नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026
भारत के कई हिस्सों में इस साल बारिश और बर्फबारी सामान्य से कम दर्ज की गई है, जिसका प्रमुख कारण जलवायु परिवर्तन को माना जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बदलते जलवायु पैटर्न का असर अब खेती और जल संसाधनों पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
1. कई क्षेत्रों में कम हुई बारिश और बर्फबारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में इस बार सर्दियों के दौरान बर्फबारी सामान्य से कम हुई, जबकि कई राज्यों में बारिश भी औसत से नीचे रही।
2. खेती पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि कम बारिश और बर्फबारी के कारण मिट्टी में नमी की कमी हो सकती है, जिससे गेहूं और अन्य रबी फसलों की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।
3. जल स्रोतों पर भी बढ़ेगा दबाव
कम बर्फबारी का असर नदियों और जलाशयों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि गर्मियों में हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने से मिलने वाला पानी कम हो सकता है।
4. वैज्ञानिकों की चेतावनी
जलवायु विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि इसी तरह मौसम के पैटर्न में बदलाव जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में खाद्य सुरक्षा और जल प्रबंधन की चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं।

