नई दिल्ली / श्रीनगर / पटना | 8 अगस्त, 2026
देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून का प्रकोप लगातार तीव्र होता जा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी और खराब मौसम के चलते प्रशासन ने एहतियातन बड़े कदम उठाए हैं। भारी बारिश और भूस्खलन (Landslides) के कारण पवित्र अमरनाथ यात्रा को जम्मू बेस कैंप से फिलहाल रोक दिया गया है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे लगे एनसीआर (NCR) क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश से सड़कों पर पानी भर गया, जिससे वाहन फंस गए और भारी जाम लग गया। इसके अलावा बिहार के बगहा में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और 300 से अधिक घरों में पानी घुस गया है।
1. खराब मौसम और लैंडस्लाइड के चलते अमरनाथ यात्रा स्थगित
खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के कारण तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं:
- यात्रा रोकी गई: जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर विभिन्न स्थानों पर हुए भूस्खलन और फिसलन भरी सड़कों के कारण स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले नए जत्थों की रवानगी पर रोक लगा दी है।
- अधिकारियों का कहना है कि मौसम में सुधार होने और रास्तों की पूरी तरह मरम्मत होने के बाद ही यात्रा को दोबारा सुचारू किया जाएगा।
2. दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम
शनिवार सुबह से ही दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद) में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया:
- सड़कें बनीं झील: कुछ ही घंटों की बारिश से कई प्रमुख चौराहों और अंडरपास में भारी जलभराव हो गया, जिससे वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए।
- लंबा जाम: ऑफिस जाने वाले लोगों और यात्रियों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस ने जलभराव वाले रूटों पर वाहन चालकों को सावधानी बरतने और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी है।
3. बिहार के बगहा में गंडक का तांडव: 300 घर डूबे
बिहार के पश्चिम चंपारण (बगहा) जिले में लगातार बारिश और गंडक नदी के उफान पर होने के कारण हालात गंभीर हो गए हैं:
- बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुसा: गंडक नदी और स्थानीय रोहुआ नाले के ओवरफ्लो होने से निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लगभग 250 से 300 घर और बस्तियां जलमग्न हो गई हैं।
- लोगों का पलायन: कई परिवारों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों, सड़कों और ऊंचे स्कूलों में शरण लेनी पड़ी है। खाने-पीने और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है।
