आरोपी फहीम और वारदात में उसका साथ देने वाले दो अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना स्थल से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है।
कानूनी शिकंजा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों में चार्जशीट जल्द से जल्द दाखिल कर मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा, ताकि पीड़िता को त्वरित न्याय मिल सके। इलाके में एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह न फैलाने की अपील की है।
